जीवन परिचय
Duration
1hr 36m
Language
Hindi
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Category
Stories
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1 - अमृता प्रीतम
09 min 27 sec
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2 - भीष्म साहनी
08 min 46 sec
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3 - हरिवंश राय बच्चन
08 min 47 sec
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4 - जैनेन्द्र कुमार
09 min 48 sec
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5 - माखनलाल चतुर्वेदी
09 min 59 sec
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6 - मुंशी प्रेमचंद
10 min 38 sec
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7 - मनोहर श्याम जोशी
07 min 45 sec
3
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8 - साहिर लुधियानवी
10 min 34 sec
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9 - विजय तेंदुलकर
09 min 30 sec
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10 - लाला लाजपत राय
10 min 54 sec
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जीवन परिचय
About Show
| Episodes | Duration | |||
1 . अमृता प्रीतमभारतीय साहित्य में अमृता प्रीतम का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति इस नाम से अपरिचित होगा। अमृता जी एक ऐसी लेखिका है, जिनकी कृतियों का अनुवाद विश्व की 34 भाषाओं में हुआ और साथ ही अनेक भारतीय भाषाओं में भी अनुवाद किया गया है। उनकी रचनाओं में उपन्यास, कविता संग्रह, स्नस्म्रुतिया तथा निबन्ध है। उनकी कई कहानियों पर टीवी धारावाहिक भी बन चुके है तथा फिल्मों का निर्माण हुआ है, जिसमें 'पिंजर', 'पिंजर और डाकू' जैसी फिल्में तथा 'कशमकश' जैसे टीवी सीरियलस सम्मिलित है। इस एपिसोड हम आपको अमृता प्रीतम जी के जीवन से जुड़ी बहुत सी दिलचस्प बातें बताएंगे। More | 09 min 27 sec | |||
2 . भीष्म साहनीबहुमुखी प्रतिभा के धनी भीष्म साहनी आम लोगों की आवाज़ उठाने और हिंदी के महान लेखक प्रेमचंद की जनसमस्याओं को उठाने की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले साहित्यकार के तौर पर पहचाने जाते हैं। वे आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रमुख स्तंभों में से थे। साहनी जी एक ऐसे साहित्यकार थे जो बात को केवल कह देना ही नहीं बल्कि बात की सच्चाई और गहराई को नाप लेना भी उतना ही उचित समझते थे। वे एक प्रसिद्ध हिंदी लेखक, नाटककार और कलाकार थे। आज हम हिंदी साहित्य के इसी महान कलाकार के बारे में आपको विस्तार से बताएंगे। More | 08 min 46 sec | |||
3 . हरिवंश राय बच्चनहरिवंश राय बच्चन जिनकी कई कवितायेँ आज हम सुनते और उनका आनंद लेते हैं। आज वे हमारे बीच तो नहीं हैं, लेकिन उनकी कविताये उन्हें सदैव सजीव रखती हैं। उनकी कविता वास्तविकता का दर्पण हैं, जिनमें जीवन की सच्चाई का अनूठा विवरण मिलता हैं। इन्हें छाया वाद का कवी भी कहा जाता हैं। भारतीय सिनेमा जगत के सुपर स्टार श्री अमिताभ बच्चन के पिता के तौर पर इनकी ख्याति और भी अधिक प्रभावशील हैं। उनकी अनोखी शैली उनकी कृतियों से भी साफ़ जाहिर होती हैं। हरिवंश राय बच्चन को हिंदी के महान कवियों के रूप में जाना जाता हैं। स्वयं अमिताभ बच्चन भी अपने पिता की कविताओं को कई बार अलग-अलग समारोह में सुनाते आए हैं। इस एपिसोड में सुनिए श्री हरिवंश राय बच्चन की जीवनी से जुड़ी कुछ प्रेरणादायक बातें। More | 08 min 47 sec | |||
4 . जैनेन्द्र कुमारहिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कथाकार, उपन्यासकार तथा निबंधकार थे, जैनेन्द्र कुमार। ये हिंदी उपन्यास के इतिहास में मनोविश्लेषणात्मक परंपरा के प्रवर्तक के रूप में मान्य हैं। जैनेन्द्र, अपने पात्रों की सामान्यगति में सूक्ष्म संकेतों की निहिति की खोज कर के उन्हें बड़े कौशल से प्रस्तुत करते हैं। उनके पात्रों की चारित्रिक विशेषताएँ इसी कारण से संयुक्त होकर उभरती हैं। 'विवर्त', 'सुखदा', 'व्यतीत', 'जयवर्धन', 'दशार्क', 'प्रस्तुत प्रश्न', 'जड़ की बात', 'पूर्वोदय', 'साहित्य का श्रेय और प्रेय', 'मंथन', 'सोच-विचार', 'काम और परिवार', 'ये और वे' इनकी कुछ प्रमुख रचनाएं हैं। उनकी पुस्तक 'समय और हम' आपको सोचने पर मजबूर कर देती है। भारतीय साहित्य के ऐसे महाज्ञानी कवी के जीवन के बारे में जानिये, हमारे इस एपिसोड में। More | 09 min 48 sec | |||
5 . माखनलाल चतुर्वेदीपंडित माखनलाल चतुर्वेदी की ख्याति एक लेखक, कवि और वरिष्ठ साहित्यकार के रूप में हैं। लेकिन वो एक स्वतन्त्रता सेनानी भी थे। इसके अलावा उनकी पहचान, एक जागरूक और कर्तव्यनिष्ठ पत्रकार की भी थी। इस वजह से ही उनके नाम पर पत्रकारिता को समर्पित एशिया की पहली यूनिवर्सिटी " माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन ” का नाम रखा गया। वे “पंडितजी” के नाम से विख्यात है। उनको ब्रिटिश राज के दौरान स्वतंत्रता की लड़ाई में अपने योगदान के लिए भी याद किया जाता है। उनकी रचनायें 'पुष्प की अभिलाषा' और 'हीम-तरंगिनी' आज भी बेहद प्रसिद्द है। उनकी कविताओं में भी देश के प्रति समर्पण और प्रेम को देखा जा सकता हैं। ऐसे महान देशवासी और कलाकार का जीवन अपने आप में एक पुस्तकालय है। More | 09 min 59 sec | |||
6 . मुंशी प्रेमचंदमुंशी प्रेमचंद एक बहुत गुणी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे। प्रेमचन्द अपनी हिंदी और उर्दू भाषी रचनाओं के लिए जाने जाते है। उनको 'कलम के सिपाही' की उपाधी भी दी गयी है। उनकी हिंदी और उर्दू भाषा में अच्छी पकड़ थी। वे बनना तो वकील चाहते थे लेकिन हालातों ने उन्हें साहित्यकार बना दिया। उन्होंने अपना बचपन बहुत गरीबी और तंगहाली में व्यतीत किया था। उन्होंने कुल 15 उपन्यास, 300 से कुछ अधिक कहानियां, 3 नाटक, 10 अनुवाद, 7 बाल-पुस्तकें और हजारों पृष्ठ के लेख, सम्पादकीय, व्याख्यान, भूमिका, पत्र आदि की रचना की थी, लेकिन यश और प्रतिष्ठा उन्हें अपने उपन्यास और कहानी से प्राप्त हुई। इस एपिसोड में सुनिए 'कलम के सिपाही' के जीवन से जुड़ी अनोखी बातें। More | 10 min 38 sec | |||
7 . मनोहर श्याम जोशीलेखन की दुनिया में मनोहर श्याम जोशी के कई रूप हैं और कई चेहरे भी। वे ऐसी विलक्षण शख़्सियत थे जिसकी प्रतिभा साहित्य से लेकर पत्रकारिता, टेलीविजन और सिनेमा तक सहजता से पसरी हुई थी। प्रसिद्ध गद्यकार, उपन्यासकार, व्यंग्यकार, पत्रकार, धारावाहिक लेखक, विचारक, फ़िल्म पटकथा लेखक, संपादक, कुशल प्रवक्ता और स्तंभ-लेखक उनके भीतर मौजूद लेखक के भिन्न-भिन्न चेहरे हैं। अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम उनके किस रूप से परिचित हैं और किससे नहीं। हालांकि हमारे नहीं जानने से उनका कोई रूप धुंधला नहीं पड़ता। आज जानिये साहित्य के एक और बहुमुखी कलाकार के जीवन के बारे में। More | 07 min 45 sec | |||
8 . साहिर लुधियानवीमशहूर उर्दू कवि, शायर और गीतकार साहिर लुधियानवी का जन्म साल 1921 में 8 मार्च को हुआ था। साहिर ने जब लिखना शुरू किया तब 'इकबाल, फ़ैज, फ़िराक आदि शायर अपनी बुलंदी पर थे, पर उन्होंने अपना खास लहज़ा और रूख़ अपनाया, उससे न सिर्फ उन्होंने अलग जगह बना ली, बल्कि वे शायरी की दुनिया पर छा गए। चलिए जानते हैं उनके और उनकी लाजवाब जीवन के बारे में। More | 10 min 34 sec | |||
9 . विजय तेंदुलकरविजय तेंडुलकर एक प्रसिद्ध मराठी नाटककार, लेखक, निबंधकार, फिल्म और टीवी पठकथालेखक, राजनैतिक पत्रकार और सामाजिक टीपकार थे। भारतीय नाट्य व साहित्य जगत में उनका उच्च स्थान रहा है। वे सिनेमा और टेलीविजन की दुनिया में पटकथा लेखक के रूप में भी पहचाने जाते हैं। आइये, आज उनके जीवन और रचनाओं के बारे में विस्तार से जानते हैं। More | 09 min 30 sec | |||
10 . लाला लाजपत रायआपको बता दें कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक लाला लाजपत राय की छवि प्रमुख रुप से एक राष्ट्रवादी नेता के रूप में हैं। लाला लाजपत राय ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ शक्तिशाली भाषण देकर न सिर्फ ब्रिटिश शासकों के इरादों को पस्त कर दिया बल्कि उनकी देश के प्रति अटूट देशभक्ति की भावना की वजह से उन्हें ‘पंजाब केसरी’ या “पंजाब का शेर” भी कहा जाता था। आज हम आपको लाला लाजपत राय जैसे वीर पुरुष की जीवनी के बारे में बताएंगे। More | 10 min 54 sec |
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