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मालगुडी डेज की कहानियाँ : सीजन २

मालगुडी डेज की कहानियाँ : सीजन २

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4hr 32m

Language

Hindi

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Stories

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' मालगुडी डेज '' भारत के प्रख्यात लेखक आर.के.नारायण द्वारा रचित एक काल्पनिक शहर की कहानी है और इसी तर्ज पर कन्नड़ अभिनेता और निर्देशक शंकर नाग ने इस पर 1986 में एक टीवी सीरियल का निर्देशन भी किया, जिसे 'मालगुडी डेज़' कहते हैं। मालगुडी, दक्षिण भारत के मद्रास से कुछ घंटों की दूरी पर स्थित एक काल्पनिक गाँव है जो की आर.के.नारायण की ही कल्पना थी। यह शहर मेम्पी जंगल के पास सरयू नदी के किनारे बसा हुआ है। इस जगह की वास्तविकता के बारे में खुद आर.के.नारायण भी अनजान थे। कई लोग इसे कोइम्बतुर में मानते हैं क्योंकि वहां पर भी ऐसी ही इमारतें और घर थे। हम आपके लिए 'मालगुडी डेज़' की वही कहानियां लेकर आये हैं, जिन्हें बचपन में पढ़कर और देखकर आपको बेहद आनंद आता था। ''मालगुडी डेज़: सीजन २ '' की इस श्रृंखला में आपको सुनने को मिलेंगी ऐसी कहानियां जो आपको मनोरंजन के साथ जीवन से जुड़ी सरल लेकिन अहम सीख देती है।"

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भूखा बच्चा

1 - भूखा बच्चा

24 min 37 sec

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बिल्ली भीतर

2 - बिल्ली भीतर

22 min 07 sec

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दूसरी राय- भाग 1

3 - दूसरी राय- भाग 1

22 min 44 sec

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दूसरी राय- भाग 2

4 - दूसरी राय- भाग 2

18 min 41 sec

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दूसरी राय- भाग 3

5 - दूसरी राय- भाग 3

20 min 51 sec

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दूसरी राय- भाग 4

6 - दूसरी राय- भाग 4

17 min 17 sec

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माँ और बेटा

7 - माँ और बेटा

10 min 05 sec

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नाग -भाग 1

8 - नाग -भाग 1

12 min 15 sec

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नाग- भाग 2

9 - नाग- भाग 2

14 min 13 sec

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सदभाव

10 - सदभाव

13 min 50 sec

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मालगुडी डेज की कहानियाँ : सीजन २

Stories|Hindi|15 Episodes
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About Show

' मालगुडी डेज '' भारत के प्रख्यात लेखक आर.के.नारायण द्वारा रचित एक काल्पनिक शहर की कहानी है और इसी तर्ज पर कन्नड़ अभिनेता और निर्देशक शंकर नाग ने इस पर 1986 में एक टीवी सीरियल का निर्देशन भी किया, जिसे 'मालगुडी डेज़' कहते हैं। मालगुडी, दक्षिण भारत के मद्रास से कुछ घंटों की दूरी पर स्थित एक काल्पनिक गाँव है जो की आर.के.नारायण की ही कल्पना थी। यह शहर मेम्पी जंगल के पास सरयू नदी के किनारे बसा हुआ है। इस जगह की वास्तविकता के बारे में खुद आर.के.नारायण भी अनजान थे। कई लोग इसे कोइम्बतुर में मानते हैं क्योंकि वहां पर भी ऐसी ही इमारतें और घर थे। हम आपके लिए 'मालगुडी डेज़' की वही कहानियां लेकर आये हैं, जिन्हें बचपन में पढ़कर और देखकर आपको बेहद आनंद आता था। ''मालगुडी डेज़: सीजन २ '' की इस श्रृंखला में आपको सुनने को मिलेंगी ऐसी कहानियां जो आपको मनोरंजन के साथ जीवन से जुड़ी सरल लेकिन अहम सीख देती है।"

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भूखा बच्चा

1 . भूखा बच्चा

"इस एपिसोड में हम सुनेंगे कहानी रमन और खोये हुए ''भूखे बच्चे'' कि, रमन मालगुडी नगर के मेले में जाता है, कुछ देर मेले में घूमने के बाद, रमन एक खोए हुए बच्चे के बारे में घोषणा सुनता है और मेले में चीज़ें देख कर कॉटन कैंडी खरीदता है, फिर कुछ विचार कर के वह मेले के केंद्रीय कार्यालय जाता है। कार्यालय में जैसे ही वह कैंडी रखता है, एक 7 साल का बच्चा, उसके पास दौड़ता हुआ आ जाता है। यह सब देख कर रमन कुछ समय के लिए अपने जीवन के बारे में सोचने लग जाता है, कुछ समय बच्चे के साथ बिता कर वह सोचता है कि वो उसका देखभाल कर सकता है। आइए सुनते है, आगे क्या होता है कहानी में और कौन है वो बच्चा? उसके माँ, बाप कौन है ? "

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24 min 37 sec

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बिल्ली भीतर

2 . बिल्ली भीतर

"आर.के. नारायण द्वारा लिखी कहानी ''बिल्ली भीतर'' अंधविश्वास, परंपरा, हताशा, ईमानदारी, भय, स्वार्थ और स्वीकृति के विषय में है। इस दुखद मजेदार कहानी में शोषण व्याप्त है, जहां एक जमींदार और एक ओझा, अपने गरीब किरायेदारों का खून निचोड़ने के लिए गठबंधन करते हैं। असली मज़ा हालांकि एक रात देर से शुरू होता है, जब एक पीतल का बर्तन अचानक जमींदार के गोदाम में उछलता हुआ आता है। आइए सुनते है, असल में क्या होता है कहानी ''बिल्ली भीतर'' में।"

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22 min 07 sec

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दूसरी राय- भाग 1

3 . दूसरी राय- भाग 1

"आर.के.नारायण द्वारा लिखी ''दूसरी राय'' में संघर्ष, विफलता, संबंध, स्वीकृति, स्वतंत्रता और उपस्थिति का विषय है। एक युवक और उसकी मां के बीच लगातार मतभेद होते रहते हैं। माँ केवल इस बात से नाखुश है, कि युवक अपना जीवन कैसे जीता है और वह उसके भविष्य के बारे में भी चिंतित है। युवक और उसकी मां दोनों अलग-अलग चीजें चाहते हैं। क्या हो पायेगा उनके रिश्ते में सुधार? आइए सुनते है, आगे क्या होता है ''दूसरी राय'' कहानी में। "

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22 min 44 sec

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दूसरी राय- भाग 2

4 . दूसरी राय- भाग 2

"हमने पहले भाग में सुना युवक और उसके माँ के मतभेत के बारे में, युवक अपना जीवन वैसे ही जीना चाहता है, जैसे वह जी रहा है जबकि उसकी माँ पसंद करेगी अगर युवक शादी करे। वह चाहती है कि युवक एक दूर के चचेरे भाई की बेटी से शादी करे, जो अमीर है। क्या युवक अपने विचार को परे रख कर लेगा दूसरी राय ? आइए सुनते है, आगे फिर क्या होता है ''दूसरी राय'' कहानी में"

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18 min 41 sec

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दूसरी राय- भाग 3

5 . दूसरी राय- भाग 3

"अधिकांश कहानी में संघर्ष में होने के बावजूद जब युवक को पता चलता है, कि उसकी माँ की तबीयत खराब है तो वह उसे और अधिक समझाना चाहता है कि वह अपना ख्याल रखें । वह अपनी मां को खुश करने के लिए, उनके द्वारा चुनी गई लड़की से शादी करने के लिए भी तैयार हो जाता है। इस सब के दौरान युवक अपनी मां के करीब आता है। क्या इस शादी के फैसले से युवक की जिंदगी बदल जाएगी, क्या वह अपने फैसले पर अड़ा रहेगा? या दूसरी राय लेने का विचार करेगा ? आइए सुनते है, आगे क्या होता है ''दूसरी राय'' कहानी में। "

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दूसरी राय- भाग 4

6 . दूसरी राय- भाग 4

माँ को वचन देने के बाद युवक अब सोच में पड़ जाता है, की उसे क्या करना चाहिए। वह शादी भी नहीं करना चाहता और माँ को दुःख भी नहीं देना चाहता । वह अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश में रहता है, कि उसकी माँ को इस बात की जानकारी हो कि उसका शादी करने का कोई इरादा नहीं है। क्या माँ समझ पाएगी उसे ? या मजबूरन युवक को शादी करना होगी? सुनते है ''दूसरी राय'' कहानी के आखरी भाग में।

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17 min 17 sec

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माँ और बेटा

7 . माँ और बेटा

"माँ और बेटा'' कहानी रामू और उसकी माँ के बारे में हैं। कहानी में रामू तीन बार इंटरमीडिएट की परीक्षा में फेल हो चुका है और उसके पास कोई नौकरी भी नहीं है।फिर भी उसकी मां चाहती है कि उसकी शादी उसके भाई की बेटी से हो जाए। लकिन रामू अब शादी करना नहीं चाहता है और वो मना कर देता है, जिससे माँ और बेटे के बीच बहस हो जाती है और रामू गुस्से में घर छोड़ देता है। लेकिन माँ यह सोचकर सो जाती है कि उसका बेटा वापस आ जाएगा। माँ कि आधी रात में नींद खुल जाती है और वो उठकर देखती है कि रामू वापस नहीं आया है। वो घबरा जाती है उसके मन में अब बुरे ख्याल आने लग जाते है वह आँगन के कुएँ में जाकर देखती है। आइए सुनते है और जानते है, इस एपिसोड, में आगे क्या हुआ ''माँ और बेटा'' कहानी में। "

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नाग -भाग 1

8 . नाग -भाग 1

'नाग- भाग १'' पिता, एक सपेरे और उसके बेटे की कहानी है, जो अपने जीवन यापन के लिए जीवित सांप के साथ विभिन्न कार्य करते हैं। यह कार्य साथ करते करते लड़के में साँप के प्रति प्रेम विकसित हो जाता है। वहीं दूसरी ओर सपेरे पिता ने अपनी पत्नी को खो दिया है और एक अन्य विवाहित महिला के साथ संबंध विकसित करता है। इस बीच वे एक बंदर को पकड़ लेते हैं और उसे सांप के साथ सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन करने के लिए प्रशिक्षित करते हैं। आइए सुनते है, आगे फिर क्या होता है ''नाग'' कहानी में।

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12 min 15 sec

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नाग- भाग 2

9 . नाग- भाग 2

"'नाग- भाग २'' यह एपिसोड नए पकड़े गए बंदर के सार्वजनिक प्रदर्शन के प्रशिक्षण के साथ जारी है। सपेरा पिता अपने बेटे को छोड़ देता है और दूसरी महिला के साथ भाग जाता है और अपने जीवनयापन के लिए नए प्रशिक्षित बंदर को भी ले जाता है। वहीं दूसरी तरफ लड़का सांप के साथ सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन कर जीने की कोशिश करता है लेकिन सांप बूढ़ा हो गया है । आइए सुनते है, लड़का अपना पेट पालने के लिए फिर क्या करता है। "

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14 min 13 sec

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सदभाव

10 . सदभाव

इस एपिसोड में हम कहानी सुनेंगे एक तमिल ब्राह्मण राजम अय्यर की कहानी जो एक एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। उसी ट्रैन में एक और यात्री चढ़ जाता है और राजम के पास बैठे हुए यात्री से सीट के लिए झगड़ते हुए वह उसे गाली देना और धमकाना शुरू कर देता है। ये सब देखने के बाद राजम भी इस झगडे में शामिल हो जाता है, और उस व्यक्ति को समझाने की कोशिश करता है। लेकिन वह बात समझने का नाटक कर, सफर के दौरान अलग अलग परेशानी खड़ी करता है। क्या राजम उसे सदभाव का पाठ पढ़ा पाएंगे ? क्या करते है, राजम उस व्यक्ति को सबक सिखाने के लिए ? चलिए सुनते हैं , कहानी ''सदभाव'' में।

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13 min 50 sec

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