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हौसला-ए-ज़िंदगी

हौसला-ए-ज़िंदगी

Duration

0hr 51m

Language

Urdu

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Category

Urdu Shows

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"आवाज़ उर्दू का नया शो ''हौसला-ए-ज़िंदगी'' काफी प्रेरक होने वाला है। इस शो में हम बात करेंगे कैसे हम अपनी निज़ी ज़िंदगी में सकारत्मक सोच रख कर आगे बढ़ सकते हैं। कई दफा ज़िंदगी में ऐसे मोड़ आ जाते हैं, जब हम निराश हो जाते हैं और भूल जाते हैं, हमारे पास खोने के लिए बहुत कुछ है लेकिन पाने के लिए ज़िंदगी है। हमें बस हौसला बनाए रखना है, उम्मीद जगाए रख कर अपना कार्य करते जाना है। जब तक जीत हमारे दरवाज़े पे दस्तक़ न दे। तो चलिए दोस्तों, सुनते हैं कुछ नया और सीखते हैं, कुछ जो हमारे काम आये ज़िंदगी की दौड़ में।"

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जीत के सफर में आने वाली हार

1 - जीत के सफर में आने वाली हार

04 min 21 sec

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डर का गुब्बारा

2 - डर का गुब्बारा

05 min 08 sec

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ज़िंदगी का चश्मा

3 - ज़िंदगी का चश्मा

04 min 26 sec

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उम्मीद का दामन

4 - उम्मीद का दामन

05 min 00 sec

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कामयाबी का राज़

5 - कामयाबी का राज़

04 min 24 sec

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किस्मत

6 - किस्मत

04 min 52 sec

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डर

7 - डर

04 min 37 sec

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बंदिशें

8 - बंदिशें

04 min 23 sec

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सफलता

9 - सफलता

05 min 05 sec

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अकेलापन

10 - अकेलापन

04 min 14 sec

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हौसला-ए-ज़िंदगी

Urdu Shows|Urdu|11 Episodes
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About Show

"आवाज़ उर्दू का नया शो ''हौसला-ए-ज़िंदगी'' काफी प्रेरक होने वाला है। इस शो में हम बात करेंगे कैसे हम अपनी निज़ी ज़िंदगी में सकारत्मक सोच रख कर आगे बढ़ सकते हैं। कई दफा ज़िंदगी में ऐसे मोड़ आ जाते हैं, जब हम निराश हो जाते हैं और भूल जाते हैं, हमारे पास खोने के लिए बहुत कुछ है लेकिन पाने के लिए ज़िंदगी है। हमें बस हौसला बनाए रखना है, उम्मीद जगाए रख कर अपना कार्य करते जाना है। जब तक जीत हमारे दरवाज़े पे दस्तक़ न दे। तो चलिए दोस्तों, सुनते हैं कुछ नया और सीखते हैं, कुछ जो हमारे काम आये ज़िंदगी की दौड़ में।"

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जीत के सफर में आने वाली हार

1 . जीत के सफर में आने वाली हार

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम हमारे शो के मेज़बान जीत से जानेंगे, जीत के सफर में आने वाले छोटी-छोटी हार के बाद हमें क्या हासिल होगा कैसे इन हारों को हम सकारत्मक तरीके से ले कर ज़िंदगी में हम आगे बढ़ कर अपनी जीत की मंज़िल को हासिल कर सकते है। "

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डर का गुब्बारा

2 . डर का गुब्बारा

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम हमारे शो के मेज़बान जीत से जानेंगे, ज़िंदगी में हम सब कुछ हासिल नहीं कर सकते कुछ चीज़ें या व्यक्ति पीछे छूट ही जाते हैं। क्या हम कुछ ना मिलने से निराश रहें, या आगे बढ़ें। कई दफा हम ज़िंदगी में हम अपनी नकारात्मक कल्पना के चलते एक डर के गुब्बारे में जीते है। जानते हैं, कैसे उस गुब्बारे को हम फोड़ कर ज़िंदगी के पल को जियें। "

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05 min 08 sec

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ज़िंदगी का चश्मा

3 . ज़िंदगी का चश्मा

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम हमारे शो के मेज़बान जीत से जानेंगे, कैसे ज़िंदगी एक चश्मे की तरह होती है। इस से आप ज़िंदगी के छोटे-बड़े हर खुशियों को देख सकते है। लेकिन कभी ऐसा ज़िंदगी का मोड़ आता है जब हम निराश हो जाते हैं। उस चश्में पर धूल पड़ जाती है, और हम ज़िंदगी की छोटी-छोटी खुशियों को नज़र अंदाज़ कर ज़्यादातर वक़्त निराश रहते हैं। सुनते हैं, ऐसे वक़्त में क्या किया जा सकता है। "

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04 min 26 sec

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उम्मीद का दामन

4 . उम्मीद का दामन

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम हमारे शो के मेज़बान जीत से जानेंगे, ज़िंदगी के कई रंग है, कभी खुशियां हैं, तो कभी गम हैं। लेकिन हमें हमारे ग़मो के दिनों में खुशियों की उम्मीद रखनी चाहिए। हमने सुना है, लोगो में डर का इतना प्रभाव होता है, की वो अपनी ज़िंदगी को ही खत्म कर देते हैं, ना-उम्मीदी के चलते। "

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05 min 00 sec

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कामयाबी का राज़

5 . कामयाबी का राज़

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम हमारे शो के मेज़बान जीत से जानेंगे, कामयाबी के पीछे मेहनत का कितना बड़ा हाथ होता है। कभी-कभी हमारे साथ ऐसा होता है, जब हम हमारे पसंद का काम करना शुरू करते हैं, कुछ अरसा उसमें गुज़ार देते हैं। लेकिन हमें उस से वो नतीजा हासिल नहीं होता जिसकी हम उम्मीद लगाए बैठे होते हैं। तब ऐसे वक़्त में क्या करें ? जानते हैं, इस एपिसोड में। "

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04 min 24 sec

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किस्मत

6 . किस्मत

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम हमारे शो के मेज़बान जीत से जानेंगे, किस्मत के बारे में। अक्सर हमारे साथ ऐसा होता है, हम कुछ चीज़ पाने की कोशिश करते हैं और कुछ कारणवश वह चीज़ हमें मिल नहीं पाती। तब हम किस्मत या तक़दीर को दोष देकर निराश हो जाते हैं। और कोशिश न करने की ठान लेते हैं। अगर आप के साथ भी ऐसा होता हो तो ज़रूर सुनें इस एपिसोड को। "

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04 min 52 sec

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डर

7 . डर

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम हमारे शो के मेज़बान जीत से जानेंगे, डर का क्या असर होता है हमारी ज़िंदगी में। डर एक नकारत्मक भावना है। जो इंसान की मौत आने से पहले ही मार देती है। जानते हैं, इस एपिसोड में कैसे इस भावना का सामना करें, और हौसला बना कर ज़िंदगी में आगे बढ़े। "

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04 min 37 sec

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बंदिशें

8 . बंदिशें

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम हमारे शो के मेज़बान जीत से जानेंगे, बंदिशों की ज़ंजीरों के बारे में। अक्सर हमारे साथ ऐसा होता है, हम जीवन कुछ हासिल करने की कोशिश से पहले ही हार मान लेते हैं। कुछ न कुछ कारण खोज कर, खुद से और परिस्थियों से हार मान कर हताश हो जाते हैं। जानते हैं, इस एपिसोड में ऐसे वक़्त पर क्या करना सही होता है। "

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04 min 23 sec

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सफलता

9 . सफलता

"""खुदी को कर बुलंद इतना के हर तकदीर से पहले खुदा बन्दे से खुद पूछे के बता तेरी रज़ा क्या है"" हममें से कितने लोग इन शब्दों को हकीकत में बदल पातें हैं यह विचारनीय मुद्दा है। प्रत्येक व्यक्ति सफलता चाहता है यह अलग बात है कि सफलता का अर्थ अलग-अलग होते हैं, कोई अथाह पैसा कमाना चाहता है, कोई योग्यता अर्जित करके नाम कमाना चाहता है। कुछ सफल हो पातें हैं कुछ नहीं, जो सफल नहीं हो पाते वह भाग्य या साधन को दोष दे देते हैं लेकिन क्या भाग्य या साधन को दोष देना सही है?"

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05 min 05 sec

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अकेलापन

10 . अकेलापन

"दोस्तों, इस एपिसोड में हम हमारे शो के मेज़बान जीत से जानेंगे, हम सभी के ज़िंदगी में कभी तो ऐसा पड़ाव आता है। जब हम अकेले महसूस करते है, या हम वाकई में अकेले होते है। ऐसे वक़्त पर क्या किया जाए ? चलिए जानते हैं। "

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04 min 14 sec

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