अब दुबई से निकलकर लल्लन की सवारी चाइना आ पहुंची है। चाइना तक पहुँच जाने के बाद भी, लल्लन अपनी माँ से बात नहीं कर पाए है। शुक्ला जी इतने ढीट हैं की अभी भी लल्लन को तड़पाते रहते हैं।