सुबह की नींद सभी को प्यारी होती है, आप बार-बार अलार्म बंद कर बेड पर चंद समय और गुजारना चाहते हैं। यह नॉर्मल लाइफ रूटीन लगभग हम सभी फॉलो करते हैं लेकिन गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग जो खासकर ऑफ़िस जाते हैं, उनके लिए ऐसा करना एक टफ टास्क होता है। इधर ऑफिस पहुँचने का वक्त करीब आता रहता है और एक तरफ बीमारी की वजह से आप रात भर सो नहीं पाते। ऐसे में बीमार व्यक्ति के लिए जल्दी उठाना तो बहुत ही कठिन काम होने लगता है।

दरअसल, आज की बिजी लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान, सोने-जागने का अनियमित समय और कई सारी आदतें हमें कई ऐसी बीमारियों से घेर लेती है जो ताउम्र साथ नहीं छोड़ती हैं फिर चाहे डायबिटीज हो, पेट की कोई बीमारी या फिर दिल संबंधी बीमारियां। आजकल 30 से 40 की उम्र में ही यह सब बीमारियां लगना आम बात हो गई है। यह उम्र काम करने की होती है और हममें से कई लोग इस उम्र में अपना ज्यादा से ज्यादा टाइम ऑफिस में ही बिताते हैं। ऐसे में किसी गंभीर से जूझने के बावजूद ऑफिस में वर्क मैनेज करना आसान काम नहीं। ऐसे में कैसे अपना वर्क मैनेज करें और अपना संयम बनाए रखें, हम आपको बताते हैं इसी पर कुछ टिप्स…

इन बातों को फॉलो कर आप बीमारी में भी कर सकते हैं काम

हेल्थ को अनदेखा न करें
हेल्थ को अनदेखा न करें

कई बार यह जानते हुए कि बीमारी सीरियस होती जा रही है, हम काम के चक्कर में उसे इग्नोर करते रहते हैं। हम दिन-रात ऑफिस में मेहनत से काम करके बॉस और कम्पनी की वाहवाही तो लूट लेते हैं लेकिन अपनी सेहत से समझौता कर लेते हैं। नतीजतन अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। ऐसे में ध्यान रखें कि अगर हेल्थ और बिगड़ी तो इससे पर्सनल लाइफ और वर्क लाइफ दोनों बिगड़ जाएगी इसलिए इसे नज़रअंदाज़ करने की गलती कतई न करें। मेडिकल लीव लेकर बीमारी का इलाज कराएं और फिर ठीक होने पर ही काम पर लौटें। अगर शरीर स्वस्थ नहीं रहेगा तो आप काम पर भी मन नहीं लगा पाएंगे और इससे आपको दोनों तरफ नुकसान ही झेलना पड़ेगा इसलिए काम और हेल्थ में से हेल्थ को हमेशा सर्वोपरि रखें।

अगर कई छुट्टियां लेने के बाद भी आपकी स्थिति ऑफ़िस जाने की नहीं तो वर्क फ्रॉम होम का ऑप्शन अपने बॉस या कंपनी से ज़रुर मांगे। इससे आपको काम के बीच-बीच में थोड़ा सा रिलेक्स करने का मौका भी मिल जाएगा और वर्कलोड भी कम महसूस होगा। याद रखें ऑफ़िस में लम्बा बैठना बीमारी में मुश्किल हो सकता है इसलिए अगर वर्क फॉर्म होम की सुविधा है तो इसका लाभ उठाने में कोई बुराई नहीं है।

कई बार बीमार होने की वजह से आप थका-थका महसूस करते हैं लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि आप बॉस के दिए किसी टास्क को करने में दूसरों से कमतर हैं या सक्षम नहीं। इसलिए जहां भी कोई बड़ा मौका आए तो काम करने से पीछे न हटें। हां, सारा काम एक साथ न करते हुए थोड़े-थोड़े अन्तराल में ब्रेक लेते हुए करें।

हिम्मत ना हारें: कई बार लाइफ में ऐसा मौका आता है जब लम्बे समय तक बीमार रहते-रहते हम हिम्मत हार जाते हैं और अपने ऊपर से ही हमारा विश्वास उठने लगता है। हमें लगने लगता है कि अब हम कभी काम ही नहीं कर पाएंगे लेकिन यकीन मानिये ऐसा नहीं होता। इस स्थिति से बचने के लिए अपने बॉस या अपने टीम मेम्बर्स को अपनी बीमारी का अपडेट देते रहें ताकि वो इस बात के लिए तैयार रहें कि अगर किसी टास्क के दौरान अगर आपकी तबियत ज्यादा बिगड़ गयी तो वो आपकी मदद कर देंगे। लम्बी बीमारी का यह मतलब कतई नहीं कि आप सब कुछ छोड़कर घर बैठ जाए। बस सकारात्मकता से सब डील करने की कोशिश करें और यह मानकर कि अब आपको इस बीमारी के साथ ही जीना है तो उसे मैनेज करने के तरीके खोजें।

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