यदि आप खुद एक फ्रीलांसर है तो आपको पता चल गया होगा कि हम किस बारे में बात करनेवाले हैं। वैसे यह हैरानी की बात है कि फ्रीलांसरों के पास नौकरी पेशा लोगों के मुकाबले खाली या फ्री दिन बहुत कम होते हैं। देखने वाली बात यह है कि आज ज़्यादातर लोग फुल-टाइम फ्रीलांसर इसलिए बनना चाहते हैं ताकि वह अपने आप के लिए कुछ समय निकाल सकें। लेकिन फ्रीलांसर का असली मतलब यह नहीं होता है।अपने आप के लिए समय निकालना तो छोड़िये, यदि आप फुल-टाइम फ्रीलांसिंग को अच्छे से मैनेज नहीं कर पाते हैं, तो उसके कारण आपको अपना पर्सनल टाइम भी अपने काम को देना पड़ सकता है।

शायद ही कभी ऐसा होगा कि आपके पास काम ना हो

फ्रीलांसिंग का मतलब लगातार काम करते रहना होता है

Image Credit: Unsplash.com

एक फ्रीलांसर होने के नाते, आपको रात-दिन भूलकर बस अपना काम समय पर पूरा करना होता हैं। फ्रीलांसिंग में सबसे ज़रूरी होता है अपने क्लाइंट्स को खुश रखना और ज़्यादा से ज़्यादा समय तक उनसे एक अच्छा रिलेशन बनाए रखना । यही कारण है कि यदि आपका क्लाइंट आपसे संडे की शाम को या फिर फ्राइडे नाइट को भी अगर काम करवाए, तो आप उसे मना नहीं कर सकते हैं। फ्रीलांसिंग जैसे पेशे में आपको किसी भी दिन और किसी भी समय काम करने के लिए तैयार रहना पड़ता है। आप बेवजह अपने क्लाइंट्स को मना कर अपना नुकसान नहीं कर सकते। फ्रीलांसिंग में या तो आप दिए गए सभी कामों को किसी भी स्थिति में पूरा करके आगे बढ़े या फिर अपनी सहूलियत के हिसाब से ही काम कर जहां थे वहीं रह जाएं और अपने करियर की शुरुआत में ऐसा करना एक अच्छे प्रोफेशनल की निशानी नहीं मानी जाती है।

क्या आप समय अनुसार अपना काम ख़त्म कर सकते हैं?

फ्रीलांसर बनने के लिए सबसे ज़रूरी है टाइम मैनेजमेंट। एक अच्छा फ्रीलांसर वही होता है जो अपने समय का सदुपयोग करे और समय अनुसार अपने काम को व्यवस्थित रूप से पूरा करे। दिन-रात काम से घिरे रहना अलग बात होती है और उसी काम को एक के बाद एक व्यवस्थित ढंग से पूरा करते रहना अलग बात होती है। अब चूंकि आप फ्रीलांसर हैं, तो हफ्ते के किसी भी समय आपके पास अचानक से नया काम आ सकता है। लेकिन उसके अलावा भी आपको अपने पूरे हफ्ते का काम कुछ इस तरह से प्लान करना चाहिए कि आप पर काम का ज़्यादा बोझ ना बने और आप हफ्ते में एक या दो दिन की छुट्टी भी ले सकें।

दूसरों से मदद लें या लोगों को हायर करें

अकेले काम करने से बेहतर होता है दूसरों को अपने साथ जोड़ना

Image Credit: Unsplash.com

एक एम्लॉई के पास अपनी कंपनी के सभी रिसोर्सिस और दूसरे ट्रेनिंग प्रोग्राम्स का साथ होता है, लेकिन एक फ्रीलांसर किसी भी साधनों या लोगों के बिना अकेले ही काम करता है। लेकिन, ऐसा जरूरी नहीं कि आप हमेशा ही अकेले काम करें। आप चाहें तो दूसरों से मदद मांग सकते हैं। टाइम मैनेजमेंट और फ्रीलांसिंग से जुड़ी दूसरी महत्वपूर्ण बातों के लिए अपने दूसरे फ्रीलांसर दोस्तों की सलाह लें सकते हैं और फिर उनके द्वारा दी गयी उन सलाह पर काम करने की शुरुआत कर सकते हैं। यदि कभी आप पर काम का बहुत प्रेशर हो तो एक या दो फ्रीलांसर्स को हायर कर उनमें काम बांट सकते हैं। अगर आप दूसरों को अपने साथ जोड़ेंगे, तभी आप अपने बिज़नेस को आगे लेकर जा सकेंगे।

एक फ्रीलांसर का मतलब यह नहीं होता कि आपके पास बहुत फ्री टाइम है। एक फ्रीलांसर को तो अपना सारा टाइम व्यवस्थित रूप से अपने काम के लिए बिताना चाहिए।