साल दर साल कंपनियों का वर्क कल्चर बदलता जा रहा है। आज के बिज़नेस एम्प्लॉयर्स ऐसे एम्प्लॉईज़ की तलाश करते हैं, जिनके पास सॉफ्ट स्किल्स हो। यदि एम्प्लॉईज़ के पास सॉफ्ट स्किल्स ना हो, तो वे उन्हें सॉफ्ट स्किल्स सिखाते हैं।

क्या होती है सॉफ्ट स्किल्स ?

जहां हार्ड-स्किल्स नौकरी, पढ़ई, सर्टिफिकेशन और ट्रेनिंग प्रोग्रामों से जुड़ी होती है, वहीं सॉफ्ट-स्किल्स आपकी पर्सनालिटी, रवैये और व्यवहार से जुड़ी होती है। आपका रवैया, बातचीत करने का ढंग, क्रिएटिविटी, वर्क एथिक, टीमवर्क, सकारात्मकता, ऑफिस के विभिन्न मामलों को सुलझाने का या उसमे निर्णय लेने का आपका तरीका, ये सारी चीज़ें आपकी सॉफ्ट स्किल्स का हिस्सा होती है।

लेकिन आजकल कंपनियां अपने एम्प्लॉईज़ को उनकी सॉफ्ट स्किल्स को उपयोग करने का मौका नहीं, बल्कि उन्हें नए सॉफ्ट स्किल्स सिखाती है।

एम्प्लॉईज़ के पास पहले से ही सॉफ्ट-स्किल होती है

एम्प्लॉईज़ के सॉफ्ट स्किल्स को पहचानें
एम्प्लॉईज़ के सॉफ्ट स्किल्स को पहचानें

कंपनियों को अपने एम्प्लॉईज़ को नए सॉफ्ट स्किल्स सिखाने से पहले उन्हें उनके सॉफ्ट स्किल्स को दिखाने का मौका देना चाहिए। वे भूल जाते हैं कि सॉफ्ट स्किल्स एक ऐसी चीज़ हैं जो लोग किसी ट्रेनिंग से नहीं, बल्कि अपने आप सीखते हैं। इसलिए एम्प्लॉयर्स को अपने ऑफिस का वातावरण ऐसा बनाना चाहिए जहां उनके एम्प्लॉईज़ अपनी सॉफ्ट-स्किल्स का उपयोग खुलकर कर सकें।

क्या एम्प्लॉईज़ खुलकर अपनी सॉफ्ट-स्किल्स का उपयोग कर पाते हैं?

कंपनियां अपने एम्प्लॉईज़ की ट्रेनिंग पर ध्यान देने की वजह से ऑफिस के वातावरण पर ध्यान देना भूल जाती हैं। सच तो यह है कि ज़्यादातर एम्प्लॉईज़ में सॉफ्ट-स्किल्स होते हैं। उनके बातचीत करने का ढंग और उनके सोचने का तरीका भी बहुत अच्छा होता है। लेकिन उन्हें अपनी इन सॉफ्ट स्किल्स का इस्तेमाल करने का मौका ही नहीं दिया जाता। आज-कल के ऑफिसों में एक ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां एम्प्लॉईज़ बिना किसी झिझक या शर्म के अपने सॉफ्ट स्किल्स का उपयोग कर सकें। एम्प्लॉईज़ को एक ऐसा वातावरण देना चाहिए, जहां वे अपनी स्किल्स को खुल कर दिखा सकें।

ऑफिस में कैसे बनाया जाए ऐसा वातावरण

ऑफिस में एक अच्छा वातावरण काम करने में मदद करता है
ऑफिस में एक अच्छा वातावरण काम करने में मदद करता है

हर एम्प्लॉयर को अपने ऑफिस में टीम वर्क को बढ़ावा देना चाहिए। अपने सभी एम्प्लॉईज़ को एक दूसरे को जानने का समान अवसर दें। अपने एम्प्लॉईज़ पर कभी भी काम का प्रेशर ना डालें। अपने कर्मचारियों को पर्याप्त समय दें और साथ ही एक-दूसरे को जानने के अवसर प्रदान करें। अपने एम्प्लॉईज़ को एक ऐसा वातावरण दें, जहां वे एक दूसरे के काम की इज़्ज़त कर सकें और बिना किसी झिझक के एक दूसरे से बातचीत कर सकें। साथ ही, अपने एम्प्लॉईज़ के अच्छे कामों की सराहना करें और उन्हें मोटिवेट भी करते रहें। ऐसा करने से आप उनके लिए एक ऐसा वातावरण बनाते हैं, जहां वे अपने सॉफ्ट-स्किल्स को दिखा सकते हैं।

एम्प्लॉईज़ के लिए सॉफ्ट-स्किल्स की ट्रेनिंग रखने के बयाज, उस ट्रेनिंग को उनके लिए उपयोगी बनाएं। एक अच्छा वर्क कल्चर वही कहलाता है, जो अपने एम्प्लॉईज़ को इस प्रकार की ट्रेनिंग्स का सही लाभ उठाने का मौक़ा देता है।