क्या आप खुद को बाथरूम सिंगर से बेहतर मानते हैं? क्या आपने कभी गायक बनने के बारे में सोचा है?

एक ऐसा प्रोफेशन जो सबको लगता है कि बहुत ही मज़ेदार हो सकता है, वो है गायक बनना। ये एक ऐसा माध्यम है जहां आप अपनी प्रतिभा भी दिखा सकते हैं और गाने के मज़े भी ले सकते हैं। साथ ही आपको नाम और शोहरत भी हासिल होती है, और बड़े बड़े लोगों के साथ काम करने को भी मिल जाता है।

पर अगर आपको लगता है कि गायक बनना बस मज़े का काम है, तो ज़रा देखिये कि इस ज़िन्दगी को पाने के लिए, अपनी आवाज़ लोगों तक पहुंचाने के लिए क्या और कितनी मेहनत करनी पड़ती है।

सोना जाधव एक मशहूर क्लासिकल गायक हैं, जो पिछले २० साल से भी ज़्यादा गायकी की दुनिया में हैं। इन्होंने देश और दुनिया में अपनी गायकी के लिए कई पुरस्कार भी जीते हैं।

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अगर आपको क्लासिकल आता है तो कोई भी गाना गा सकते हैं

अगर बचपन में गाना नहीं सीखा तो?

सोना जाधव ने संगीत की तालीम बचपन से नहीं ली, लेकिन वह मानती हैं कि अगर आपको वाक़ई इस काम में जाना है, तो सीखने की कोई उम्र नहीं है। खास बात है कि क्लासिकल संगीत सीखने के कई फायदे हैं, फिर चाहे आप बचपन में सीखें या बड़े होकर। दरअसल क्लासिकल संगीत सीखने से आप में एक अनुशासन आ जाता है, जो आपको आगे मदद कर सकता है। अगर आपने क्लासिकल गाना सीख लिया तो आप आगे किसी भी तरह का गाना आसानी से पकड़ सकते हैं।

प्रैक्टिस प्रैक्टिस प्रैक्टिस

गायक बनना मतलब ये नहीं कि आप सिर्फ शो या रेकॉर्डिंग के वक़्त ही गाना गाएंगे। सोना कहती हैं कि वो हर रोज़ डेढ़ से दो घंटा गाने का रियाज़ करती हैं। इससे आप हमेशा तैयार रहेंगे और अगर अचानक से कोई ऑडिशन या काम आ गया, तो आपको दिक्कत नहीं होगी। जितनी कला को सीखने की ज़रुरत है, उतनी ही मेहनत की भी।

इन बातों का रखिये ध्यान

सोना कहती हैं कि अगर आपको इस इंडस्ट्री में आना है तो मेहनत करने की आदत तो डाल ही लेनी चाहिए। सीखते रहिये और हमेशा प्रैक्टिस करते रहिये।

हालांकि गायकों की ज़िन्दगी काफी दिलचस्प और ग्लैमर से भरपूर लगती है और लोगों को ऐसा अक्सर लगता है कि वो हमेशा ऐश ही कर रहे हैं। दरअसल इस काम में काफी लगन और दिन रात के घंटों की मेहनत और काम होता है। तो अगर आप भी इन सब के लिए तैयार हैं, तो आपको कोई नहीं रोक सकता।