दिव्यांगता, ये एक ऐसी वजह है जिसके कारण कई बार लोगों को बहुत सी चीजों को छोड़ना पड़ जाता है। डिसेबिलिटी इन्सान को किसी भी रूप में घेर सकती है और कई बार तो इसमें चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है और व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ता है। इन्हीं सब वजह से कई बार नौकरी मिलने में भी दिक्कत होती है। लेकिन व्यक्ति को अपनी इस कमी की वजह से भागना नहीं चाहिए, बल्कि इसका डटकर मुकाबला करना चाहिए। एक डिसेबल पर्सन को जॉब की तलाश करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए…

1. विकलांगता की वजह से आप एक डिसेंट प्लानर बन सकते हैं। इसलिए ठीक उसी तरह की योजना बनाना चाहिए, जैसा आप अपने करियर में चाहते हैं। आपके लिए ये बहुत जरूरी है आप अपने करियर को लेकर समझदारी दिखाएं। यदि आप भाग्यशाली हैं, तो शिक्षा आपको एक साफ रास्ता प्रदान करती है। प्राथमिक स्कूल से मिडिल स्कूल, मिडिल स्कूल से हाई स्कूल, हाई स्कूल से कॉलेज और उससे आगे। रास्ते साफ और सुरक्षित हैं। प्रवेश और आवास मिलने से कानून भी आपको नहीं रोक पाएगा। हर जगह कई सारी योजनाएं होती है जो आपको आपके करियर में आगे बढ़ने में मदद करती है। लेकिन जरूरत है कि आप सही प्लानिंग के साथ काम करें। कई बार ऐसा भी होता है कि अन्य लोगों की तुलना में आपको कम तवज्जों दी जाती है। लेकिन जब भी आप ऐसा महसूस करें तो अपने डॉक्टर से भी कन्सल्ट ज़रूर करें। इससे आपकी चिंताएं धीरे-धीरे दूर होगी और आखिरकार आप ये तय कर लेंगे आपका लक्ष्य क्या है।

दिव्यांगता नहीं आएगी आड़े अगर आप जॉब सर्च से पहले ध्यान रखेंगे ये बातें

सलाह मांगने से न हिचकिचाएं

Iamge Credit: thebetterindia.com

2. आपके सामने जो रास्ता है उसे देखकर सही स्टेप उठाने की कोशिश करें। आप जो कुछ करना चाहते है चाहे वो छोटा हो या बड़ा, सलाह मांगे और हर कदम को उठाने में खुद को सक्षम पाएं। आपका अनुभव ही आपके लिए दरवाज़े खोल देगा। कभी-कभी भविष्य के लिए सपने और योजनाएं बनाना आपके लिए उस समय पूरी तरह से मायने नहीं रखती हैं, जैसे आप उस पल में होते हैं। तब आप उन अवसरों या बाधाओं को देखना शुरू कर सकते हैं जो आपके सामने मौजूद हैं। जब आप एक पर काबू पाते हैं, तो आप अगले पर अपने आप काबू पा लेते हैं। और इससे आपको उपलब्धियां मिलनी शुरू हो जाती है।

3. अपनी कोशिशों के बाद यदि आपको काम नहीं मिलता है तो आपको इस बात का भी पता होना चाहिए कि आपको कब मदद मांगनी है। आपको एक करियर कोच रखना चाहिए, जो आपकी योग्यता के अनुसार आपको नौकरी खोजने में मदद कर सके। आपके लिए सही तरीके से प्लानिंग कर सके। इससे आपको नौकरी मिलने और अपना लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। कई बार ऐसी स्थिति आ जाती है जब आप दूसरों के बीच अजीब सा महसूस करते हैं। तो आपका करियर कोच आपकी मदद करेगा। वो आपके साथ बैठकर योजना बनाएगा जो आपको एक सही दिशा प्रदान करेगा।

4. करियर कोचिंग से पहले, अपने आवेदन में अपनी विकलांगता का कोई उल्लेख नहीं करें। आप कभी नहीं चाहेंगे आपको आपकी कमी की वजह से नौकरी मिली या नहीं मिली। इसके लिए आपको योजना बनानी होगी कि कब और कैसे आप अपनी डिसेबिलिटी का खुलासा करें। हो सकता है इससे आपके कहीं भी आवेदन करने में चिंता बढ़ जाएगी। लेकिन आपका करियर कोच आपको अपनी विकलांगता को छिपाने के बजाए कुछ सकारात्मक करने और नौकरी के बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए आत्मविश्वास हासिल करने में मदद करेगा। हालांकि, ये एक जोखिम है जो हमेशा हर किसी के लिए काम नहीं करता है, लेकिन वक्त आने पर अपनी पहचान के उस हिस्से का तुरंत चयन कर खुलासा करें। अनुभव हमेशा पारंपरिक नहीं होता है, बस आपको उस तरह से फ्रेम करने के लिए समय निकालना होगा, ताकि आप कंपनी के लिए एक प्रॉपर्टी साबित हो सके। ये आपको अधिक आत्मविश्वास वाला व्यक्ति बनने में मदद करेगा।

5. हो सकता है कि आपकी विकलंगता आपके रास्ते में कभी-कभी रूकावट बने लेकिन ये ही लक्ष्य तक पहुंचने और सहन करने की शक्ति देता है। आप अपने लक्ष्यों तक पहुंचते हैं, भले ही इसमें ज्यादातर लोगों की तुलना में अधिक समय लगे। लेकिन लक्ष्य तक पहुंचना भी बड़ी बात है। आपको ये भी तय करना होगा कि आप अपने जीवन को अपनी शर्तों पर जीने की कोशिश कर रहे हैं। जब कुछ हासिल करते हैं तो आपकी यात्रा की लंबाई अन्य लोगों की तुलना में अधिक सफलता की सराहना करती है। आपका करियर ये सिखाता है कि अपने लक्ष्यों को तलाशना और आगे बढ़ाने की ताकत और प्रतिभा आप में है।

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