जॉब से रिज़ाइन करना किसी के लिए भी करियर में काफी मुश्किल भरा फैसला होता है। कई बार ना चाहते हुए भी हमें वो कदम उठाने पड़ते हैं क्योंकि करियर में आगे बढ़ने के लिए कई बार पुरानी जॉब से रिजाइन करके हमें नयी जॉब की तरफ बढ़ना ही होता है। ऐसे में जब रिजाइन करने की बात आती है तो मन में कई उधेड़ बुन चलती रहती हैं कि रिजाइन की बात कैसे करें, किससे करें और क्या कहें? आज इसी के बारे में हम आपको बताते हैं।

एचआर मैनेजर ऋचा पाण्डेय के मुताबिक, सबसे पहले अपने आप ये खुद सुनिश्चित कर लें कि अब आपको जॉब से रिजाइन करना ही है। जब तक खुद से श्योर ना हों तब तक अपने बॉस या एचआर के पास जाकर इस्तीफ़े की बात न करें क्योंकि असमंजस की स्थिति आपके लिए भारी पड़ सकती है, हो सकता है कि आपके ऐसा कहते ही आपका बॉस आपका रिप्लेसमेंट ढूंढने लग जाए और कल को आपका मन बदल जाए तो आपकी इस जॉब से छुट्टी हो जाएगी। वहीं अगर मन बना लिया है तो रिज़ाइन करने के दौरान प्रोफेशनलिज्म दिखाना बेहद ज़रूरी है।

ये हैं जॉब से रिजाइन देने के शिष्टाचार

सीधे बॉस को बताएं अपना फैसला

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कई बार आप बॉस से पहले बाकी कलीग्स से यह बात शेयर कर लेते हैं कि आप नौकरी छोड़ने जा रहे हैं,यह बात बॉस को भी आपके ज़रिये नहीं बल्कि किसी तीसरे के ज़रिये पता चलती है जो कि गलत है। अगर रिज़ाइन करना चाहते हैं तो बॉस को सबसे पहले अपने फैसले से अवगत कराएं। उनसे अपने डिसीज़न के बारे में चर्चा करें और भविष्य को लेकर संभावनाओं का भी जिक्र करें। कभी भी सीधे मैसेज या मेल के ज़रिये अपने रिज़ाइन की बात बॉस को न शेयर करें। पर्सनल डिस्कशन के ज़रिये ही ऐसा करें। उन्हें बताएं कि मौजूदा नौकरी में उन्हें काम करने में कितना अच्छा लगा, कितना सीखने को मिला, बातचीत में आपको अपनी अगली जॉब की डिटेल्स देने की जरुरत नहीं है।

बातचीत के बाद बॉस आपके फैसले के बारे में एचआर डिपार्टमेंट को अवगत कराएंगे और आपसे रिजाइनिंग मेल लिखने के लिए कहेंगे। आपका रिजाइनिंग लेटर बहुत ही विनम्र, सटीक और प्रोफेशनल होना चाहिए। इसके बाद आपसे नोटिस पीरियड सर्व करने को कहा जायेगा जिसका टाइम पीरियड कम्पनी पॉलिसी के मुताबिक तय होता है। नोटिस पीरियड सर्व करने के दौरान अपनी मौजूदा ज़िम्मेदारियों से पल्ला ना झाड़ लें। वैसे ही काम करें जैसे जॉब में रहने के दौरान करते थे। इससे जाने के बाद भी कलीग्स, बॉस के सामने अच्छा इम्प्रेशन बना रहेगा। इसके अलावा एक बात ये भी ध्यान रखें कि भले ही आपने कम्पनी छोड़ दी है लेकिन अपने बॉस और कलीग्स के साथ सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों के जरिए जुड़े रहें। उनसे संवाद बनाए रखें,भविष्य में कहीं आमना-सामना हो तो उन्हें नज़रअंदाज़ ना करें। यही जॉब छोड़ने के बाद का शिष्टाचार कहलाता है।

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