किसी भी नई कंपनी में काम करने से पहले हर व्यक्ति को चिंता और घबराहट होना आम बात होती है। हर कोई चाहता है कि वो अपनी मन-पसंद कंपनी में अपनी पसंद का काम करें, जिसमे कोई गलत बात नहीं है। हर व्यक्ति को इस बात का हक़ होता है कि वो एक ऐसे वातावरण में काम करें जहां उसे काम करना अच्छा लगे। ऐसे में किसी कंपनी में काम करना कितना सही है, इस बात का निर्णय लेने के लिए इंटरव्यू के दौरान आपका उस कंपनी से जुड़ी सभी बातों को समझना बहुत ज़रूरी है। कंपनी और उसके वातावरण को समझने के लिए आपको उनसे कुछ महत्वपूर्ण सवाल पूछने पड़ते हैं। जैसे –

यहां का वर्क कल्चर कैसा है ?

जिस प्रकार के वर्क कल्चर में आप काम करते हैं, उसका सीधा-सीधा प्रभाव आपके जीवन पर भी पड़ता है।
जिस प्रकार के वर्क कल्चर में आप काम करते हैं, उसका सीधा-सीधा प्रभाव आपके जीवन पर भी पड़ता है।

आपकी प्रोफेशनल लाइफ पूरी तरह से आपकी कंपनी के वर्क कल्चर पर निर्भर करती है। आपकी कंपनी के वर्क कल्चर का सीधा-सीधा प्रभाव आपकी पर्सनल और सोशल लाइफ, आपके काम करने की प्रेरणा, आपके मानसिक स्वास्थ्य, काम पर आपके विकास और लगभग सभी चीजों पर पड़ता है। कंपनी के वर्क कल्चर को समझने से आप यह भी समझ पाएंगे कि इस प्रकार के कल्चर के काम कर सफलता पाने के लिए आपको क्या -क्या करना पड़ेगा।

यदि आपकी कंपनी का वर्क कल्चर अच्छा होता है, तो वहां एम्प्लॉईज़ के बीच झगड़ें और बहस होने की संभावना भी कम हो जाती है। किसी भी कंपनी में एक एम्प्लॉई का जीवन बहुत से उतार-चढ़ाव से भरा हुआ होता है। इसलिए अपनी कंपनी के वर्क कल्चर को समझने से आपको यह भी पता चलता है कि यहां बतौर एम्प्लॉई आपके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया जाएगा।

किस तरह यह कंपनी देती है अपने एम्प्लॉईज़ को प्रगति ?

ज़्यादातर कंपनियों में अपने एम्प्लॉईज़ की प्रगति को गंभीरता से लिया जाता है। लेकिन हर कंपनी एक अलग तरीके से अपने एम्प्लॉईज़ के काम को परखती हैं और उन्हें तरक्की देती है। कम्पनी के इस तरीके को समझना आपके लिए बहुत ज़रूरी हैं। आपको पता होना चाहिए कि क्या कम्पनी में एम्प्लॉईज़ का यह ‘परफॉरमेंस इवैल्यूएशन’ समय-समय पर किया जाता है या फिर आपको दिए गए प्रोजेक्ट्स के आधार पर। आपको पता होना चाहिए कि कंपनी में सफलता और तरक्की कैसे हासिल करनी है।

क्या यह कंपनी अपने एम्प्लॉईज़ को आगे पढ़ने के अवसर देती है ?

किसी भी क्षेत्र में आगे पढ़ना और ज्ञान बटोरना बहुत फ़ायदेमंद होता है।
किसी भी क्षेत्र में आगे पढ़ना और ज्ञान बटोरना बहुत फ़ायदेमंद होता है।

बहुत सी कंपनियां अपने एम्प्लॉईज़ को ट्रैनिग और अन्य एजुकेशनल प्रोग्राम्स के अवसर देती है। ये सारे प्रोग्राम्स आगे चलकर आपको अपने करियर में बहुत काम आ सकते हैं। ऐसी कंपनियां या तो खुद अपने एम्प्लॉईज़ के लिए एजुकेशनल और ट्रैनिग प्रोग्राम्स आयोजित करती है या फिर उन्हें वो सारी सुविधाएं देती हैं, जिसकी मदद से एम्प्लॉईज़ ट्रैनिग सेंटर्स में जाकर आगे की पढ़ाई कर सकें। कंपनियां ऐसा इसलिए करती है जिससे वह अपने अच्छे एम्प्लॉईज़ को कंपनी में बनाए रख सकें और आगे चलकर उन्हें कंपनी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना सकें। ऐसा करने से कंपनी और एम्प्लॉई दोनों का फायदा होता है।

अगली बार इंटरव्यू के दौरान एम्प्लॉयर से अपनी सैलरी, कंपनी पॉलिसीज़ और अन्य टेक्निकल सवालों के साथ-साथ ये सवाल भी पूछे। इन सवालों के जवाब से आप इस कंपनी में आपको काम करना चाहिए या नहीं, यह निर्णय और भी बेहतर तरीके से ले पाएंगे।