इंक्रीमेंट का टाइम नज़दीक आ रहा है। इस दौरान हर एम्प्लोई के मन में यह उधेड़बुन चलती रहती है कि इस साल उसे उसके मन-मुताबिक इंक्रीमेंट मिलेगा या नहीं। वह इसे लेकर मन में कई योजनाएं बनाता रहता है कि आखिर कैसे अपने बॉस से इंक्रीमेंट को लेकर अपना पक्ष रखे ताकि जब उसे सैलरी में बढ़ोतरी मिले तो वो उसके मन-मुताबिक हो। कई बार एम्प्लोई साल भर कड़ी मेहनत से काम तो कर लेता है लेकिन जब इंक्रीमेंट की बात करने का टाइम आता है तो उसे नहीं सूझता कि वो अपनी बात कैसे रखे और सैलरी में अच्छा इंक्रीमेंट पाए। आपकी इसी समस्या का समाधान करने के लिए हम लाए हैं कुछ टिप्स जिनकी मदद से आपको इंक्रीमेंट के लिए बात करने में आसानी होगी।

एचआर मैनेजर सुमित मल्होत्रा के मुताबिक, सबसे पहले किसी भी कर्मचारी को यह बात समझ लेनी चाहिए कि सैलरी में बढ़ोत्तरी की मांग कोई गुनाह नहीं है, कोई भी कर्मचारी साल भर किसी भी जॉब में अपना बेस्ट इसलिए ही देता है ताकि उसे अंत में अच्छा इंक्रीमेंट मिले। इसलिए जब भी बॉस से इसके बारे में बात करने जाएं तो खुद में यह कॉन्फिडेंस रखें कि सैलरी हाइक की बात बिलकुल नॉर्मल है। कई बार आपका मैनेजर आपके मन-मुताबिक इंक्रीमेंट करने के पक्ष में एकदम से नहीं होता,ऐसे में भी कभी आपा नहीं खोएं न ही उससे अपने संबंध बिगाड़ें। उसे पिछले एक वर्ष में किए गए बेस्ट कामों की इत्मिनान से जानकारी दें और साथ ही यह अवगत कराएं कि आप जितना इंक्रीमेंट डिमांड कर रहे हैं, आपकी पोज़ीशन के हिसाब से बाकी संस्थानों में भी उतनी ही सैलरी दी जा रही है। कई कम्पनियां साल में एक बार इंक्रीमेंट देती हैं और अपने आप सैलरी बढ़ाने की कवायद शुरू करती हैं लेकिन कुछ कंपनियों की पॉलिसी में इंक्रीमेंट आपके परफॉरमेंस रिव्यू के आधार पर कभी भी कर दिया जाता है। ऐसे में आप अपने एक्सीलेंट काम की वजह से पहले ही अच्छा इंक्रीमेंट पा चुके हैं, तो दोबारा तीन या छह महीने में इसकी उम्मीद न ही करें तो बेहतर है।

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टाइमिंग है बेहद ज़रुरी

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किसी भी कम्पनी के रेवन्यू ऊपर-नीचे होते रहते हैं और इसपर भी यह निर्भर करता है कि आपका इंक्रीमेंट कैसा होगा। ऐसे में अगर कम्पनी लॉस में है और आप अपने बॉस के पास इंक्रीमेंट की डिमांड करने जा रहे हैं, जो आपके जॉब प्रोफाइल के हिसाब से बेहद ज़्यादा है तो आपको निराशा ही हाथ लगेगी। टाइमिंग का विशेष ध्यान रखें तो रिजल्ट आपके पक्ष में हो सकता है।

न सुनने के लिए भी रहें तैयार: अगर आपको इंक्रीमेंट में मन-मुताबिक वृद्धि देने से बॉस ने इनकार कर दिया है तो इसके लिए भी पहले से नहीं सुनने का माइंडसेट बनाकर रखना ज़रुरी है।अगर बॉस ने आपको मनमुताबिक इंक्रीमेंट नहीं दिया है तो यह बिलकुल सही समय है जब आप उनसे पूछें कि आपसे आपके काम में चूक कहां हुई और अगली बार बेहतर इंक्रीमेंट पाने के लिए आपको अपनी परफॉरमेंस में क्या सुधार करना होगा।अगर आप उनके तर्क से सहमत हैं तो परफॉरमेंस में सुधार कर उन्हें अवगत कराएं कि आपने उन्हें गंभीरता से लिया है और अपने काम में सुधार भी किया है।

तो फिर देर किस बात की है। आज ही आप अपने बॉस से इंक्रीमेंट की बात करें।

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