मीटिंग ऑफ़िस का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। आए दिन बॉस अपनी टीम से किसी ना किसी मुद्दे पर बातचीत करते रहते हैं। ऐसे में अगर आप टीम लीडर हैं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि मीटिंग को कैसे सक्सेसफुल बनाएं,ऐसा क्या करें और क्या ना करें जिससे मीटिंग से कुछ काम का निकलकर आ सके और टीम पर आपका प्रभाव भी अच्छा बने।

एचआर मैनेजर संगीता श्रीवास्तव के मुताबिक, मीटिंग के लिए सही प्लानिंग बहुत ज़रुरी है, नहीं तो इससे आपका और टीम का महत्वपूर्ण समय पूरी तरह बर्बाद हो सकता है इसलिए जब भी किसी मीटिंग की योजना बनाएं तो सबसे पहले ध्यान रखें कि अगर ज़रूरी हो तभी मीटिंग बुलाएं। इसमें उन्हीं टीम के सदस्यों को बुलाएं जिनकी वहां जरुरत हो, बेवजह सभी को इकठ्ठा कर लेने से ना तो उद्देश्य की पूर्ति होती है और ना ऐसे लोग मीटिंग में कोई वैल्यू एड कर पाते जिनकी वहां ज़रुरत नहीं। मीटिंग के लिए हमेशा एजेंडा कुछ दिन पहले ही तय कर ले और इसकी जानकारी टीम को कुछ दिन पहले ही दे दें ताकि उन्हें भी इसके लिए तैयारी करने का मौका मिले। अगर मीटिंग की तैयारी ना कर पाएं हों और टीम भी इसके लिए तैयार ना हो पाई हो तो इसे टाल दें और फिर कभी मिलने का समय निर्धारित कर लें।

सही प्लानिंग से सक्सेसफुल होगी ऑफिस मीटिंग


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याद रखें, मीटिंग को हमेशा तय समय पर शुरू करके समय पर ख़त्म भी कर दें। अगर ऐसा ना हो पाए तो टाइम लिमिट तय करके जाएं कि आपको किन-किन मुख्य बिंदुओं पर टीम से बात करनी है। एजेंडे से न भटकें क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि बातों-बातों में मुद्दे से भटक जाते हैं और मुझे एजेंडे पर ध्यान फोकस ही नहीं हो पाता। साथ ही समय की भी बर्बादी होती है। टीम में से किसी को लीडर चुनें और उसे मीटिंग के मुख्य बिंदु नोट करने के लिए कहें ताकि अगर टीम में से किसी को कुछ बातें समझ न आई हो और कोई टीम मेंबर किसी कारणवश मीटिंग का हिस्सा न बन पाया हो तो वो लीडर उसे बाद में वह मुख्य बिंदु समझा दे। मीटिंग कभी भी एक तरफ़ा ना रखें। ऐसा न हो कि बॉस के तौर पर केवल आप ही बोलते रहें और टीम को अपनी बात रखने का मौका न दें। मीटिंग में हमेशा टू-वे कम्युनिकेशन रखें ताकि टीम के भी पॉइंट्स सामने आएं और उनपर भी चर्चा की जा सके। आख़िरकार बॉस और टीम का एजेंडा कंपनी की बेहतरी का ही होता है इसलिए मिलजुलकर आगे बढ़ें। कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सबको विश्वास में लें। मीटिंग में डिस्कस हुए मुख्य बिंदु सबको मेल पर भेजें और उनपर कितना काम हुआ है, उसका भी फॉलो अप लें। अगर मीटिंग में कोई बात डिस्कस हुई है और उसका रिजल्ट सही नहीं निकल रहा है तो टीम से कुछ मिनटों की मीटिंग कर उसे बदलने की बात कहने में भी बुराई नहीं है। लचीलापन रखें और अच्छे लीडर बनें।

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