अगर आप भी ऑफिस पॉलिटिक्स से परेशान हैं और अपने कलीग्स का रवैया आपको नहीं पसंद आ रहा, तो आज हम आपको इसका समाधान बताने जा रहे हैं। अक्सर लोग बॉस की चापलूसी के लिए और प्रमोशन के टाइम पर ऐसा माहौल बना देते हैं, जिसकी वजह से लोगों के बीच तनाव आ जाता है। इन चर्चाओं में लोग अपना अपना मत प्रकट करते हैं, जिसकी वजह से कई बार आप खुद को परेशानी में पा सकते हैं।

इस तरह की ऑफिस पॉलिटिक्स को टालना तकरीबन असंभव है, लेकिन समय पर आपको इसकी जानकारी होना और अपने पक्ष को मज़बूत बनाए रखना ज़रूरी है। जब भी आप ऑफिस पॉलिटिक्स के दायरे में आए, तो इन उपायों से खुद को बचा सकते हैं।

लोगों को समझिए: अक्सर ऑफिस पॉलिटिक्स की वजह से आपको लोगों को समझने की ज़रूरत पड़ती है। लोग आपको बॉस के सामने नीचा दिखाने की कोशिश कर सकते हैं, इसीलिए ज़रूरत है कि आप लोगों को समझें और उनकी हरकतों का तोड़ निकालें।

दायरा बढ़ाएं: अक्सर जब आप अपने दायरे में सीमित रहते हैं और लोगों से बात नहीं करते, तो दफ्तर के कामकाज के अलावा आप बाकी बातों को जान नहीं पाते। कई बार इसी वजह से लोग आपका फायदा उठा सकते हैं।इसीलिए ऑफिस के लोगों से बातचीत करते रहें। इससे आपकी सोशल लाइफ बेहतर बनी रहेगी। वहीं अपने बॉस को इग्नोर ना करें और उनसे समय-समय पर बात करते रहें।

ऑफिस पॉलिटिक्स के दौरान लोग चुप रहना पसंद करते हैं

भावनाओं पर रखें काबू: अक्सर बातचीत करते वक्त आप इमोशनल होकर कुछ ऐसी बातें कह सकते हैं, जो आपके खिलाफ काम कर सकती हैं। इसीलिए लोगों की बातें सुने और उसके हिसाब से भावनाओं को काबू रखते हुए जवाब दें।

स्वाभिमान बनाए रखें: अक्सर ऑफिस पॉलिटिक्स के दौरान लोग चुप रहना पसंद करते हैं और इसी बात का फायदा उठाकर बाकी लोग आपको नीचा दिखाने की कोशिश कर सकते हैं। हमेशा ध्यान रखिए कि आपको स्वाभिमान बचाना बेहद ज़रूरी है। इसीलिए लोगों को एहसास दिलाइए कि आप अपने सिद्धांतों और ईमानदारी को लेकर कितने सक्रिय हैं।

यदि आप भी इन बातों का ध्यान रखेंगे, तो ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार कभी नहीं होंगे।

 

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..