ऑफिस में घंटों बैठे रहने से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की बात सामने आ चुकी है। कई रिसर्च में खुलासा हो चुका है कि लगातार बैठे रहना आपके लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। हममें से कई लोग बैठे रहने के नुकसान से वाकिफ तो हैं लेकिन ये नहीं समझ पाते कि आखिर इससे बचने के लिए क्या कदम उठाएं। ऐसे में स्टेैंडिंग डेस्क महानगरों के ऑफिस में तेजी से बढ़ता चलन है जो आपकी इस समस्या का समाधान बन सकता है।

क्या है स्टैंडिंग डेस्क?

इसे आप स्टैंड अप डेस्क कह सकते हैं जिसमें आप अपने वर्कप्लेस पर बैठकर नहीं, बल्कि खड़े होकर काम कर सकते हैं। अगर आपके ऑफ़िस में बैठकर काम करने का चलन है तो भी इससे निराश न हों और ऑफ़िस की कोई ऐसी जगह तलाशें जहां आप कुछ देर खड़े होकर काम कर सकें। कई स्टडीज़ में भी सामने आया है कि बैठे रहने के बजाय अगर आप खड़े होकर काम करेंगे तो आपकी लाइफस्टाइल में काफी सुधार आएगा और आपकी हेल्थ पर भी ख़राब असर नहीं पड़ेगा।

स्टेंडिंग डेस्क के क्या हैं फायदे?

दिल की होगी सुरक्षा: लगातार बैठे रहने से दिल की बीमारियों का रिस्क 147% ज्यादा होता है। यह खतरा तब भी बना रहता है जब आप हर दिन एक फिज़िकल एक्टिविटी ज़रुर करते हैं लेकिन उसके बाद ज्यादातर समय बैठ कर ही निकालते हैं। एक स्टडी के मुताबिक, दिल की बीमारियों से बचने में स्टैंडिंग डेस्क ने बेहतरीन भूमिका निभाई है। खड़े होकर काम करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है।

ब्लड शुगर लेवल को करेगा कंट्रोल: खड़े रहने से मेटाबॉलिज्म सुधरता है और ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ता है। एक स्टडी में पाया गया है कि जो ऑफिस वर्कर्स लंच के बाद 180 मिनटों तक खड़े रहे उनमें ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा 43% तक कम हो गया।

क्या है डॉक्टर की सलाह

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मोटापे और बैक पैन से मिलेगी राहत

Image Credit: aktivhealth.in

डॉक्टर प्रीति शुक्ला (पीएचडी, एम.एससी और डायटीशियन) के मुताबिक, ‘लगातार बैठे रहने से कमर के आसपास के हिस्से में फैट जमने की समस्या होने लगती है लेकिन अगर आप खड़े रहते हैं तो इससे निजात मिल सकती है। एक रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि बैठे रहने की अपेक्षा खड़े रहने पर 0.34 ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। आपने अक्सर ऑफिस कलीग से सुना होगा कि उसे लगातार बैठे रहने से बैक पैन की प्रॉब्लम हो रही है लेकिन स्टेंडिंग डेस्क से इससे भी निजात मिल सकता है। खड़े होकर काम करने से अपर बैक और नैक पैन 54% तक कम हो सकता है। खड़े रहने से ब्लड सर्कुलेशन सुधरेगा जिससे ब्रेन एक्टिव होगा और आपका मूड भी सुधरेगा। स्ट्रेस को काबू में रखने वाला कॉर्टिसोल एक्टिव होगा। इसका मतलब आपका स्ट्रेस लेवल भी बैलेंस होगा और आप अच्छा महसूस करेंगे जिससे काम पर फोकस बढ़ेगा और प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी।’

कितनी देर खड़े रहना है ज़रुरी: कई बार ये समझ लिया जाता है कि हमें लगातार ही खड़े रहकर काम करना है जबकि ऐसा नहीं है। डॉक्टर प्रीति शुक्ला के मुताबिक, काम के बीच में 10-15 मिनट का ब्रेक लें और मसल्स को स्ट्रेच होने का मौका दें, हाँ पॉश्चर का ध्यान रखें, गर्दन सीधी रखें और चलते-फिरते रहें तो आप कई सारी स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं। थोड़ी स्ट्रेचिंग करें, गर्दन को हल्के से ऊपर-नीचे करें। लगातार चार-पांच घंटे खड़े रहने से तो आप थक जायेंगे इसलिए ऐसा करने की ज़रुरत नहीं है। आप ये छोटी छोटी बातें ध्यान रखकर भी अपनी लाइफस्टाइल सुधार सकते हैं।

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