इसमें कोई संदेह नहीं है कि एकल माता-पिता का जीवन विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। एक या अधिक बच्चों के लिए एकमात्र केयर टेकर होने के नाते आप मानसिक और शारीरिक रूप से थक सकते हैं। ऑफिस में काम करने वाले लोग वर्क-लाइफ बैलेंस बनाकर बच्चों को समय देने की कोशिश करते हैं, ऐसे में सिंगल मदर्स के लिए इस काम को करना और भी कठिन हो सकता है। उनके पास बच्चों को संभालने की ज़िम्मेदारी बांटने के लिए पार्टनर का साथ नहीं मिलता। ऐसे में वर्क और लाइफ का बैलेंस न हो तो जीना दूभर हो जाता है। बच्चों को अच्छी लाइफ देने के लिए मां का काम करना भी ज़रुरी है। ऐसे में उन्हें नौकरी या बिजनेस कर फाइनेंशियल ज़िम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। मदर्स डे के मौके पर आइए आपको बताते हैं कुछ टिप्स, जिससे आपको बच्चों और काम दोनों को मैनेज करने में थोड़ी आसानी होगी।

कई बार ऐसी परिस्थिति होती है जब आपके ऑफिस और घर दोनों ही जगह बराबरी से जरुरत होती है। एक तरफ मान लीजिये ऑफिस में बॉस के साथ मीटिंग है और दूसरी तरफ आपके बच्चे की तबियत ख़राब या उसके एग्जाम, ऐसे में आप दुविधा में फंस जाती हैं कि किसे चुनें तो आपको बता दें कि इस स्थिति में मदद मांगना सबसे कारगर उपाय है। कई बार हमें लगता है कि अकेले सबकुछ मैनेज कर लेंगे लेकिन ऐसा हमेशा संभव नहीं। ऐसे में बॉस को पूरी स्थिति से अवगत करा दें कि आपको बच्चे को दिखाना है। डॉक्टर से परामर्श के बाद किसी रिश्तेदार या पड़ोसी की मदद लें और बच्चे को कुछ देर उनके पास छोड़ दें। आपकी इस परिस्थिति को देखकर कोई भी मदद कर देगा। लोग अक्सर मदद करना चाहते हैं- लेकिन अगर आप नहीं पूछेंगे तो वे मदद भी नहीं करेंगे।

सिंगल मदर कैसे करे ऑफ़िस और बच्चों को मैनेज, जानिये कुछ ज़रुरी बातें

अपने लाभ के लिए तकनीक का उपयोग करें
अपने लाभ के लिए तकनीक का उपयोग करें

स्मार्ट फोन वर्क-लाइफ बैलेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आप डेली के कामों को इसके जरिये आसानी से मैनेज कर टाइम बचा सकती हैं। आप अपने फोन का उपयोग किराने का सामान, शेड्यूल अपॉइंटमेंट्स, अपने बच्चों के होमवर्क असाइनमेंट्स की समीक्षा करने के लिए कर सकते हैं। तो आपका फोन आपके दैनिक जीवन से कुछ तनाव को बाहर निकालने और अपने समय को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने का एक शानदार तरीका हो सकता है।

साथ ही अगर किसी मीटिंग में आपका जुड़ना ज़रुरी है और आप उस समय ऑफ़िस नहीं जा पा रही हैं क्योंकि आपका बच्चे के साथ होना ज्यादा जरुरी है तो ऐसे समय में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग से जुड़ने की इजाज़त आप अपने बॉस से मांग सकती हैं। इससे आपकी दोनों ही जिम्मेदारियां आसानी से निभ जाएंगी और कहीं भी कुछ छूट जाने का मलाल आपके मन में नहीं रहेगा।

सेल्फ-केयर के लिए समय निकालें: कई बार इतनी जिम्मेदारियां निभाने के बीच में हम खुद को भूल जाते हैं। ऐसे में हमें खुद को भी समय देना ज़रुरी है जो हम नहीं करते। इसे इस तरह से सोचें – जब हम थके हुए, तनावग्रस्त, बीमार होते हैं, या सिर्फ हमेशा जिम्मेदारियों के पीछे भागते हैं तो हमारा काम प्रभावित होता है। यदि हम सही खाने, व्यायाम करने और पर्याप्त नींद लेने के लिए समय नहीं निकालते हैं, तो हम काम पर अपने सर्वश्रेष्ठ स्थान पर नहीं होंगे। इसलिए कम समय में ज्यादा प्रोडक्टिव होने के लिए जरुरी है कि हम छोटे-छोटे ब्रेक लेकर खुद के लिए वक्त निकालें। हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देकर, हम वास्तव में काम और घर पर अधिक उत्पादक हो सकते हैं।

बैक-अप प्लान बनायें: जब आप एक सिंगल मॉम होती हैं, तो कई बार कई जिम्मेदारियां निभाते हुए कुछ चीजें ज़रुर ऊपर-नीचे होंगी। ऐसे में निराश ना हों, बैकअप प्लान रखें। बैठिये और उन लोगों की एक सूची बनाइये, जिन्हें आपातकाल की स्थिति में बुलाया जा सकता है। यह आपके भाई-बहन,अच्छा दोस्त, पड़ोसी या कोई अन्य विश्वसनीय व्यक्ति हो सकते हैं जो आपकी गैरमौजूदगी में आपका काम संभाल सकते हैं। लेकिन जब उन्हें भी आपकी जरुरत हो तो आप भी उनकी मदद करें। यह छोटी-छोटी चीजें करने से आप बेहतर ढंग से काम और घर को मैनेज कर पाएंगी।

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