अक्सर लोग आगे बढ़ने के सपने देखते हैं और इसके लिए करियर में मेहनत भी करते हैं। लेकिन उन्हें पता नहीं होता कि प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ उन्हें अपनी पर्सनल लाइफ का भी ख्याल रखना है। यही वजह है कि उनकी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस बिगड़ जाता है। इसकी वजह से या तो उन्हें करियर से हाथ धोना पड़ता है या अपनों से। अगर आप भी ऐसी स्थिति में हैं, तो इन टिप्स पर ज़रूर ध्यान दें। इन टिप्स को अपनाकर आप अपनी वर्क लाइफ और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस बना पाएंगे।

तय करें बाउंड्री: मुंबई में आईटी कंपनी में कार्यरत रॉबिन शाह कहते हैं खुद के लिए एक बाउंड्री बनाना ऑफिस में कलीग्स के साथ कंपटीशन के चलते मुश्किल है। ऑफिस का काम ऑफिस में ही छोड़ देना ज़रूरी होता है। घर आकर ऑफिस का काम करना आपकी पर्सनल लाइफ पर महंगा साबित हो सकता है। इसलिए आपको यह तय करना होगा कि घर आकर आप ऑफिस का काम ना करें। ऐसे ही घर की परेशानियों को भी ऑफिस के कामों से दूर रखें।

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अपने काम को आपकी क्षमता के अनुसार निर्धारित कर सकते हैं

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प्लान करें: दफ्तर से निकलने से पहले अपने काम के बारे में सोच विचार कर लें और अगले दिन की योजना भी बना लें। वहीं घर से ऑफिस के लिए निकले तो घर की टेंशन को घर पर ही छोड़ दें। यदि आप ऐसा नहीं करेंगे तो ऑफिस के काम में आपसे गलतियां हो सकती है, जिसका असर आपके करियर पर पड़ेगा।

टाइम मैनेजमेंट: मुंबई की एक कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत सुषमा कदम कहती है कि घर और ऑफिस के बीच बैलेंस बनाना कई बार चैलेंजिंग हो सकता है, इसीलिए समय की प्लानिंग बेहद ज़रूरी है। यदि आप अपने काम को आपकी क्षमता के अनुसार निर्धारित कर सकते हैं, तो आपकी पर्सनल लाइफ के लिए आप समय निकाल पाएंगे। इससे आपका मन भी खुश रहेगा और आप ऑफिस के कामों में भी आगे बढ़ पाएंगे।

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खुद पर भरोसा रखें और समय के साथ परिवर्तन को अपनाएं

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राज़ बनाए रखें: यदि आपकी पर्सनल लाइफ में कुछ समस्याएं हैं, तो उसे अपने काम के ना आने दें। अपने आसपास के कलीग्स को महसूस ना होने दें कि आप परेशानी में है। यदि आप अपनी परेशानियों को लेकर लोगों से बात करने लगेंगे तो ऑफिस में आपकी नकारात्मक छवि पैदा हो जाएगी और आप के काम से नाखुश लोग इसका फायदा उठा सकते हैं। खुद पर भरोसा रखें और समय के साथ परिवर्तन को अपनाएं।

यदि आप इन कामों को आसानी से कर पाए, तो प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ पर्सनल लाइफ की तकलीफें भी दूर होती चली जाएंगी।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..