स्टीव जॉब्स कहा करते थे कि अपने दिन की शुरुआत खुद से ये सवाल पूछकर करते हैं, “यदि आज मेरे जीवन का आखिरी दिन होगा, तो क्या मैं वो काम करना चाहता हूं, जो मैं आज करनेवाला हूं।” यदि उनका जवाब लगातार कुछ दिनों तक ‘ना’ होता है, तो वे अपने अंदर कुछ बदलाव लाने की कोशिश करते हैं।”

सुबह का समय आपके पूरे दिन का ऐसा समय होता है जब आप सबसे ज़्यादा एनर्जेटिक, प्रेरित और संकेंद्रित महसूस करते हैं। इस दौरान आपकी प्रोडक्टिविटी सबसे ज़्यादा होती है। एक रिसर्च के अनुसार लोगों को अपने ज़्यादातर महत्वपूर्ण काम सुबह ही निपटा लेने चाहिए।

लेकिन यह बात भी बहुत मायने रखती है कि आप सुबह ज़्यादा आराम से अपना काम पूरा कर सकते हैं या रात में। अब जैसे गूगल के सीईओ सुंदरम पिचाई सुबह काम नहीं कर सकते हैं। उन्हें सुबह- सुबह अखबार अच्छे से पढ़ना, अपनी चाय का आनंद लेना जैसे काम करना पसंद है। इन सब के बाद ही वो अपने काम की शुरुआत कर सकते हैं।

यदि आप उन लोगों में से है, जिन्हें सुबह अपना काम निपटाना अच्छा लगता है, तो आप एलिस इन वंडरलैंड की एलिस की तरह जीना शुरू कर सकते हैं। सुबह के नाश्ते से पहले अपने कोई भी 6 काम निपटा लें, जो सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है।

रॉन फ्राइडमैन नामक लेखक का मानना है कि सुबह-सुबह मेल्स चेक करके दिन की शुरुआत करना, अपना दिन शुरू करने का सबसे बुरा तरीका है। ऐसा करने से आपका सारा ध्यान इस बात पर चला जाता है कि आप उन मेल्स का जवाब कैसे देंगे और खुद को आवश्यक समय नहीं दे पाएंगे।

‘टम्बलर’ नामक एक वेबसाइट के फाउंडर, डेविड कार्प, अपने मेल्स तब तक चेक नहीं करते जब तक वो ऑफ़िस नहीं पहुंचते। वो सबसे पहले पर्सनल, फिर अपने एम्प्लॉईज़ के और आखिर में अपने काम से जुड़े मेल्स चेक करते हैं।

सबसे लोकप्रिय ब्रिटिश प्रधान मंत्री मार्गरेट थैचर सुबह 5 बजे उठकर अपने दिन की शुरुआत बीबीसी पर अपने देश से जुड़े रेडियो प्रोग्राम सुनकर करती थी। इससे उन्हें अपने देश और देशवासियों के बारे में जानकारी मिलती थी। ऐसा करने से वो अपने काम के लिए पूरे दिन प्रेरित रहती थी।

याद रखिए कि जिस तरह आपका पिछला दिन खत्म होता है, उसका बहुत बड़ा प्रभाव आपके अगले दिन की प्रोडक्टिविटी पर पड़ता है। अमेरिकन एक्सप्रेस के सीईओ, केनेथ चेनॉल्ट, अपना दिन खत्म करने से पहले हमेशा अगले दिन उन्हें जो भी काम निपटाने है, उसकी एक लिस्ट बना लेते हैं।

दरअसल, एक बेहतरीन दिन की शुरुआत करने के लिए ज़रुरी है कि आप इसकी शुरुआत थोड़ी एक्सरसाइज़ करके करें और फिर अपने उन कामों को निपटा लें जिनके लिए आपको सबसे ज़्यादा फोकस की ज़रूरत है। ऐसा करने के आपको पूरे दिन इस बात की तसल्ली रहती हैं कि आपने अपने सभी महत्वपूर्ण काम निपटा लिए हैं। इस तरह से आप अपने बचे हुए काम भी आराम से निश्चिन्त होकर खत्म कर सकेंगे।