आज के समय में चिंता और तनाव हमारी जिंदगी का एक अभिन्न अंग बन गए हैं। यही वजह है कि लगभग हर तीसरा व्यक्ति मानसिक समस्या से जूझ रहा है। काम में आगे बढ़ने का प्रेशर और पैसा कमाने की होड़ में हम इस चिंता और तनाव से बच नहीं पाते। यही वजह है कि लोगों में पैनिक अटैक्स तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। खास तौर पर ऑफिस का वातावरण इतना तनावपूर्ण होता है कि हमारे खिलाफ किया गया एक काम हमें गहरी चिंता में डाल सकता है। यही चिंता हमें पैनिक अटैक की ओर ले जाती है। इसलिएऑफिस में पैनिक अटैक होना बेहद आम हो गया है। यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो हम आपको इससे बचने के कुछ उपाय बताएंगे। आइये जानते हैं इस समस्या से जुड़ी कुछ बातें।

लक्षण है आम

आपको खुशी देने वाली और मनपसंद चीज का ख्याल मन में लाएं

पैनिक अटैक के कई लक्षण हो सकते हैं, जिस में अचानक बहुत अधिक डर लगना, घबराहट होना, शार्टनेस आफ ब्रेथ यानी कि सांस लेने में परेशानी होना और दिल की धड़कन बढ़ना यानी कि पल्पटेशन की समस्या होना आम है। यदि आप ऐसी ऐसे लक्षणों को खुद में देख रहे हैं, तो आपको जल्द से जल्द डॉक्टर की सलाह लेने की ज़रूरत है। यह समस्या ठीक की जा सकती है इसीलिए इन टिप्स को ध्यान से पढ़ें।

सांसो पर काबू पाएं

पैनिक अटैक्स की शुरुआत हेवी ब्रीदिंग से होती है। सांस लेने में दिक्कत होना या जल्दी-जल्दी सांस लेने की जरूरत पड़े, तो आपको खुद को संभालने के लिए एक छोटी सी एक्सरसाइज़ की ज़रुरत पड़ेगी। इस समस्या में सबसे पहले अपना पूरा ध्यान आने जाने वाली सांस पर केंद्रित करें। ऐसी स्थिति में लंबी और गहरी सांस लेने की कोशिश करें। जैसे ही आपकी सांस सामान्य होगी, दिल की धड़कन पर भी आप काबू पा सकेंगे।

ख्यालों पर कंट्रोल

मुंबई के जानमाने मनोचिकित्सक डॉ सतीश नगरगोरजे की माने तो इस स्थित में अक्सर आपको गलत और बुरे ख्याल आ सकते हैं। ये ख्याल आपकी स्थिति को और भी बिगाड़ते हैं, इसीलिए खुद को संभालने के लिए अपने विचारों को लिखना शुरू करें। ऐसे में आपके विचारों को बाहर निकलने का रास्ता मिलेगा और आप बेहतर महसूस करेंगे। यदि आप ऐसा ना कर सके, तो आपको खुशी देने वाली और मनपसंद चीज का ख्याल मन में लाएं। सांस को संतुलित करते हुए अच्छी बातें सोचें। पैनिक अटैक हमेशा सिचुएशनल होता है, इसीलिए समय बीत जाने पर आप जल्द से जल्द बेहतर महसूस करने लगेंगे।

खुद को संभालना है ज़रूरी

जितना जल्दी आप इस समस्या पर काम करना शुरू करेंगे, उतनी ही जल्दी इसके चंगुल से छूट पाएंगे

जब आपको पैनिक अटैक होता है तो आप अपने आसपास के वातावरण को भी डिस्टर्ब कर देते हैं। ऐसे में पैनिक अटैक के दौरान खुद को शांत रखना आपके लिए बेहद ज़रूरी है। वर्कप्लेस पर पैनिक अटैक की वजह से परेशान होने और हड़बड़ी करने की बजाय थोड़ी देर के लिए एकांत में बैठ कर खुद को शांत करने की कोशिश करें। ठंडा पानी पियें या मनपसंद जूस का सेवन करें।

सीनियर और बॉस से मदद लें

जिस तरह आपकी परेशानी सामान्य है, उसी तरह इसका इलाज भी बेहद सामान्य है। इस समस्या को दवाइयों और थेरेपी की मदद से ठीक किया जा सकता है। इसके बारे में ज्यादा सोच कर परेशानी को ना बढ़ाएं। डॉक्टर की मदद लें और इससे निकलने का प्रयास करें। जितना जल्दी आप इस समस्या पर काम करना शुरू करेंगे, उतनी ही जल्दी इसके चंगुल से छूट पाएंगे। साथ ही यदि यह समस्या बढ़ गई है, तो अपने सीनियर या बॉस को इससे अवगत करवाएं, जिससे ज़रूरत पड़ने पर भी आपकी मदद कर सकें।

इस तरह आप ऑफिस में होनेवाले पैनिक अटैक से लड़ पाएंगे।