नई नौकरी , नई जगह और नये लोग….., कुछ लोगों के लिए ये काफी मुश्किल होता है। नये बॉस के साथ नया काम और नये ऑफ़िस में काम करने के अलग तरीके, ऐसी बहुत सी बातें हैं, जिसका हर किसी को सामना करना पड़ता है।इन सब के साथ यह भी ज़रुरी है कि आप अपनी नई नौकरी में नये दोस्त भी बनाएं, लेकिन आप सोच रहे होंगे कि एक साथ इतना सब कुछ कैसे कर सकते हैं।

एक कप चाय हो जाए

ऑफ़िस में चाय और कॉफी के ब्रेक का फायदा उठाएं, यह ऐसा समय होता है, जब हर कोई रिलैक्सड होता है। जाइए,अपना परिचय दीजिए । जो लोग ज़्यादा घुलना मिलना पसंद नहीं करते, उन लोगों को थोड़ी मुश्किल हो सकती है, लेकिन ध्यान रखें कि अनौपचारिक तौर पर सहयोगियों के साथ घुलना-मिलना अच्छी बात होती है।

नाम याद रखिए

ऑफ़िस में दोस्त बनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने सहयोगियों के नाम याद रखें। “हाऊ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल” के लेखक डेल कार्नेगी के मुताबिक, “ किसी भी इंसान के लिए उसका नाम, किसी भी भाषा का सबसे मधुर शब्द होता है।” अपने सहयोगियों के नाम याद रखें, उनसे बात करते वक्त, उनको उनके ही नाम से संबोधित करें। इस बात का आपके सहयोगियों पर काफी अच्छा असर होगा।

शेयरिंग

खाना या नाश्ता सहोगियों के साथ शेयर करना काफी कारगर साबित होता है। आपके डेस्क पर रखी सुंदर स्टेशनरी भी आप अपने सहयोगियों के साथ शेयर कर सकते हैं। आपका अगर अपना पर्सनल और फिक्सड डेस्क नहीं है, तो कोशिश कीजिए कि आप कभी कभी कॉमन एरिया में रखे टेबल या काउच पर बैठ कर अपना काम करें, ऐसा करने से आप ऑफ़िस में काम करते दूसरे सहयोगियों के साथ भी जान पहचान बढ़ा सकेंगे।

बड़े बड़े कॉपोर्रेट ऑफ़िस भी इन दिनों काफी आरामदायक हो गए हैं। पर्सनल केबिन की जगह कॉमन एरिया मे रखे बीन बैग और राउंड टेबल ने ले ली है, जिससे लोग आपस में मिलजुल कर काम कर सकें।

ईमानदार रहिए

हाथ बांध कर बैठना, फोन पर लगे रहना या फिर कान पर हेड फोन लगा कर बैठने से आपके सहयोगियों को लगेगा कि आप उनके साथ घुलना मिलना नहीं चाहते जो एक गलत संदेश दे सकता है।इन सब बातों के साथ साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि आप हमेशा ईमानदार रहें। झूठ बोलना या ढोंग करना आपकी गलत छाप छोड़ सकता है। वैसे भी अगर आप कैसे हैं, अगर आपके सहयोगी नहीं जान सकेंगे, तो आपसे दोस्ती कैसे करेंगे ?

उम्मीद है कि इन बातों को ध्यान में रखकर आप अपनी नई नौकरी में नये दोस्त ज़रुर बना पाएंगे।