फिल्म इंडस्ट्री में हर कोई जगह बनाना चाहता है, अपनी पहचान बनाना चाहता है, लेकिन यह आसान काम नहीं। बॉलीवुड एक ऐसी इंडस्ट्री है,जहां बहुत से लोग हर रोज अपनी किस्मत आज़माने आते हैं। फिल्मी दुनिया में एक्टिंग नहीं, तो संगीत की दुनिया ऐसी है जहां अपनी जगह बनाने का हर कोई सपना देखता है। आपको भी अगर संगीत में रुचि है, गीतों में रूचि है, गीतों के बोल अगर आपको लुभावने लगते हैं, तो आप भी गीतकार बन सकते हैं। बॉलीवुड में मशहूर गीतकार इरशाद कामिल आपके लिए कुछ खास टिप्स लेकर आए हैं।

‘दिल दिया गल्ला’ ‘तुम जो आए जिंदगी में बात बन गई’ और ‘तू जाने ना’ जैसे कई हिट गीत फिल्म इंडस्ट्री को देने वाले इरशाद ने, ‘चमेली’ ‘रॉकस्टार’ ‘जब वी मेट’ , ‘लव आज कल’ और ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’ और ‘अजब गज़ब की प्रेम कहानी’ जैसी कई फिल्मों में गीत लिखे हैं। इरशाद आपके लिए खास टिप्स लेकर आए है, वह आपको बता रहे हैं कि अगर आपको गीतकार बनना हो, तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

लिखने और पढ़ने का शौक रखे

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इरशाद कई किताबें भी लिख चुके हैं

इरशाद का मानना है कि अगर आप लिखने और पढ़ने के शौकीन हैं, तो आप में सोचने और लिखने की क्रिएटिविटी बढ़ती है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आप अच्छी चीज़ पढ़ रहे हो तभी आप अच्छी चीज भी लिख पाएंगे। इरशाद मानते हैं कि इंडस्ट्री में अगर आपके पास अच्छी चीज़ होगी, तो ही आपको दाम भी मिलेंगे। इरशाद के मुताबिक, “खुद पर चेक रखना बहुत ज़रूरी है। कई बार हमें भ्रम हो जाता है कि हम में हुनर है, तो पहले खुद को चेक कर लीजिए कि कहीं ये भ्रम तो नहीं और आपको खुद पर यकीन है कि वाकई आप कुछ कर दिखाएंगे, तो ही इस इंडस्ट्री में आइए।

स्ट्रगल के लिए तैयार रहना

इरशाद का मानना है कि इंडस्ट्री में काफी प्रतियोगिता है, जिसके लिए आपको स्ट्रगल करना पड़ सकता है।अगर आप मेहनत से घबराते हैं, संघर्ष से घबराते हैं, तो यह इंडस्ट्री आपके लिए नहीं है। इरशाद का मानना है कि इस संघर्ष को तैयारी के तौर पर अगर आप देखेंगे, तो सफल हो सकते हैं। उनके मुताबिक, “मुंबई शहर का अपना सिलेबस है। आप जहां पले-बढ़े थे, उस शहर का अपना सिलेबस था। जब आप किसी नए शहर में आते हैं, तो उस शहर के सिलेबस की तैयारी करनी ही पड़ती है। इसको संघर्ष के तौर पर ना देखकर तैयारी के तौर पर देखें, तो आपको सफलता ज़रुर मिलेगी और आप हार भी नहीं मानेंगे।”

दाम भी मिलेगा और नाम भी होगा

इरशाद ने इम्तियाज़ अली की सभी फिल्मों में गीत लिखे हैं

इरशाद कामिल इस इंडस्ट्री में आना चाहते लोगों को कहते हैं कि अगर आप मेहनती हैं और कुछ कर गुज़रने की चाहत रखते हैं, तो ही इंडस्ट्री में करियर बनाना आपके लिए आसान है। वह बताते हैं, “अगर आपके पास यूनिक और कुछ हटकर आइडिया है, तो आपको आपकी चीज का दाम भी मिलेगा और पहचान भी। अगर आप भी वही सब चीज बेच रहे हैं, जो मार्केट में दस लोगों के पास है, तो शायद आपको दाम ना मिलें।”

पंजाब यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता और हिंदी पोएट्री में पीएचडी करने वाले इरशाद कामिल ‘फन्ने खां’ , ‘लैला मज़नू’ शाहरुख की आने वाली फिल्म ‘ज़ीरो’ और सलमान की अगले साल रिलीज़ होने वाली फिल्म ‘भारत’ के लिए भी गीत लिख रहे हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इम्तियाज़ अली की ‘सोचा ना था’ फिल्म से की थी। इसके बाद करीना कपूर की चमेली और उन्हें पहली कमर्शियल सफलता फिल्म ‘जब वी मेट’ से मिली। उम्मीद करते है कि इरशाद की ये खास टिप्स आपके संघर्ष को आसान कर देंगी।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।