क्या आप एक लम्बे समय से किसी संस्थान में जॉब कर रहे हैं ? या आप उनमें से हैं जिन्होंने अपने करियर में कई संस्थानों में कार्य करने का अनुभव लिया है। दोनों ही मामलों में एक बात अक्सर हम सबके दिमाग में कौंधती ज़रूर है, कि क्या किसी संस्थान में ज़रुरत से ज्यादा, मतलब 8 या 10 साल तक रुके रहना सही है ? या क्या लगातार कुछ-कुछ अंतराल पर जॉब बदलते रहना सही है ? इसका कोई निश्चित जवाब नहीं है और यह पूरी तरह से व्यक्ति और परिस्थिति पर ‘निर्भर’ करता है।

संभावना

एचआर मैनेजर ऋचा पाण्डेय के मुताबिक, यदि आप लंबे समय तक एक ही कंपनी से जुड़े हुए हैं तो ऐसी संभावना हमेशा बनी रहती है कि भविष्य में जहां भी आप काम मांगने जाएं, वहां आपको निराशा हाथ लगे। ऐसा इसलिए कि भविष्य का एम्प्लायर इसके दो अर्थ निकाल सकता है। पहला – आपने लंबा वक़्त एक संस्थान में गुजारा है इसका मतलब आप कम्फर्ट ज़ोन में रहना पसंद करते हैं। दूसरा- आपको नई चुनौतियां और स्किल्स सीखने में ज्यादा रूचि नहीं है।

समाधान

हालांकि, किसी संस्थान में लंबा वक़्त गुजारने का यह मतलब कतई नहीं है कि अन्य जगहों पर आपको तवज्जो ना दी जाए।बस आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा-

  • अपनी स्किल्स को लगातार निखारते रहिये। मसलन ‘आज’ के लिए अपडेट रहिए।
  • यदि आप वर्तमान संस्थान में 2-3 साल के अंतराल पर प्रमोशन पा रहे हैं तो यह एक पॉजिटिव साइन है। यह बताता है कि आप में वह गुणवत्ता है जिसके चलते आपको तरक्की दी जा रही है।
  • काम को लेकर आपकी लर्निंग, फ्यूचर प्लान्स और विज़न को सटीकता के साथ रखिये।

क्या लगातार कुछ-कुछ अंतराल पर जॉब बदलते रहना सही है?

कैसे जानें कि जॉब बदलने के लिए यही सही वक़्त है?

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यह पूरी तरह से व्यक्ति और परिस्थिति पर निर्भर करता है। जॉब और करियर से जुड़ा सबसे अहम रूल है – अपनी निजी ग्रोथ देखते चलिए। इसका मतलब यह हुआ कि जो समय आपने किसी संस्थान को दिया है उसके एवज में आपने क्या नया सीखा यानी स्किल्स? करियर की कैसी ग्रोथ हुई यानी प्रमोशन और पैसा ? और सबसे अहम क्या आप अपने काम में भविष्य देखते हैं यानी फ्यूचर ग्रोथ ? यदि इन सवालों के सही-सही जवाब आपके पास हैं तो आपको यह निर्णय लेने में आसानी रहेगी।

फैक्टर्स जो इशारा करते हैं कि अब वक़्त है आगे बढ़ने का…

लगातार लंबे समय तक एक ही जॉब में बने रहना तब तक नुकसानदायक नहीं है जब तक कि –

  • जॉब में सीखने के लिए कुछ भी नया ना बचा हो।
  • अक्सर काम को लेकर शिकायत रहती हो।
  • काम बोझिल लगने लगा हो।
  • ग्रोथ (प्रमोशन और पैसे) की संभावना कम हो।
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