कहा जाता है कि अपनी सैलरी की चर्चा कभी भी अपने सहकर्मियों के साथ नहीं करनी चाहिए। हालांकि सहकर्मियों के साथ अपनी सैलरी के बारे में बात करना, कानूनी तौर पर कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन इसके विषय में चर्चा करने से ऑफ़िस में आपको कुछ गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और इसके कारण ऑफ़िस का माहौल भी थोड़ा अजीब लगने लगता है। बहुत सी कंपनियां अपने कर्मचारियों को अपने सैलरी पर चर्चा करने की अनुमति नहीं देती है।

सहकर्मियों के साथ अपनी सैलरी के बारे में बात करना क्यों है अच्छा ?

सैलरी पर चर्चा करने से आप अपने बॉस के बजट का अनुमान लगा सकते हैं और कंपनी में अपना महत्व समझ सकते हैं।

कभी कबार अपने सहकर्मियों के साथ अपने सैलरी के बारे में बात करना अच्छा होता है। कई बार कर्मचारियों को ऐसा लगता है कि उनके दिए गए काम के सामने जो तनख्वाह उन्हें मिल रही है वो बहुत कम है। ऐसी स्थिति में सैलरी के बारे में बात करना सही है। आप अपने सहकर्मियों से बात करके उस सैलरी का अनुमान लगा सकते हैं जिसके आप हकदार हैं।

यदि कंपनी में अधिकतर कर्मचारीयों को उनके काम के सामने कम तनख्वाह दी जाती है तो सैलरी पर चर्चा करना और भी ज़्यादा महत्वपूर्ण होगा। इस स्थिति में आप सब एक साथ मिलकर अपने इम्प्लॉयर के सामने, सभी की सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव रख सकते हैं।

चलिए जानते है कि सहकर्मियों के साथ सैलरी के विषय में चर्चा क्यों नहीं करनी चाहिए

सैलरी पर चर्चा करने से सैलरी में अंतर के कारण ऑफिस में सब के साथ आपके रिश्तों पर असर पड़ सकता है और ऑफिस का माहौल भी अजीब लगने लगता है।

सैलरी पर चर्चा करने से आपके और आपके सहकर्मियों के बीच विवाद होने की संभावना है। यदि आपको अपने सहयोगियों की तुलना में कम सैलरी दी जाती है, तो यह आपको ईर्ष्यालु, लड़ाकू या कम आश्वस्त बना सकता है। यदि आपके सहकर्मियों को पता चल जाए कि आपको उनसे अधिक सैलरी दी जा रही है तो उनके साथ भी यही होगा। इससे आफिस का माहौल पूरी तरह से नकारात्मक हो जाएगा, जो वहां काम कर रहे कर्मचारियों के लिए एक अच्छी बात नहीं है।

यदि आपके बॉस ने आपको सैलरी के विषय में चर्चा करने की अनुमति नहीं दी है और फिर भी अगर आप ऐसा करते हैं, तो आप मुसीबत में पड़ सकते हैं। वेतन की जानकारी पर चर्चा करना आपको विशेष रूप से तब परेशान कर सकता है जब आपके नियोक्ता ने आपको ऐसा करने से मना किया हो। आपका बॉस ना सिर्फ आपको जॉब से निकाल सकता हैं, बल्कि आपके खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।

असल में आपको करना क्या चाहिए ?

सैलरी के बारे में चर्चा करते समय कुछ ख़ास बातों का ध्यान रखें

  • संभलकर बात करें। केवल उन सहयोगियों से बात करें जिन पर आप भरोसा कर सकते हैं।
  • काम के समय चर्चा ना करें। ब्रेक के समय या काम के बाद बात करें।
  • यदि आप पुराने कर्मचारियों या अन्य विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ बात करें तो बहुत अच्छा होगा।

अपने सहयोगियों के साथ अपनी सैलरी की चर्चा करने के फायदे भी हैं और नुकसानन भी। और तो और कई बार ना चाहते हुए भी आपको उन्हें अपनी सैलरी बतानी पड़ेगी। भले ही आप अपनी सैलरी शेयर कर रहे हो, लेकिन इस बात का ख़ास ध्यान रखें कि आप उससे जुडी कोई निज़ी बात का विवरण ना दें। खासकर आपको इस बात का ध्यान रखना है कि सैलरी के विषय में बात करने से ऑफ़िस में आपके रिश्ते ना बिगड़ जाए।