क्या आपको बहुत गुस्सा आता है? यदि हां तो चिंता वाली बात नहीं है, क्योंकि गुस्सा एक तरह से आपके इमोशंस को ज़ाहिर करने के लिए ज़रूर है, लेकिन यही गुस्सा जब हद से ज़्यादा बढ़ जाए और आपकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ पर प्रभाव डालने लगे तो थोड़ा सतर्क रहने की ज़रुरत है। ख़ास कर यदि गुस्सा आपको ऑफ़िस में आ रहा है तो सावधानी रखने की ज़रुरत है, क्योंकि यह ना सिर्फ आपके काम को बिगाड़ सकता है, बल्कि आपकी फ्यूचर ग्रोथ पर भी बुरा असर डालता है। आपको बता दें कि, हम में से अधिकांश लोग अपनी डेली लाइफ का एक तिहाई हिस्सा (9-5) ऑफ़िस में स्पेंड करते हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि घर और पर्सनल लाइफ के बाद ऑफ़िस ही वह जगह है, जिसे हमारे द्वारा सबसे ज्यादा तवज्जो दी जाती है। तो आइए जानते हैं ऑफ़िस में गुस्सा आए तो इससे कैसे निपटें.

ऑफिस का काम घर नहीं ले जाएं

यदि आप ऑफ़िस की नेगेटिविटी से बचना चाहते हैं तो सबसे पहला नियम है कि ऑफ़िस के काम को घर लेकर ना जाएं अपनी रिसर्च में दावा किया है कि ऑफ़िस का काम घर ले जाने से या इसके बारे में घर में चर्चा करने से उल्टा नेगेटिविटी बढ़ती है। इसलिये इस बात का विशेष ध्यान रखें।

रिलैक्स रहें, हंसी-मज़ाक करें

ऑफ़िस में काम करने का यह कतई मतलब नहीं है कि आप हमेशा एक गंभीर वातावरण में रहें। ऑफ़िस में मौजूद सहकर्मियों के साथ हंसी-मज़ाक करते रहिए। याद रखें,ऑफिस का वातावरण जितना खुशनुमा होगा, नेगेटिविटी उतनी ही कम होगी।

ऑफिस में रहना चाहते हैं कूल तो काम आएंगी ये बातें

ऑफिस की बातों को पर्सनली ना लें

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खुद के लिए समय निकालें, म्यूज़िक सुनें

ऑफिस में काम के बीच जब भी आपको समय मिले तो कोशिश करें कि कोई हल्का म्यूजिक, कुछ देर के लिए ही सही, लेकिन सुनें। इससे ना सिर्फ आपका माइंड रिलैक्स होगा बल्कि ऑफिस की नेगेटिव बातों से भी कुछ देर के लिए ध्यान हटेगा। यकीन मानिए,दिमाग को कूल रखने के लिए यह ट्रिक बड़े काम की है।

ऑफिस गॉसिपिंग से बचें

गुस्से के सबसे बड़े कारणों में से एक है ऑफिस गॉसिपिंग। यह ना सिर्फ आपका समय जाया करती है, बल्कि इससे आप धीरे-धीरे नेगेटिविटी के गर्त में भी चले जाते हैं। इससे एक ओर आपकी प्रोडक्टिविटी गिरती है वहीं दूसरी ओर आपकी छवि को भी चोट पहुंचती है। इसलिए आज से ही इस आदत से तौबा कर लें। सकारात्मक सोचें और इसका असर खुद देखें। कोशिश करें कि ऑफ़िस में भी ऐसे लोगों से तत्काल दूरी बनाए जिनका स्वभाव नेगेटिव है। किसी की कही-सुनी बात पर गुस्सा ज़्यादा आता है इसलिए जब तक किसी बात के पीछे का तर्क ना पता हो बिलकुल भी रियेक्ट नहीं करें। अगर कोई बात बुरी लगे तो अपनी भावनाओं को लिख लें लेकिन उसे किसी को ना भेजें ।  ऐसा करने से आपके मन का गुस्सा भी निकल जाएगा और आप रिलैक्स फील करेंगे ।

ऑफिस के काम को ऑफिस तक ही सीमित रखें, कोशिश करें कि ऑफिस में होने वाली हर छोटी-बड़ी बातों को दिल पर ना लें। इससे आपको गुस्सा नहीं आएगा। याद रखें आप अकेले कुछ नहीं कर सकते, टीम मिलकर काम करती है। इसलिए हर असफलता के लिए खुद को जिम्मेदार नहीं ठहराएँ। ऐसा करने से ऑफिस का नेगेटिव वातावरण आप पर हावी नहीं हो सकेगा। एक सूत्र हमेशा याद रखें कि ऑफिस का काम आपका जीवन नहीं है बल्कि यह सिर्फ जीवन चलाने का एक माध्यम भर है। इसलिए इसे सिर्फ उतनी ही तवज्जो दें जितना कि ज़रूरी हो।

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