हममें से अधिकांश लोगों ने कार्यस्थल पर तनाव घटाने के लिए कई तरीकों के बारे में सुना या पढ़ा है। ऐसे ही कुछ सबसे प्रचलित तरीके हैं 1 से लेकर 10 तक गिनना या लंबी गहरी सांस लेना। हालांकि, हममें से कई लोगों हैं जिन्हें इन तरीकों से तनाव घटाने या चित्त को शांत करने के लिए इन तरीकों से ज्यादा लाभ नहीं मिला। ऐसे में आइए जानते हैं ऐसे अन्य तरीकों के बारे में जो कार्यस्थल पर होने वाले तनाव को कम करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

सही खाने का चुनाव: आपने इस ओर पहले ध्यान ना दिया हो लेकिन लेकिन क्या आप जानते हैं खुद को ट्रीट देना भी कार्यस्थल पर होने वाले तनाव को कम करने में सहायक होता है। जी हां, यह सच है। जब भी आपको ऐसा लगे कि आप बहुत तनाव में हैं तो जनाब कुछ अच्छा खाइए, मसलन आप आइसक्रीम खा सकते हैं या चॉकलेट। यह फंडा आपका मूड ठीक करने में बहुत कारगर तरीके से मदद करेगा। हालांकि, यदि आप कैलोरी को लेकर सचेत हैं तो हरी सब्जियों, संतरे और ब्लूबेरी खाना आपके बहुत काम आएगा।

याद रखें सब क्षणिक है

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याद रखें कि कार्यस्थल पर होने वाला तनाव क्षणिक है और यह जीवन भर नहीं चलने वाला। इसलिए कार्यस्थल पर होने वाले तनाव में खुद को इतना भी नहीं झोंकिए।

हमेशा विनम्र रहें: कई बार तनाव के चलते हम विनम्रता खो बैठते हैं और लड़ाई-झगड़ा कर बैठते हैं।ऐसे में खुद पर काबू रखें, लड़ने झगड़ने से कोई फायदा नहीं निकलने वाला बल्कि इससे बात और बिगड़ सकती है।ऐसे में कोशिश करें कि जिससे मतभेद है उससे आमने-सामने बैठ कर बात करें।

दूसरों की भावना का भी सम्मान करें: कई बार हम सिर्फ अपने नज़रिये को ही सही मानकर उस पर अड़े रहते हैं और दूसरे के दिए सुझाव को नज़रअंदाज कर देते हैं।ऐसा करने से बचना चाहिए और चीज़ो के दोनों पक्षों को देखकर फैसला लेना चाहिए।

बातों को दिल से ना लगायें: काम के दौरान कहा-सुनी हो जाए तो दिल से न लगायें।हो सकता है कि काम के दौरान आपके बॉस या सीनियर आप पर चिल्ला दें या आप उनपर लेकिन इससे बुरा न मानें।कभी-कभी काम के प्रेशर में ऐसी स्थिति बन जाती है लेकिन यह प्रोफेशनल लाइफ का हिस्सा हैं इससे अपना मन ख़राब न करें।

कसरत ज़रूर करें : सुबह उठकर रनिंग, जिमिंग, योगा, मेडिटेशन करने से मन शांत रहता है इसलिए ऐसी कम से कम एक एक्टिविटी में खुद को ज़रूर एंगेज करें तो आपको गुस्सा नहीं आएगा।

दिल की बात शेयर करें: ऑफिस में कोई ऐसा पार्टनर/कलीग/दोस्त बनाएं जिससे आप अपने मन की बात डिस्कस करके वहां के प्रेशर और टेंशन को हल्का कर सकें।

कुछ चीज़ें आपके हाथ में नहीं: कई चीजें आपके मन मुताबिक नहीं हो सकती इसलिए उन चीजों पर दिमाग न लगायें जो आपके बस में नहीं। इससे आप बेवजह अशांत नहीं होंगे और माइंड कूल रहेगा।

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