काम उन सभी के लिए पूजा होती है जो अपने करियर में कुछ कर दिखाने की चाह रखते हैं। हमारा काम ही हमें पहचान दिलाता है। किसी भी पेशे में सफलता पाने के लिए, अपने काम में जी जान से मेहनत करनी पड़ती है। वेतन के अलावा भी हमारा काम हमें बहुत कुछ देता और सिखाता है, जैसे, काम का अनुभव, अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंधों को बनाए रखना और खुद के विकास पर ध्यान देना।

दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि जब हम एक साथ दिन के आठ से नौ घंटे तक काम करते हैं, तो उसका हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भारी असर पड़ता है, जिसका प्रभाव हमारे व्यक्तिगत जीवन पर भी होता है। फिर एक समय आता है जब हम सब कुछ भूलकर पूरी तरह से खुद को वर्कहॉलिक बना देते हैं। अपने काम में कड़ी मेहनत करना अच्छी बात होती है लेकिन हमे यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारा स्वास्थ्य ही हमारा असली धन है।

वह कर्मचारी जो लम्बे-लम्बे समय के लिए ऑफ़िस में बैठकर काम करते हैं, उनके लिए एक घंटे के ब्रेक अनिवार्य हैं।

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आठ से नौ घंटे कम्प्यूटर के सामने बैठकर लगातार काम करना कोई आसान काम नहीं होता है इसलिए हमे पूरे दिन में एक घंटे का ब्रेक तो लेना ही चाहिए, जिससे थकान महसूस ना हो।

लेकिन कर्मचारी अक्सर अपना प्रोफेशनलिज्म बनाए रखने में यह भूल जाते है कि ब्रेक लेना कितना आवश्यक होता है।

‘दुधवाला’ की सीनियर पीआर एक्ज़ेक्युटिव, नेहा मिश्री कहती हैं, “ब्रेक्स लेने से एनर्जी बनी रहती है और हम अपेक्षा से ज़्यादा बेहतर काम कर पाते हैं। ऑफ़िस में एक अच्छा वातावरण बनाए रखने के लिए पूरे दिन में सभी को छोटे-छोटे ब्रेक्स लेने चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित करना ज़रुरी है कि ब्रेक के नाम पर खुद का और दूसरे कर्मचारियों का समय बर्बाद ना हो।

एक घंटे का ब्रेक आपको बेहतर काम करने और दिमाग को तरोताजा रखने में मदद करेगा। किसी व्यक्ति के लिए लगातार हर दिन आठ से नौ घंटे तक काम करना संभव नहीं होता है। इसलिए एक घंटे का एक ब्रेक ज़रूरी होता है। ऐसा करने से आप बोर नहीं होंगे अपने काम में ज़्यादा अच्छे से ध्यान दे पाएंगे।

पब्लिक रिलेशन्स एक्सपर्ट, शिव राजवंशी के अनुसार, “आप कुछ छोटे ब्रेक ले सकते हैं – हर दो घंटे के बाद 5-15 मिनट का ब्रेक या फिर हर 2 से 4 घंटे के बाद एक लंबा 30 मिनट का ब्रेक। यह सब आपके कार्य पर निर्भर करता है।

बोरियत एक ऐसी चीज़ है जो एक बार आपके और आपके काम के बीच में आ जाए तो, ऑफ़िस में अब तक की आपकी सारी मेहनत पर पानी फेर देती है। हम अपनी सभी महत्वाकांक्षाओं को तभी पूरा कर पाएंगे, जब हम हमारे काम के प्रति पूरी निष्ठा रखेंगे। हालांकि, ब्रेक लेना बहुत ज़रूरी होता है। ब्रेक्स लेने से आप अपने काम से ऊब नहीं जाते, फिर चाहे वो कितना भी थकाने वाला क्यों ना हो।