कई बार ऑफिस पॉलिटिक्स की वजह से आपको रोज़मर्रा के कामों में परेशानी झेलनी पड़ सकती है, इसलिए आपको अपने सहकर्मियों के हर काम पर कड़ी नज़र रखनी पड़ती है और इस बात के लिए भी सावधान रहना पड़ता है कि कहीं कोई आपसे झूठ तो नहीं बोल रहा। ऑफिस में एक दूसरे से बात-बात पर झूठ बोलना कोई नई बात नहीं है। आज की दुनिया में जहां हर तरफ नकारात्मकता और हर किसी में प्रतिस्पर्धा का भाव है, ऐसे में ईमानदार होकर काम कर पाना असंभव है।

आपके सहकर्मियों का आपसे झूठ बोलना एक बात होती है, लेकिन यदि आपका बॉस ही आपसे झूठ बोले, इसका मतलब है कि सब कुछ ठीक नहीं है। चूंकि वह आपके बॉस हैं, इसलिए आपके पास उनकी झूठी बातों को सुनने के अलावा और कोई विकल्प भी नहीं बचता है। ज़ाहिर है आपको हमेशा इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि ऑफिस में कौन सा व्यक्ति आपसे कब झूठ बोल रहा है, ताकि आगे चलकर आपको उससे कोई नुक्सान ना हो। चलिए कुछ ऐसे संकेतों को समझते हैं, जिससे आप अपने बॉस का झूठ आसानी से पकड़ सकते हैं।

शारीरिक हाव-भाव को परखिये

ऐसा कहा जाता है कि औरों के प्रति हमारा बर्ताव हमारी बातों से ज़्यादा प्रभावशाली होता है। आप अपने बॉस को पॉलीग्राफ टेस्ट देने को तो नहीं कह सकते, इसलिए उनके शारीरिक हाव-भाव को समझना आपके लिए ज़रूरी हो जाता है। झूठ बोलते वक़्त अक्सर इंसान अपने चेहरे पर एक नकली मुस्कराहट रखता है, अपने बॉस के चेहरे पर भी उस नकली मुस्कराहट को पहचानिये। इसके अलावा यदि बॉस बार-बार पलकें झपकाते हैं, अपने होटों को बाइट करते हैं या अपने नाक को छू रहे हैं, इसका मतलब है कि वे आपसे कुछ छिपा रहे हैं।

जब बातों के बीच विषय बदल दिया जाए

यह सबसे महत्वपूर्ण संकेतों में से हैं, जिससे आपको सावधान रहना चाहिए। यदि आपने अपने बॉस से कुछ पूछा और उन्होंने उस सवाल का उत्तर ठीक से ना देते हुए बातचीत का विषय बदल दिया, तो संभावना है कि वह झूठ बोल रहे हैं। मान लीजिये, यदि आपने अपने तरक्की के विषय के बारे में उनसे बात करने की कोशिश की और उन्होंने बड़ी चालाकी से आपके विषय को अगली मीटिंग तक टाल दिया, तो यह आपके लिए एक संकेत है।

आवाज़ ऊंची करके बात करना

आमतौर पर झूठे लोग अपनी बात को सिद्ध करने के लिए ऊंची आवाज़ में बात करना शुरू कर देते हैं।

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इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि झूठ बोलने वाले सभी लोग, दूसरों पर अपनी बात का प्रभाव डालने के लिए ऊंची आवाज़ में बात करते हैं। इसलिए यदि आप अपने बॉस को बिना किसी कारण अपनी किसी बात पर ज़ोर देते हुए देखें या उनकी आवाज़ को बेवजह ऊंचा होते हुए देखें, तो समझ लीजिये की वे झूठ बोल रहे हैं।

जब ज़बान लड़खड़ा जाए

कोई भी बॉस हमेशा आदेश देते समय या कोई बात कहते समय पूरे आत्मविश्वास और एक भारी आवाज़ में बात करते हैं, लेकिन यदि कभी अपने कर्मचारियों से बात करते वक़्त वे हकलाए या उनकी ज़बान लड़खड़ाए, तो इसका मतलब है कि झूठ बोलने के कारण वे घबरा रहे हैं।

उनकी ईमानदारी का पता लगाएं

यदि आपके बॉस बात करते समय, “ऑनेस्टली”, “टू टेल यु द थ्रुथ”, “फ्रैंकली”, “टू बी ऑनेस्ट” जैसे वाक्यों का उपयोग बार-बार करें, तो हो सकता है कि वे इन वाक्यों की मदद से अपना झूठ छिपाना चाह रहे हों। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह सारे वाक्य एक तरह से सच दर्शाने के लिए बोले जाते हैं।

इन संकेतों का उपयोग असल ज़िन्दगी में करना थोड़ा मुश्किल ज़रूर होगा, लेकिन समय रहते आप इन्हे सीख जाएंगे।