आज-कल शहर के युवाओं में जिम के प्रति दिलचस्पी काफी बड़ी है। इसके साथ-साथ शहर के पुरुष एवं महिलाएं भी स्वस्थ्य के प्रति जागरूक हो रहें है और अपने आपको स्वस्थ रखने के लिए अपने व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल कर जिम की ओर रुख करने लगे हैं। इसके परिणाम स्वरूप आज हर शहर में जिमों की संख्या बढ़ती जा रही है। साथ ही साथ जिम प्रशिक्षकों कि मांग भी बढ़ने लगी है। अगर आप भी फिटनेस ट्रेनर बनने में इंटरेस्टेड हैं, तो आप इसे अपना करियर बना कर अच्छे पैसा कमा सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे की कैसे बना सकते हैं इसे अपना करियर।

वी पॉवर जिम की फिटनेस ट्रेनर मानसी का कहना हैं कि “जिम केवल एक फिटनेस सेंटर ही नहीं, बल्कि यह एक अच्छा रोजगार का साधन भी बनता जा रहा है। जहां आप अपने शरीर को फिट रखने के साथ – साथ अपना करियर भी बना सकते हैं। एक जिम सेंटर में आप कई रूप में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, जैसे – जिम ट्रेनर, फिटनेस एक्सपर्ट, फिटनेस काउन्सलर एवं डायटिशियन आदि।”

कैसे बन सकते हैं जिम ट्रेनर

किसी भी शहर से आप स्पेसिफिक जिम ट्रेनिंग एवं मैनेजमेंट कॉलेज से संबंधित सर्टिफिकेट डिप्लोमा और पीजी कोर्स कर सकते हैं। ये कोर्स आपको जिम ट्रेनर, जिम मैनेजर या योगा टीचर बना सकते हैं। सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स के लिए अभ्यर्थी का 12वीं पास होना जरुरी है। अगर आप पीजी डिप्लोमा करना चाहते है तो उसके लिए आपको ग्रेजुएट होना ज़रूरी है।

अवसर और कितनी होगी कमाई?

जिम, होटल्स, हेल्थ क्लब्स, फिटनेस सेंटर, स्पा सेंटर, टूरिस्ट रिजॉर्ट, हाउसिंग सोसायटी, कॉर्पोरेट कंपनियों में आप काम कर सकते हैं। घरों में पर्सनल फिटनेस ट्रेनर और तो और स्कूलों में भी फिटनेस एक्सपर्ट के लिए स्कोप बहुत है। फिटनेस ट्रेनर मानसी का कहना है कि कुछ सालों के अनुभव के बाद फिटनेस ट्रेनर पार्ट टाइम में 15 से लेकर 60 हजार रुपए तक की इनकम कर सकते हैं। अच्छे खासे अनुभवी होने के बाद खुद का जिम व फिटनेस सेंटर भी शुरु कर सकते हैं।

फिटनेस ट्रेनर

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ट्रेनर यास्मीन कराचीवाल बॉलीवुड फ़िल्मों अभिनेत्रियों को ट्रेन करती हैं।

हर जिम में एक ट्रेनर होता है, जिसकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। एक अच्छा प्रशिक्षक ही जिम में स्थित उपकरणों के सही प्रयोग बता सकता है। एक अच्छा प्रशिक्षक बनने के लिए आप के अंदर कुछ व्यक्तिगत गुण का होना अवश्यक है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है आपका जिम के प्रति रुचि लेना। इसके अलावा आपको जिम से संबन्धित कुछ प्रोफेशनल ट्रेनिंग कोर्स भी करने होंगे। इस तरह की ट्रेनिंग आजकल कई मेट्रो सिटी में करायी जाती है। ट्रेनिंग लगभग डेढ़ से तीन महीने की दी जाती है। इसमें कस्टमर को ध्यान में रखते हुए उन्हें किस तरह कि ट्रेनिंग लेनी है, बताया जाता है। इसके अलावा अन्य जिम उपकरणों संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती है।

डायटिशियन के रूप में कैरियर

जिम करने वालों के लिए किस तरह का भोजन होना चाहिए इसका भी ध्यान देने की आवश्यकता होती है। जिम करने वाले लोगों की उम्र, हाइट, वेट आदि का ध्यान रखते हुए उसका डाइट प्लान बनाना होता है। यह डाइट प्लान डायटिशियन उपलब्ध कराते हैं।

जिम काउन्सलर के रूप में करियर

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एरोबिक्स इंस्ट्रक्टर के तौर पर आप वर्कआउट सत्र में एरोबिक्स, स्ट्रेचिंग तथा मसल्स एक्सरसाइस पर ध्यान देते हैं।

जिम में काउन्सलर कि भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है। यह आपको जिम संबंधी सही जानकारी और आपके लिए सही एक्सरसाइज़ बताने में मदद करता है। साथ ही वह यह भी बताता है कि एक्सरसाइज़ के द्वारा किस तरह की बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

पर्सनल ट्रेनर

पर्सनल ट्रेनर एक बार में एक ही व्यक्ति को ट्रेनिंग देते हैं। व्यक्ति के डायट चार्ट के साथ ही उसकी सेहत, खान-पान और वर्क स्टाइल का भी ख्याल रखते हैं। फिटनेस ट्रेनर को फिटनेस, न्यूट्रिशन, वेट मैनेजमेंट, स्ट्रैस रिड्यूशन, हेल्थ रिस्क मैनेजमेंट आदि जैसे विषयों पर ध्यान देना होता है।

शुरुआती दौर में फिटनेस ट्रेनर के तौर पर आपको लोगों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाना और उनका विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होती है। अगर आपने अपनी पहचान बना ली तो कमाई के अच्‍छे अवसर मिल सकते हैं।

पहचान छोटी ही सही लेकिन अपनी खुद की होनी चाहिए। इसी सोच के साथ जीती हूँ।अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखती हूं और ज़िन्दगी का स्वागत बड़े ही खुले दिल से करती हूँ। बाते और खाने की शौकीन हूँ । मेरी इस एनर्जी को चार्ज करती है, मेरे नन्ने बच्चे की खिलखिलाती मुस्कुराहट।