आज कल ऐसा लगता है मानो हर कोई अपना खुद का काम, यानी स्टार्टअप शुरू कर रहा है। ऐसे में हो सकता है कि आप के मन में भी ऐसा कुछ करने का ख्याल आए।

अगर आप ने अभी तक मन नहीं बनाया है, अगर थोड़ी दुविधा, संकोच या सवाल हैं, या अगर आप नौकरी कर रहे हैं और नया कुछ शुरू करने में झिझक रहे हैं, तो दो ऐसे लोग हैं, जो आपकी इस मामले में मदद कर सकते हैं। इन दोनों ने ऐसे ही सवालों से होते हुए आज अपना खुद का ब्रैंड शुरू किया है, जिस पर उन्हें नाज़ है।

शाजी टॉमस और तरनजीत सिंह ऐक्वा यह दोनों ट्विस्ट अर्बल वाटर के संस्थापक हैं, जिन्होंने पहले नौकरी की दुनिया में काफी साल गुज़ारे, और आखिरकार अपना खुद का कुछ शुरू करने की ठान ही ली।

उन्हीं की ज़िन्दगी और काम से जुड़े कुछ ऐसी बातें जिनसे आपको भी अपने सवालों के जवाब मिल सकते हैं।

1. चुनौतियां तो हमेशा रहेंगी, तैयार रहिए

शाजी और तरनजीत दोनों का मानना है कि चुनौतियां तो कभी भी ख़त्म नहीं होती हैं, और आप कभी भी पूरी तरह से तैयार नहीं रह सकते हैं, लेकिन ये ज़रूर है कि आपको सकारात्मक सोच रखनी होगी। जिससे चुनौतियों से आप घबराए नहीं । हमेशा अच्छा सोचने से आप मुश्किलों से लड़ने का नया रास्ता ढूंढ सकते हैं, और आपके काम में आई बाधा को हटा सकते हैं। किसी भी काम में दिक्कतें तो लगी ही रहती हैं, बस उनसे लड़ने का हौसला बना लीजिए और चुनौतियों से सीखते रहिए।

2. मुश्किलों में तलाशे नए रास्ते

ऐक्वा ट्विस्ट अर्बल वाटर के संस्थापक शाजी और तरनजीत ने आगे आने वाली दिक्कतों के बारे में जानने और समझने के लिए काफी वक़्त लगाया। इस क्षेत्र में ज़्यादा लोगों ने अभी तक काम नहीं किया है, इसीलिए उन्हें सारी जानकारी नहीं मिली और मुश्किलें भी आईं। दूसरी चुनौतियां तो थी ही, जैसे कि निवेशकों से पैसे लगवाना, अपने उत्पाद को बाज़ार में लाना आदि लेकिन इन सब मुश्किलों से लड़ने के लिए दोनों तैयार थे।

3. अपने प्रतियोगियों के बारे में जानिये

शाजी और तरनजीत ने प्रतियोगियों के बारे में जाना, जिससे उन्हें अपने काम में मदद मिली

शाजी और तरनजीत मानते हैं कि अपने प्रतियोगियों के बारे में जानना उतना ही ज़रूरी है, जितना अपने काम के बारे में जानना। ये भी जानने की कोशिश कीजिए कि आपके प्रतियोगी कैसे चीज़ों को और बेहतर बना सकते थे। इससे आप अपनी टीम के लिए सही लोगों का चुनाव भी कर सकते हैं, जो आपके ब्रैंड को और भी बेहतर बना सकते हैं।

4. बात कीजिए और सवाल पूछिए

नेटवर्किंग करना यानी लोगों से बात करना, सवाल करना, अपने काम के सिलसिले में मदद मांगना आपको काम में आगे ही ले जाएगा। अक्सर ऐसा होता है कि कई अच्छे स्टार्टअप सिर्फ इसीलिए चल नहीं पाते क्योंकि उनके संस्थापक लोगों से काम के बारे में बात नहीं करते। “नेटवर्किंग बहुत ही ज़रूरी है, हम मौका मिलते ही लोगों से बात करते हैं और सलाह लेते रहते हैं।”

5. अच्छी चीज़ों में वक़्त लगता है धीरज रखिए

किसी भी काम में धैर्य रखना बहुत ज़रूरी है, ख़ास कर खुद के काम में। अगर आप कुछ करना चाहते हैं, तो उसकी मुश्किलों को पार कर आगे बढ़ने में वक़्त तो लग ही सकता है। मुश्किल तो है, लेकिन धीरज रखना बहुत ज़रूरी है।

ऐसे कई मोड़ आएंगे जब आप को लगेगा कि बस अब ये नहीं हो सकता। इतना ध्यान रखिए कि आपसे पहले भी कई लोग इसी मुश्किल से उलझ चुके हैं। आज जो भी बड़े बड़े ब्रैंड आपको दिखते हैं, अगर उनके संस्थापकों ने भी हौंसला खो दिया होता, तो आज ये ब्रैंड्स आपको नज़र नहीं आते। आपको ये तय करना है कि आप भीड़ में खो जाना पसंद करेंगे या थोड़ी और मेहनत कर अपना खुद का कुछ शुरू करेंगे।