बहिर्मुखी (एक्स्ट्रोवर्ट) होना फायदेमंद है या नुकसानदायक? यह एक ऐसा सवाल है जिसपर लंबे समय से डिबेट जारी है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि बहिर्मुखी होना काम के लिहाज से नुकसानदायक है। वहीं, ऐसी कई स्टडीज हैं जिनसे साबित होता है कि ऑफ़िस में बहिर्मुखी होने से आपको कई फायदे होते हैं। जर्नल ऑफ़ अप्लाइड साइकोलॉजी की रिसर्च के अनुसार, बहिर्मुखी व्यक्तित्व के धनी लोग गजब के मोटिवेटर होते हैं और ऐसे लोगों के साथ काम करने वाली टीमें आसानी से अपने गोल्स को अचीव कर पाती हैं। वहीँ, एक अन्य रिसर्च के अनुसार, बहिर्मुखी लोग बहुत अच्छे लीडर साबित होते हैं। तो आइए जानते हैं कि बहिर्मुखी लोगों को ऑफ़िस में मिलते हैं क्या फायदे

बेहतर संवाद –

बहिर्मुखी लोग बेहतर संवाद के लिए जाने जाते हैं इनमें गजब का उत्साह और आत्मविश्वास होता है। यही वजह है कि जब भी बात संवाद की होती है तब आप इन्हें एक अलग ही पायदान पर पाते हैं। ऑफ़िस में बहिर्मुखी लोग ही अक्सर मीटिंग्स और अन्य चर्चाओं में सबसे आगे होते हैं । एक्सपर्ट्स की मानें तो बहिर्मुखी लोग संवाद कला में दक्ष होते हैं, इसलिए काम को लेकर इन्हें कन्फ्यूजन कम ही रहता है,यही वजह है जिसके चलते लक्ष्य प्राप्त करने में इन्हें ज्यादा कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता।

टीम के फेवरेट –

बहिर्मुखी लोगों में अक्सर एक ख़ास किस्म की ऊर्जा दिखती है और यह आसानी से टीम में घुलमिल जाते हैं। यही वजह है कि टीम में लोगों की पसंद-नापसंद से लेकर इंटरेस्ट एरिया तक की जानकारी इन्हें होती है। यही वजह है कि बाकी लोगों की तुलना में बहिर्मुखी लोग टीम के साथ बहुत जल्दी घुलमिल जाते हैं। बहिर्मुखी लीडर होने से टीम को मोटिवेशन भी मिलता है और यही मोटिवेशन उन्हें अपने गोल्स को अचीव करने में मदद करता है। इसलिए यदि आप बहिर्मुखी व्यक्ति हैं तो अपनी पर्सनालिटी के इस हिस्से को और निखारने से आपको काफी फायदा हो सकता है।

अगर आप एक्स्ट्रोवर्ट हैं तो ऑफ़िस में लोग आपसे रहेंगे खुश

खुलकर बात करने में विश्वास रखते हैं बहिर्मुखी लोग

Image Credit: mckinsey.com

काम की क्लैरिटी

बहिर्मुखी व्यक्ति चूंकि काम सहित अन्य मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं, इसलिए एक्सपर्ट्स की मानें तो इन लोगों को अपने काम की ज्यादा सही और सटीक जानकारी होती है। अंतर्मुखी लोगों की तुलना में यह ना सिर्फ अपने काम को लेकर खुलकर बात करते हैं बल्कि इसमें समय-समय पर अपनी तरफ से राय भी देते हैं। कुछ रिसर्च के अनुसार, इन्हीं गुणों के चलते बहिर्मुखी लोग इन दिनों मैनेजमेंट द्वारा पसंद भी किये जाते हैं।

बढ़चढ़कर काम में हिस्सेदारी

अंतर्मुखी लोगों की तुलना में बहिर्मुखी लोग नई-नई संभावनाओं की तलाश में रहते हैं। यह ना सिर्फ रिस्क उठाने के लिए तैयार रहते हैं, बल्कि बढ़चढ़कर काम में हिस्सेदारी दिखाते हैं। बहिर्मुखी लोग अक्सर प्रॉब्लम की जगह समाधान पर बात करना पसंद करते हैं जो इनके बेहतर लीडर बनने की ओर इशारा करता है। यही वजह है कि अधिकांश ऑफिसों में बहिर्मुखी लोग इन दिनों उच्च पदों पर हैं और मैनेजमेंट को इनके काम पर भरोसा भी है।

मन के साफ़

एक कहावत है कि, जो आदमी ज्यादा बोलता है वह मन का साफ़ होता है। यह बात बहिर्मुखी व्यक्तियों के लिए एकदम सही बैठती है। बात यदि ऑफ़िस की हो तो ऐसे लोग काम के मामले में सबसे अधिक पारदर्शी माने जाते हैं।

गजब की एनर्जी

बहिर्मुखी लोग अधिकांश ज़बरदस्त उत्साही होते हैं। इनमें इतनी एनर्जी होती है कि आस-पास मौजूद लोग भी इनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाते। ऑफ़िस के गंभीर माहौल में भी यह लोग काम को बड़ी ही आसानी से कर ले जाते हैं। बहिर्मुखी लोगों में पॉजिटिव एनर्जी होने के कारण यह टीम्स के बीच एक अच्छे लीडर साबित होते है।

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