ऑफिस एक ऐसी जगह है जहां आजकल हम घर से ज्यादा वक्त बिताते हैं। सप्ताह के पांच या छह दिनों में से अधिकतर समय हम ऑफ़िस में रहते हैं और यह हमारा दूसरा घर बन जाता है। ऐसे में अगर ऑफिस में कुछ अच्छे दोस्तों का साथ मिल जाए तो काम में मन लगता है और बेहतर रिजल्ट सामने आते हैं। ऐसा हम नहीं बल्कि हालिया हुए एक शोध में पता चला है। दरअसल ऑफ़िस में अच्छे दोस्तों के एक नहीं कई फायदे हैं लेकिन इसके साथ कुछ नुकसान भी है। आइए जानते हैं इनके बारे में।

सबसे पहला फायदा ये है कि जब आपकी किसी से ऑफिस में अच्छी बॉन्डिंग होती है तो अगर आप किसी समस्या में फंसते हैं तो आप उससे बिना संकोच किये मदद मांग सकते हैं। आपके मन में यह संकोच नहीं रहेगा कि सामने वाला मुझे जज करेगा और ये सोचेगा कि मुझे काम नहीं आता। आप उससे मदद लेकर अपने काम को सुधार सकते हैं और बेहतर रिजल्ट भी पाना आसान हो जाता है। इसके अलावा ऑफिस में अच्छे दोस्तों का साथ मिलने से आपका मूड भी बेहतर होता है। आपका ऑफ़िस जाने में मन लगने लगता है क्योंकि आपको अपने दोस्त के रूप में एक और वजह मिल जाती है। रिसर्च में ये बात साबित हुई है कि ऑफिस में दोस्तों का साथ मिलने से काम के प्रति आपका डेडिकेशन बढ़ता है क्योंकि आपका मन काम में लगने लगता है।

साथ ही कई इनफॉर्मल बातों के दौरान आपको ऑफ़िस से जुड़ी कई अंदरूनी जानकारियां मिल जाती हैं जिससे आप भविष्य में होने वाले बदलाव को लेकर तैयार हो जाते हैं और अपने आपको उस हिसाब से ढाल लेते हैं। कई बार ऐसा होता है जब हम अपने आपको अकेला महसूस करने लगते हैं और काम में मन नहीं लगता। हम जो भी करते है वो गलत होता चला जाता है और हमें कोई मोटिवेशन नजर नहीं आता, ऐसे में आपका ऑफ़िस फ्रेंड आपके बड़े काम आ सकता है। दरअसल, वह आपकी ही तरह ऑफ़िस की समस्याओं को समझता है और आपकी परेशानी को भी, इसलिए जब आप उससे अपनी वर्क रिलेटेड प्रॉब्लम शेयर करते हैं, तो वो न सिर्फ आपको रास्ता बताता है, बल्कि आपको अपने काम को ठीक तरीके से करने के लिए मोटिवेट भी करता है। इससे आपके अन्दर नयी ऊर्जा का संचार होता है और आपमें अपना काम करने की प्रेरणा जागती है।

ऑफिस कलीग से हो जाए दोस्ती तो अच्छा रहता है मूड

कम होगा स्ट्रेस

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ऑफिस और स्ट्रेस का चोली दामन का साथ है। ऐसे में वर्क के दौरान अगर आपका को वर्कर आपका दोस्त बन जाये तो इससे स्ट्रेस बनाने वाले हॉर्मोन कॉर्टिसोल का स्तर कम हो जाता है जिससे हाई ब्लड प्रेशर, चिंता, डिप्रेशन और सिरदर्द की समस्या नहीं होती और नतीजतन आप खुश रहते हैं।

इसके अलावा अगर आपकी टीम मेम्बर्स के साथ आपकी अच्छी बॉन्डिंग है तो इसका फायदा कम्पनी द्वारा दिए गए टास्क के रिजल्ट में भी आपको देखने को मिलेगा। आप मिलकर अच्छे से काम कर पाएंगे क्योंकि आप एक दूसरे की कमियों और खूबियों से वाक़िफ़ रहेंगे और एक दूसरे की सहायता कर टास्क को सफलतापूर्वक पूरा भी करेंगे।

दोस्ती के हैं कुछ नुकसान भी…

ऐसा नहीं कि वर्कप्लेस पर दोस्त बनाना बस फायदे का सौदा ही है,इससे कुछ छोटे-मोटे नुकसान भी देखने में सामने आते हैं जैसे आप दोस्त पर हद से ज्यादा निर्भर हो सकते हैं क्योंकि आपको उससे हर बात उससे पूछ कर ही करने की आदत हो जाती है, आप उसपर इतने अधिक निर्भर हो जाते हैं कि उससे सलाह किये बिना कोई निर्णय नहीं ले सकते, ऐसे में दोस्ती करें लेकिन उसे सीमित रखें, जहां ज़रुरी हो राय लेने में मनाही नहीं लेकिन हर बात उसी के ऊपर निर्भर हो जाना गलत होगा। इसके अलावा दूसरा सबसे बड़ा नुकसान ये है कि वर्क प्लेस पर अक्सर हमें दिल से नहीं दिमाग से काम लेने की जरुरत पड़ती है, लेकिन दोस्ती के चक्कर में हम इमोशनल होकर कुछ गलत फैसले भी लेने को मजबूर हो जाते हैं। इसलिए ऑफ़िस में दोस्ती करें लेकिन अगर किसी टास्क में दोस्ती आड़े आये तो दोस्त से पहले ही बात डिस्कस कर लें ताकि आप दोनों में कोई तकरार पैदा ना हो।

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