भारत का बल और उसकी शान मानी जानेवाली इंडियन आर्मी अपने जज़्बे से सारे जहां में अपना लोहा मनवाना जानती है। कहा जाता है कि ये आर्मी अपने जाबाज़ अफसरों और जवानों की वजह से देश का गुरुर कायम रखती है। लेकिन कहते हैं न कि हर शक्तिशाली और मज़बूत व्यक्ति का साथ देने के लिए उतने ही मज़बूत इरादोंवाली शख्सियत की ज़रुरत होती है, बिलकुल ऐसे ही किसी भी आर्मी ऑफिसर का साथ निभाती और उनके जीवन को एक बांधकर रखती हैं उनकी वाइफ।

शायद हम न जानते हों कि एक आर्मी वाइफ की ज़िन्दगी में कितने उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन इसकी झलक दिखाने की कोशिश की है अदिति माथुर कुमार ने, जो न सिर्फ आर्मी वाइफ पर लिखी हुई किताबों, बल्कि टेड टॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी स्पीच की वजह से लोगों के बीच अपनी जगह बना पाई। आज वुमन्स डे पर उनसे बात करने पर पता चला कि कैसे एक आर्मी वाइफ अपने सपनों को साकार भी करती है और इस देश की रक्षा के लिए तत्पर जवानों का साथ देती हैं।

ज़िन्दगी के बदलाव से निपटने के लिए कोई सिलेबस नहीं

प्रेग्नेंसी के दौरान मैंने अपनी पहली किताब ‘सोल्जर एंड स्पाइस’ लिखी

अदिति कहती हैं, “एक सिविलियन से आर्मी वाइफ तक का सफर बेहद मुश्किल भरा रहा। आर्मी फॅमिली की ज़िन्दगी आम लोगों से बिलकुल हट कर होती है। जब कोई लड़की आर्मी ऑफिसर की ज़िन्दगी का हिस्सा बनती है, तो इस लाइफस्टाइल को समझने के लिए दुनिया का कोई भी सिलेबस आपकी मदद नहीं करता। यही बात मेरे में भी जागी कि क्यों न मेरे एक्सपीरियंस को मैं एक किताब के ज़रिये उन महिलाओं तक पहुंचाऊं, जो अभी-अभी इस लाइफस्टाइल का हिस्सा बनी है। इस तरह जो अनुभव मैंने लिया है, वह मैं दूसरी महिलाओं के साथ साझा कर सकूं। प्रेग्नेंसी के दौरान मैंने अपनी पहली किताब ‘सोल्जर एंड स्पाइस’ लिखी, जो एक सफल किताब साबित हुई। इसके बाद मैंने ‘लव-वॉटेवर डेट मीन्स’ लिखी।”

आर्मी ने सराहा मेरा काम

2013 में आई इस किताब को कई आर्मी यूनिट में उन न्यू ब्राइड्स को दी जाती है

अपनी दोनों किताबों के चलते लोगों की नज़रों में अपनी अलग जगह बनानेवाली अदिति के काम को आर्मी ने हमेशा के लिए सहेजकर रखा। अदिति के मुताबिक, “जब मेरी किताब पब्लिश हुई, यो मुझे ये एहसास हुआ कि ये लोगों के लिए काम आ रही है। लेकिन आर्मी ने भी मेरे इस कदम को सराहा और 2013 में आई इस किताब को कई आर्मी यूनिट में उन न्यू ब्राइड्स को दी जाती है, जिन्होंने पहली बार आर्मी लाइफस्टाइल में कदम रखा है। इसके अलावा मेरा नाम उन आर्मी वाइफ अचीवर की लिस्ट में शामिल किया, जो लोगों के लिए कुछ करने का जज़्बा रखती थीं। मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात है।”

लोगों की मदद करना ही हमारा काम

टेड टॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी स्पीच की वजह से लोगों के बीच अपनी जगह बना पाई

अदिति मानती हैं कि एक आर्मी वाइफ का परिवार उसकी पलटन से जुड़ा होता है। उसकी सहायता करना ही हमारा काम है। अदिति कहती हैं, “जब कोई लड़की पहली बार किसी जवान से शादी करके हमारे परिवार का हिस्सा बनती है, तो उन्हें गाइड करना ही हमारा काम होता है। महीने में एक बार और समय-समय पर हम उन्हें इमोशनल सपोर्ट देते हैं और व्यावहारिक बातें सिखाते हैं। इसके अलावा उनके बच्चों से लेकर उनके परिवार को कैसे रहना चाहिए, वह सिखाने में हम उनकी मदद करते हैं। यही हमारा काम है।”

आत्मनिर्भर बनना सभी के लिए ज़रूरी

आप किसी भी जगह चलें जाएं, खुद को हमेशा आत्मनिर्भर रखें

एक सिविलियन की तरह अदिति ने एडवर्टाइज़िंग में अपना करियर बनाया था, लेकिन शादी के बाद जब वे आर्मी से जुड़ी, तब भी खुद को आत्मनिर्भर बनाए रखा। अदिति का मनना है, “आप किसी भी जगह चलें जाएं, खुद को हमेशा आत्मनिर्भर रखें। आप चाहें जिससे जुड़े हुए हों, फायनेंशियली मज़बूत होना आपके लिए फायदेमन्द साबित होता है। आप चाहें तो आर्मी से जुड़कर काम कर सकती हैं या चाहें तो अपनी पसंद का काम कर सकती हैं।”

पढ़ें और आत्मनिर्भर बनें

अदिति इस वुमन्स डे पर हर उस महिला को मैसेज देना चाहती हैं, ” इंडियन वुमन के पास ऑपोर्च्युनिटी हैं, इसलिए लोग क्या कहेंगे या लोग क्या सोचेंगे की चिंता किये बगैर अवसरों का लाभ लेना सीखना चाहिए। आप जितना पढ़ना चाहती हैं, उतना पढ़ें। यही नहीं अपनी बेटियों को भी पढ़ाएं, क्योंकि तभी आप निर्भर बनते हैं और आपको आत्मविश्वास आता है। इसके बिना आप बराबर के पार्टनर नहीं बन सकते। आर्मी वाइफ होने के नाते ये ही कहूंगी कि ज़िन्दगी का कोई भरोसा नहीं होता, इसलिए ज़िन्दगी के सकारात्मक पहलु को देखिये और आत्मनिर्भर बनिए। अपने अंदर साहस और शक्ति रखिये कि आप किसी भी स्थिति में संभल सकते हैं।”

आशा करते हैं कि आज वुमन्स डे पर अदिति माथुर कुमार की ये बातें आपके बेहद काम आएंगी।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..