हर व्यक्ति साल भर मन लगाकर काम करता है, जिससे साल के अंत में उसे प्रमोशन मिले। जितनी ज़रूरी सैलरी है, उतना ही ज़रूरी किसी भी व्यक्ति के लिए अप्रेज़ल भी है। कंपनियों में अप्रेज़ल सीज़न मार्च से ही शुरू होता है, इस दौरान एम्प्लोयी को साल भर के अपने काम का हिसाब अप्रेज़ल फॉर्म में लिख कर देना होता हैं।

इस प्रोसीजर के बाद आती है अप्रेजल मीटिंग की बारी, जिसमें आप अपने बॉस के साथ इंटरव्यू करते हैं। यदि आपने अपने बॉस को इंटरव्यू में यकीन दिला पाए कि आप काम में बेहतर हैं, तो आपके लिए अगला साल बेहद अच्छा साबित होगा। मुंबई में एचआर के पद पर कार्यरत शीतल पवार के अनुसार इस अप्रेजल मीटिंग में जाने से पहले आपको कुछ बातों का ख़याल रखने की ज़रुरत होती है, आइये जानते हैं कौन सी हैं ये बातें।

डाटा रखें साथ

आपको साल भर के किये हुए काम का ब्योरा भी रखना चाहिए

जब आप इस मीटिंग के लिए जाएं, तो हमेशा अपने साथ पिछले साल के अप्रेजल का डाटा रखें। इससे आपको बॉस को बातें समझाने में मदद मिलेगी। वहीं आपको साल भर के किये हुए काम का ब्योरा भी रखना चाहिए, जिसे ज़रुरत पड़ने पर आप बॉस को दिखा सकें।

बात करते हुए रखें ध्यान

ध्यान रखें कि ये कोई आम मीटिंग नहीं है। इस मीटिंग की पूरी तैयारी करें और अपने सभी मुद्दों पर अच्छी तरह से काम करें। बात करते हुए ध्यान रखें कि इस मीटिंग के बल पर आपके करियर की ग्रोथ निर्भर करती है।

अगले चरण की बातें ज़रूरी

अक्सर अप्रेजल मीटिंग में बीते हुए साल की ही बात की जाती है। लेकिन अपनी ओर से आपको आनेवाले साल की भी बात कर लेना ज़रूरी है। वहीं आपको आनेवाले प्रोजेक्ट और टार्गेट्स के बारे में भी खुल कर बात करनी चाहिए और उसके बूते पर इंक्रीमेंट की बात करनी चाहिए।

बहस टालें

फैक्ट और लॉजिक के साथ बहस किये बिना बॉस को समझाएं

बॉस से अप्रेजल के बारे में अपने हक के बारे में बात करें, साथ ही अपने ग्रोथ को लेकर अपनी बात रखें। लेकिन यदि आप पर कोई गलत आरोप लगा रहे हों, तो फैक्ट और लॉजिक के साथ बहस किये बिना बॉस को समझाएं। बहस करने से आपकी बात को सुनने के बजाय बॉस इसे आपकी बद्तमीज़ी समझ सकता है।

तुलना से बचें

कई बार हम दूसरों से अपनी तुलना करने लगते हैं, जो हमारे लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो जाता है। क्योंकि इससे ये साबित होता है कि आप अपनी ग्रोथ को लेकर नहीं बल्कि दूसरों के प्रमोशन से परेशान है। इसलिए हमेशा खुद के परफॉर्मेंस को लेकर बॉस के साथ बात करें।

यदि आप इन टिप्स को अपनाएंगे, तो आपको अप्रेजल मीटिंग में असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..