हो सकता है अप्रेज़ल में किसी ने आप के लिए कुछ कहा हो, या आपके बॉस ने कुछ कहा हो, या किसी सहकर्मी ने बिना पूछे ही आपके काम के बारे में कोई प्रतिक्रिया व्यक़्त की हो।

चाहे कोई भी आपके काम को लेकर प्रतिक्रिया दे रहा हो, हो ही सकता है कि आपको बुरा लगा हो या गुस्सा आ रहा हो। हो सकता है लोगों को आपकी बात समझ नहीं आई, और आपको लग रहा है कि वो बिना वजह गलत बातें कर रहे हैं।
पर अगर आप यहां काम करते रहना चाहते हैं तो एक ऐसी चीज़ है जो आपको ज़रूर करनी पड़ेगी।
और वो है – कुछ भी नहीं (फिलहाल के लिए)।

कुछ ना करना होगा सबसे बेहतर

kartik raichura
खुद भी सही गलत सोचें

कार्तिक रायचुरा के स्थापक और सी.ई.ओ. हैं। ये एक ऐसा ऐप है जो लोगों को अपना वेबसाइट बनाने में मदद करता है। उनकी माने तो, अगर आप किसी की प्रतिक्रिया से सहमत नहीं हैं तो आपको उस वक़्त कुछ भी नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि, अक्सर ऐसी प्रतिक्रिया सुनकर हमें गुस्सा आता है या बुरा लगता है, और हम ऐसा कुछ कह देते हैं या कर देते हैं जिसका हमें बाद में पछतावा हो सकता है। इसीलिए उस वक़्त थोड़ी देर चुप रहना ही सबसे बढ़िया रहेगा।

समझने की कोशिश करें

कार्तिक का ये भी कहना है कि गुस्सा होने या बुरा मानने के बजाये आप ये समझने की कोशिश कर सकते हैं कि आखिर ये प्रतिक्रिया आपके काम को लेकर क्यों दी गई। अगर नहीं समझ आ रहा है तो आप सवाल भी कर सकते हैं या ये कह सकते हैं कि आपको ऐसा उदाहरण दें जिससे आपको समझ आये कि आपसे कहां गलती हुई है।
एक बार आपको समझ में आ जाए कि गलती कहां हुई है, उसे सुधारने की कोशिश ज़रूर कीजिये।
क्या करें अगर इस प्रतिक्रिया से आप कतई सहमत नहीं हैं?

हो सकता है कि जो कहा जा रहा है वो बिलकुल गलत है और आप किसी भी तरह से इस बात से सहमत नहीं हैं। ऐसे में अपनी आवाज़ और जज़्बात पर काबू रखकर बात कीजिये। साफ़ शब्दों में ये कह दीजिये कि आप इस बात को नहीं मानते हैं और ये भी बताइये कि ऐसा क्यों है।

ऑफिस में दोस्त से बात कीजिये

ऑफिस में जिससे आपकी दोस्ती है उनसे पूछें कि उन्हें इस पूरी बात से क्या लगता है। कभी कभार दूसरों के नज़रिये से देखकर भी आपको एक अलग तरह से सोचने और समझने का मौका मिल सकता है।

ज़रूरी नहीं कि आप हर प्रतिक्रिया पर राज़ी हों या गुस्सा करें, पर ये ज़रूरी है कि आप हमेशा तमीज़ से पेश आएं, ख़ास तौर पर ऑफिस में।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..