चेरापूंजी भारत की एक ऐसी जगह है, जहां सबसे ज्यादा बारिश होती है। लेकिन इस बारिश की वजह से यहां की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। चेरापूंजी के दो और भी नाम है, जिसमें सोहरा और चुर्रा लोगों के बीच प्रसिद्ध है। मेघालय की राजधानी शिलांग में बसी चेरापूंजी एक ऐसी जगह है, जो खासी हिल्स से घिरी हुई है। चेरापूंजी हिल स्टेशन खासी हिल्स के दक्षिणी पठार पर मौजूद है, जिसकी ऊंचाई 4869 फुट है। यहां 12 महीने मॉनसून की छटा छाई रहती है और इसकी वजह है पूर्वोत्तर और दक्षिण पश्चिमी मानसून हवाएं। इसकी खूबसूरती की चर्चा लोगों के बीच हमेशा बनी रहती है। यहां बारिश का मज़ा लेने के अलावा भी कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जिसे देखना आपके लिए एक नया अनुभव होगा और इसीलिए इस डेस्टिनेशन को खास हॉलिडे डेस्टिनेशन बताया जाता है। आइए जानते हैं चेरापूंजी में देखने लायक कौन-कौन सी जगह है।

लाइव ब्रिज

इस पुल से एक समय में 50 से ज्यादा लोग गुज़र सकते हैं
इस पुल से एक समय में 50 से ज्यादा लोग गुज़र सकते हैं

चेरापूंजी का लाइव ब्रिज लोगों के बीच इसीलिए मशहूर है, क्योंकि इसे बायो इंजीनियरिंग प्रैक्टिस से बनाया गया है। इस पुल से एक समय में 50 से ज्यादा लोग गुज़र सकते हैं। यह दो मंजिला ब्रिज है, जिसकी बनावट बेहद आकर्षक है। जिन पहाड़ों पर यह बनाया गया है उसके आसपास रबर के पेड़ बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। जिनकी जड़ें काफी लंबी और मज़बूत होती है। इन्हीं जड़ों से इस ब्रिज को तैयार किया गया है। समय के साथ यह ब्रिज मज़बूत होता गया है, क्योंकि इसकी जड़े धीरे-धीरे बढ़ती रही हैं।

खूबसूरत झरने और गुफाएं

चेरापूंजी अपने खूबसूरत झरनों और गुफाओं के लिए भी जाना जाता है। चारों तरफ हरियाली और खूबसूरत झरनों की सुंदरता को देखना आपको बेहद पसंद आएगा। यहां एक नहीं, बल्कि कई वॉटरफॉल हैं, जो एक-दूसरे से बिल्कुल हटकर दिखाई देते हैं। इन वॉटर फॉल्स में नोहकलिकाई, सेवन सिस्टर, कावा फॉल्स, वाकाबा फॉल्स जैसे कई खूबसूरत झरने हैं। इसके अलावा जंगलों के बीच बनी हुई दो गुफाएं देखने लायक है। इनका नाम मवासमयी और आरवाह है। इन गुफाओं की बनावट लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

इको पार्क

इसकी खूबसूरती देखने लोग दूर-दूर से आते हैं
इसकी खूबसूरती देखने लोग दूर-दूर से आते हैं

यहां गुफाओं और झरनों के अलावा ऑर्किड फूलों से बना एक इको पार्क भी फेमस है। मेघालय सरकार द्वारा बनाया गया या इको पार्क आर्किड फूलों से भरा हुआ है। इसकी खूबसूरती देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। ग्रीनहाउस प्लांटेशन के अंतर्गत लगाए इन फूलों की देखभाल का जिम्मा शिलांग हॉर्टिकल्चर सोसायटी ने संभाला है। यहां से आप बांग्लादेश में स्थित बड़ी-बड़ी चट्टानों को भी देख सकते हैं। साथ ही फोटोग्राफी का शौक रखने वाले लोग यहां ज़रूर आते हैं।

फेस्टिवल्स

चेरापूंजी के फेस्टिवल भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जहां एक और बारिश और धुंध आप को घेरे रहती हैं, वहीं दूसरी ओर बसंत में यहां कई फेस्टिवल्स का आयोजन किया जाता है। यहां रहने वाली खासी जनजाति हर साल बसंत में लोक गीत और लोक नृत्य का आयोजन करते हैं ,जो यहां आने वाले टूरिस्ट के लिए एक खूबसूरत भेंट की तरह होती है। क्योंकि यहां साल भर बारिश होती है, इसलिए यहां के लोग चेरापूंजी में बने बेंत के छाते लेकर चलते हैं।

यदि आप भी ऐसी ही खूबसूरत जगह को देखना चाहते हैं, तो जल्द ही चेरापूंजी का प्लान बनाएं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..