आपने नई जॉब को पाने के लिए शानदार तैयारी की थी और यह आपको मिल भी गई है। हालांकि, जॉब करने के कुछ दिनों बाद आपको यह रियलाइज़ होता है कि आप इस जॉब से खुश नहीं हैं। अक्सर, कई लोगों को ऐसी समस्या का सामना पड़ता है। वजह कुछ भी हो सकती हैं जैसे सही प्रोफाइल का नहीं मिलना, बॉस से पटरी ना बैठ पाना, काम के ज़्यादा घंटे आदि। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आगे क्या किया जाए ? क्या जॉब छोड़ देना चाहिए ? या फिर कोई अन्य विकल्प हो सकता है। इस आर्टिकल के माध्यम से आज हम ऐसे ही अन्य विकल्पों के बारे में आपसे बात करेंगे।

ठन्डे दिमाग से काम लें

सबसे पहले विकल्पों में शामिल है – ‘ठंडे दिमाग से काम लेना’। यह बेहद ज़रूरी है कि आप कोई भी डिसीजन लेने से पहले ठंडे दिमाग से काम लें। अक्सर नई जगह ज्वाइन करने के बाद ऐसी दिक्कतों (सही प्रोफाइल का नहीं मिलना, बॉस से पटरी ना बैठ पाना, काम के बेतरतीब घंटे आदि) का सामना करना पड़ सकता है। आपको समझना होगा कि कहीं क्षणिक दिक्कतों को आपने ज़रुरत से ज्यादा तव्वजो तो नहीं दे दी। इसलिए यदि आप जॉब छोड़ने का मन बना रहे हों या वर्तमान जॉब से परेशान हों तो सभी समीकरणों के बारे में ठंडे दिमाग से विचार करें और इसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचें।

सॉल्यूशंस तलाशें

आपको यदि नई जॉब में मन-मुताबिक़ मज़ा नहीं आ रहा है तो एकदम से परेशान होने की जगह सॉल्यूशंस तलाशना एक बेहतर विकल्प है। आप जॉब के संबंध में अपने रिपोर्टिंग मैनेजर से बात कर सकते हैं साथ ही एचआर से अपने रोल के बारे में समझ सकते हैं। कोशिश करें कि आप अपनी बातचीत में पर्सनल बातों का ना लायें और प्रोफेशनली अपनी सभी समस्याओं पर खुलकर बात करें। सीधे तौर पर अपने काम को लेकर रिपोर्टिंग मैनेजर से मदद मांगे। ऐसा करने से आपको कोई ना कोई रास्ता ज़रूर मिलेगा और हो सकता है जॉब को लेकर आपका जो भी परसेप्शन हो वह बदल जाए।

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सोच-समझकर लें कोई फैसला

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फायदे-नुकसान के बारे में सोचें

आपको जॉब में मज़ा नहीं आ रहा है ऐसे में आपके द्वारा दूसरे विकल्पों के बारे में सोचना गलत कदम नहीं है। आपकी जगह कोई भी अन्य समझदार व्यक्ति होगा वह भी यही करेगा। हालांकि, कोई भी स्टेप लेने से पहले आपको थोड़ी रिसर्च कर लेनी चाहिए। मसलन, आपके द्वारा कोई भी कदम उठाने का फायदा और नुकसान क्या हो सकता है ? जॉब छोड़ने से आपको कोई नुकसान तो नहीं ? दूसरे विकल्प कितने कारगर हैं ? जॉब छोड़ने से आपके फायनेंसेस पर तो फर्क नहीं पड़ेगा आदि। इन सब सवालों के लॉजिकल जवाब तलाशें और फिर आपको जो भी बेस्ट लगे उस दिशा में आगे बढ़ें।

दूसरी जॉब चुनते वक़्त सतर्कता बरतें

वर्तमान जॉब में आने वाली कठिनाइयां आपके लिए एक तरह से एक्सपीरियंस का काम करेंगी। इसलिए जब भी आप नेक्स्ट जॉब की तलाश करें तो दिमाग में उन सभी फैक्टर्स का ध्यान रखें जिनकी वजह से आपको पिछली या वर्तमान जॉब में कठिनाई का सामना करना पड़ा था। ताकि अब आप जब भी किसी जॉब के लिए ज्वाइन करें तो उन सभी दिक्कतों में ना फंसे। कुछ टिप्स जो आपके काम आ सकती हैं- ज्वाइन करते समय ही अपने रोल, रिपोर्टिंग मैनेजर, वर्किंगआर्स, काम की प्रोफाइलिंग, सैलरी आदि पर पूरी क्लैरिटी लें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के कन्फ्यूजन से बचा जा सके। ज्वाइनिंग के समय आपके दिमाग में जो भी प्रश्न आएं उन पर संबंधित HR से बात करें ताकि आपके लिए किसी भी प्रकार की संशय की स्थिति ना बने।

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