एयरपोर्ट पर सामान गुम होना इन दिनों आम बात हो गई है। कई बार देखा गया है कि यात्री तो अपनी मंज़िल तक पहुँच जाते हैं, लेकिन उनका सामान नही। कई घंटो के इंतज़ार के बाद भी जब सामान नहीं मिलता,तो मायूस होना लाज़मी है। हॉपिंग फ्लाइट या कनेक्ट फ्लाईट में सामान खोने की ज़्यादा सम्भावना होती है। आप तो अपनी आगे की यात्रा के लिये दूसरे विमान में चले जाते हैं, लेकिन पीछे छूट जाता है आपका सामान। आप ऐसी स्थिति में अगर फँस जाते हैं, तो क्या करना चाहिए ये जानना बहुत ज़रुरी है।

आपका सामान खो गया है, तो शिकायत दर्ज किए बिना एयरपोर्ट छोड़ कर मत जाईये। विमान सेवा देने वाली हर कम्पनी के दफ्तर एयरपोर्ट पर मौजूद होते हैं। जिस विमान में आपका सामान खोया है, उसके दफ्तर में इसकी जानकारी ज़रुर दीजिए। हवाई सेवा देती कम्पनी आपके सामान को ढूंढने की कोशिश करेंगी या आपके नुकसान की भरपाई तो हो ही सकती है।

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आप शिकायत दर्ज करें बिना एयरपोर्ट छोड़ कर मत जाइए

जेट एयरवेज़ की घरेलू उड़ान में सामान गुम हो जाने पर अगर 14 दिन के भीतर नहीं मिलता, तो यात्री नुकसान के भरपाई की मांग कर सकता है। चेक ईन लगेज के वजन के आधार पर प्रति किलो अधिकतम 450रुपये की भरपाई जेट एयरवेज़ करता है, वहीं स्पाईस जेट प्रति किलो 200रुपये के हिसाब से 3000 रुपये से ज्यादा की रकम का भुगतान नही करता. हालांकि साल 2016 मे त्रिपुरा के एक यात्री का सामान खो जाने पर उसे 60000रुपये का भुगतान स्पाइसजेट ने किया था। ये भुगतान सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किया गया था। ज़ाहिर हैं कि अपने हक की लड़ाई लड़ने से नुकसान की भरपाई हो सकती है।

विदेश यात्रा के समय लगेज खोने, देरी होने या सामान की क्षति होने की स्थिति में चेक इन लगेज के प्रति किलो के हिसाब से 20 डालर यात्री को दिया जाता है। हांलाकि हर विमान सेवा में नुकसान की भरपाई के लिये दिये जाने वाली रकम अलग अलग है। एयर इंडिया की फ्लाइट में विदेशी यात्रा करने वाले यात्री का अगर गुम हुआ सामान 24 घंटे में नहीं मिलता, तो 50 ब्रिटिश डालर या उतना ही लोकल करेंसी के हिसाब से भुगतान कर दिया जाता है। भारत मे घरेलू उड़ान करने वाले यात्री को ज़्यादा से ज़्यादा 3000 रुपये तक का हर्जाना दिया जाता है। सामान खो जाने के बाद अगर कुछ घंटो या दिन में सामान मिल भी जाता है, लेकिन फिर भी इस दौरान हुए किसी भी नुकसान की 2000रुपये तक की अदायगी एयर इंडिया करता है।

हवाई सेवा देती कंपनियां अपनी छवि को लेकर इन दिनों काफी सतर्क रहती है। यात्री अगर सोशल मीडिया पर भी सामान खोने की शिकायत करता है, तो उसे तुरंत इन कंपनियों से जवाब मिल जाता है। अगली बार अगर आप भी बिना सामान के एयरपोर्ट पर हैं, तो तुरंत ही एयरपोर्ट पर शिकायत ज़रुर दर्ज कराएं ,और सामान वापस पाने के लिये आवाज़ उठाएं. आप आवाज़ उठाएंगे तभी तो कोई सुनेगा।