आप अक्सर शहर से दूर पहाड़ों पर ट्रेकिंग करने जाते हैं। एक तरफ आप पहाड़ों की चोटियों पर मज़े करते हैं और दूसरी तरफ अपनी प्लास्टिक की बोतलें और प्लास्टिक बैग्स को नीचे फ़ेंक देते हैं। देखा गया है कि अक्सर ट्रेकर्स ऐसे डेस्टिन्शन्स में जाकर गन्दगी फैलाते हैं और वहां का वातावरण खराब करते हैं। लेकिन आप को जानकर हैरानी होगी कि ब्रह्मगिरि अकेली ऐसी जगह है, जहां आपको प्लास्टिक का एक भी कचरा नहीं मिलेगा।

कर्नाटक के पश्चिमी घाट के इस नो-गार्बेज ज़ोन, ब्रह्मगिरी को सही मायनो में ईश्वर का स्थान कहा जाता है। आपकी ट्रेक का रास्ता कई नदियों से घिरे शोला के जंगलों से होकर घने पहाड़ों से गुज़रता है।

ट्रेकिंग का रास्ता पश्चिमी घाट के घने जंगलों से होकर गुज़रता है
ट्रेकिंग का रास्ता पश्चिमी घाट के घने जंगलों से होकर गुज़रता है

ब्रह्मगिरी एक आयुर्वेदिक स्थान है, जहां आपको बहुत से औषधीय पेड़ मिलेंगे, जिनसे वहां के वातावरण और हवा में एक अजीब सी ताज़गी आती है। वहां पर लगभग 2,015 फूल ऐसे हैं जो केवल वहीं पर उगते हैं।

जब आप इन घने जंगलों के रास्ते पर ट्रेक कर रहे होंगे, तब हो सकता है कि आपको एक अजीब सी बदबू आए। यह बदबू दुनिया के सबसे बड़े हाथी यानी टस्कर्स की होती है। अक्सर ट्रेक के दौरान आपको सामने से हाथियों का झुंड आते हुए दिखेगा। टस्कर्स के अलावा, आपको वहां गीदड़, तेंदुए, भालू, जंगली सूअर और विभिन्न प्रकार के पक्षी भी दिखेंगे।

हाथी अक्सर ट्रैकिंग के रास्तों से गुज़रते हैं
हाथी अक्सर ट्रैकिंग के रास्तों से गुज़रते हैं

यह ट्रेक कोडगु के इरुप्पु फॉल्स में शुरू होती है, जो की विराजपेट से 50 किलोमीटर दक्षिण में है, जो मायसोर-कन्नूर हाईवे के पास एक शहर है। इरुप्पु फॉल्स से यह ट्रेक जंगल से होते हुए लगभग पांच किलोमीटर का है। रात के समय में आप वहां के अनोखे से ब्रिटिश गेस्ट हाउस में आराम कर सकते हैं। अपने सभी सोशल मीडिया और इंटरनेट कनेक्शन से दूर रहने के लिए यह एक परफेक्ट जगह है।

बहुत से खूबसूरत झरनों के साथ यह जंगल स्वर्ग सामान लगते हैं।
बहुत से खूबसूरत झरनों के साथ यह जंगल स्वर्ग सामान लगते हैं।

ब्रह्मगिरि की यह ट्रेक ऊंचे होते हैं और इसके शिखर तक पहुंच पाना कमज़ोर दिलवालों का काम नहीं हैं। फिर भी, मॉनसून के समय में इस प्रकार की ट्रेक पर जाने का मज़ा ही कुछ और है। आप पहाड़ की चोटी से केरल और कर्नाटक की खूबसूरती को देख सकते हैं। यह अनुभव एकदम जादुई होता है।

ब्रह्मगिरी में ट्रेक करने के लिए आप श्रीमांगला में रेंज फॉरेस्ट ऑफ़िसर (RFO) से परवानगी ले सकते हैं। ब्रह्मगिरी तक ट्रेक करने के लिए आपको 270 किलोमीटर दूर बेंगलुरु से निकलना आसान पड़ेगा।

तो, पश्चिमी घाट में एक अद्भुत ट्रेक के लिए तैयार हो जाएं।