जब बात आती है ट्रेवलिंग की, तो ये हमारे लिए कई मायनों में अच्छी साबित होती है। हॉलिडे पर जाना सभी के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए ज़रूरी माना जाता है। जब आप अपनी बिज़ी ज़िन्दगी से कुछ दिन चुरा कर उसे अपने लिए उन्हें खर्च करते हैं, तो आपको शांति का अनुभव होता है। आप दुनिया से अलग-थलग होकर कुछ दिन अपने साथ बिताते हैं और यहीं आप खुद को और भी बेहतर तरीके से जान पाते हैं।

हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘पल-पल दिल के पास’ ऐसी ही एडवेंचर ट्रिप पर बनी हुई है, जिसका एक डायलॉग लोगों के दिलों में घर कर गया है। ये डायलॉग करण देओल का है, जिसमें वे अभिनेत्री सहर के लिए कहते हैं, ‘शायद इस ट्रिप के अंत तक तुम बदल चुकी होगी।’ इस डायलॉग से ये साबित होता है कि कोई भी ट्रिप व्यक्ति को एक बेहतर इंसान बना सकती है। साथ ही ट्रेवलिंग आपको किसी भी शारीरिक और खास तौर पर मानसिक तकलीफ़ से उबरने में मदद करती है। इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे ट्रेवलिंग के ज़रिये आप अपनी मुश्किलों से उबर सकते हैं।

नौकरी में आ रहे उतार-चढ़ावों से परेशान हैं, तो आपको जल्द से जल्द एक ट्रिप प्लान करनी चाहिए

ब्रेकअप की तकलीफ़ से दूर

यदि आप किसी भावनात्मक परेशानी से गुज़र रहे हैं या आपका ब्रेअकप हुआ है, तो इस तकलीफ़ से निकलना आपके लिए चुनौती भरा साबित हो सकता है। भले ही लोग आपको नयी-नयी सलाहें देते रहें, लेकिन आपको जल्द से जल्द एक ट्रिप प्लान करना चाहिए। वैज्ञानिकों की माने, तो आप प्रकृति के जितने करीब रहते हैं, मानसिक रूप से उतने ही स्वस्थ और बेहतर महसूस करते हैं। इसलिए आपकी पसंदीदा जगह को चुने, पहाड़ों के बीच, नदी के किनारे या असीमित रेगिस्तान के बीच, आपको प्रकृति का सहारा ज़रूर लेना चाहिए।

नौकरी में परेशानी

आज हर व्यक्ति अपनी नौकरी को लेकर परेशान रहता है। उसे कहीं भी और कभी भी स्थिरता का आभास नहीं होता। इसलिए यदि आप नौकरी में आ रहे उतार-चढ़ावों से परेशान हैं या आपकी नौकरी चली गई हो, तो आपको जल्द से जल्द एक ट्रिप प्लान करनी चाहिए। अक्सर लोग नौकरी जाने के बाद पैसों को लेकर परेशान रहते हैं और उन्हें पैसों की बचत का ख़्याल आता है। लेकिन यदि आप चाहें, तो आप दो या तीन दिन की छोटी ट्रिप प्लान कर सकते हैं। इससे आपको भावनात्मक और मानसिक रूप से स्थिरता महसूस होगी और आप भविष्य के बारे में बेहतर सोच पाएंगे।

भावनात्मक तकलीफों के बाद

अक्सर लोग अपने प्रियजनों के दुनिया से चले जाने पर दुख से घिर जाते हैं और लम्बे समय तक इस तकलीफ़ से निकलना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। ये आपने भी किसी अपने को खोया है, तो आपको एक अच्छे और सुकून भरे हॉलिडे की ज़रुरत है। भले ही आप अपनों को वापस ना सकें, लेकिन उनकी अच्छी यादों को याद करके सुकून भरे दिन गुज़ार सकते हैं।

लम्बी बीमारी के बाद

लम्बे समय तक बिस्तर से लगे रहना और बेस्वाद खाना, दवाइयों की गिरफ्त में रह कर आप परेशान हो सकते हैं

कई बार लोग लम्बी और तकलीफदेह बीमारी से परेशान होकर भावनात्मक रूप से अवसाद में चले जाते हैं। लम्बे समय तक बिस्तर से लगे रहना और बेस्वाद खाना, दवाइयों की गिरफ्त में रह कर आप परेशान हो सकते हैं। ऐसे में आपको एक अच्छे से सुकून भरे हॉलिडे की ज़रुरत होती है। जहां आप अपने मन और दिमाग को शांति का अनुभव करवा सकें। इस तरह आप जल्द से जल्द स्वास्थ होंगे और बेहतर महसूस करेंगे।

इस तरह एक छोटी सी ट्रिप या कुछ दिन का सुकून भरा हॉलिडे आपको मानसिक रूप से बेहतर स्वास्थ देकर जाता है। जो आपको आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी होता है और इससे आप खुद के लिए बेहतर निर्णय ले सकते हैं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..