विश्व की सांस्कृतिक नगरी बनारस कई रंगों की छटा से सजी हुई है। मीठे, तीखे, चटपटे हर तरह के स्वादिष्ट पकवान यहां की गलियों में सुगंध भर देते हैं। वहीं गंगा के किनारे घाट की खूबसूरती में ऐसा सुकून है, जो आपको और कहीं नहीं मिलेगा। बाबा भोलेनाथ की नगरी बनारस एक संस्कृति की चादर ओढ़ भगवान के मनन-पूजन की कहानी कहती सी दिखाई देती है। आज हम आपको बनारस के बारे में कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जो आपको इस शहर के बारे में देखने का एक नया नज़रिया देगी।

गंगा स्नान: वाराणसी की संस्कृति गंगा के बिना अधूरी है। ऐसा माना जाता है कि यहां बहती गंगा नदी में डुबकी लगाने से आत्मा पवित्र हो जाती हैं और आपके सारे पाप धुल जाते हैं। इसीलिए बनारस जाकर गंगा में डुबकी लगाना कुछ ज़रूरी कामों में से एक है। यहां जाकर गंगा स्नान आप ज़रूर करें।

मंदिर दर्शन: बाबा भोलेनाथ की नगरी बनारस अपने घाट और मंदिरों के लिए प्रचलित है। यहां जाकर आपको प्रमुख मंदिरों के दर्शन ज़रूर करना चाहिए। अन्यथा आपकी यात्रा अधूरी रह जाएगी। बनारस के सबसे प्रमुख मंदिर में से एक है काशी विश्वनाथ मंदिर, जिसके दर्शन करने लोग दूर-दूर से आते हैं। यदि आप बनारस जा रहे हैं तो भैरव बाबा के दर्शन ज़रूर करें। ऐसा कहा जाता है कि यदि इस बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद भैरव बाबा के मंदिर के दर्शन ना किए, तो आपकी पूजा अधूरी रह जाती है।

बड़ी संख्या में लोग इस आरती को देखने के लिए इकट्ठा होते हैं

गंगा आरती: यहां सबसे ज़्यादा खूबसूरत नज़ारा आपको तब दिखाई देगा, जब शाम को गंगा की आरती होती है। यह देखने में बेहद अद्भुत होता है। बड़ी संख्या में लोग इस आरती को देखने के लिए इकट्ठा होते हैं और रोज़ करीब 45 मिनट की आरती आपको ज़िंदगी भर की यादें दे जाएगी। यदि आप बनारस गए हैं तो आपको एक शाम रुक कर गंगा आरती के दर्शन ज़रूर करना चाहिए।

घाट पर घूमना: बनारस की शान ही वहां के घाट हैं। इसका एहसास आपको वहीं जाकर होगा। यदि आप इसकी सीढ़ियों पर बैठकर गंगा की खूबसूरती निहारना चाहते हैं, तो आपको यह सुकून से भर देगा और ऐसा सुकून शायद ही आपको किसी काम में मिले। इस अद्भुत खूबसूरती को देखने में आपका समय कब कट जाएगा, आपको पता भी नहीं चलेगा।

लोकल मार्केट: यदि आप वाराणसी गए हैं, तो आपको वहां जाकर विश्वनाथ गली, गोदौलिया और ठठेरी बाज़ार में जाकर सामान की खरीदारी ज़रूर करनी चाहिए। अगर आपने इन बाज़ारों की शॉपिंग नहीं की, तो आपकी यात्रा कुछ अधूरी सी रह जाएगी।

यहां की मिठाई और चाट के बिना बनारस का ज़िक्र अधूरा सा है

बनारस की चाट: बनारस जानेवालों के लिए विशेष सलाह यह है कि वहां जाकर बनारस की चाट और मिठाइयों का लुफ्त उठाएं। चटपटी चाट के लिए काशी चाट भंडार, अस्सी के भौकाल चार्ट, दीना चाट भंडार और मोंगा आदि लोकप्रिय दुकानें हैं। वही ठठेरी बाज़ार में ताज़ी और रसभरी मिठाइयों का स्वाद आपको ज़रूर लेना चाहिए। यहां दूध, दही और मलाई में इतनी शुद्धता होती है, जिसका स्वाद आपने शहरों में कभी नहीं चखा होगा। यहां की मिठाई और चाट के बिना बनारस का ज़िक्र अधूरा सा है। वहीं  जो पान के शौकीन हैं, उनके होंठ रंगने के लिए यहां पान खाने का चलन है। यहां के पान भी बेहद स्वादिष्ट होते हैं।

यदि आप भी बनारस जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इन कामों को करें बिना आप की यात्रा अधूरी ही मानी जाएगी। इसलिए इन कामों को आज ही अपनी लिस्ट में शामिल कर लें।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..