आज हमारे आसपास का वातावरण तरह -तरह के प्रदूषणों से पटा हुआ है। हर जगह कचरा और गन्दगी दिखाई दे जाती है। खास तौर पर्यटन स्थलों पर जहां सैलानियों का जमघट लगा रहता है। ऐसे में यदि हम आपको ये कहें कि भारत में एक ऐसी जगह है, जहां बहने वाली नदी शीशे की तरह पारदर्शी और साफ़ है, तो क्या आप यकीन करेंगे? नहीं ना? लेकिन यह सच है। यदि आप प्रकृति प्रेमी है और आपको प्रकृति के समीप जाकर हॉलीडे मनाना पसंद है, तो आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक सिर्फ बोटिंग करने के लिए आते हैं। आइये जानते हैं इस नदी के बारे में कुछ ख़ास बातें।

कहां बहती है ये नदी?

इस नदी की खास बात यह है कि यह पूरी तरह से पारदर्शी है

credit: staticflickr.com

उमना घाट, जो भारत-बांग्लादेश के पास पूर्वी जयंतिया हिल्स के पास स्थित है, यहां एक छोटे से कस्बे के समीप यह नदी बहती है। यह कस्बा मेघालय की राजधानी शिलांग से मात्र 95 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। इस नदी की खास बात यह है कि यह पूरी तरह से पारदर्शी है। इसके आर-पार आप आसानी से देख सकते हैं। यहां का पानी इतना साफ़ और खूबसूरत है कि बोटिंग करते वक्त आपको ऐसा लगेगा कि आप हवा में बोट चला रहे हैं। इस नदी पर लोग बोटिंग करने के लिए खास तौर पर आते हैं। कुछ लोगों को इसे देख कर विश्वास ही नहीं होता कि यह नदी अपनी साफ हो सकती है। इसीलिए नदी के अंदर का नजारा देखना आपके लिए एक नया अनुभव हो सकता है। जाड़े में यदि यह नदी और भी खूबसूरत और साफ नजर आती है।

इस कस्बे की ये है ख़ास बात

इस नदी के आसपास मछुआरों के लिए मछली पकड़ने का तांता लगा रहता है

credit: wordpress.com

मेघालय के पास बसा ये छोटा सा कस्बा दावकी नाम से प्रसिद्द है। इस कस्बे से लगी सड़क भारत और बांग्लादेश के बीच एक व्यस्त व्यापार मार्ग की तरह काम करती है। हैरानी की बात तो ये है कि 1 दिन सैकड़ों ट्रक इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। खास तौर पर इस नदी के आसपास मछुआरों के लिए मछली पकड़ने का तांता लगा रहता है। इस नदी को बड़ी संख्या में मछलियां मिलती है। यहां लोग सफाई का सख्ती से पालन करते हैं। यदि यहां आने वाले सैलानी नदी के आसपास कूड़ा फैलाते हैं, तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाती है।

कैसे पहुंचे दावकी?

यदि आप सर्दियों में इस ट्रिप को प्लान कर रहे हैं, तो आप सड़क यात्रा का सहारा ले सकते हैं। इसके लिए आपको डौकी से शिलांग का रास्ता चुनना होगा। आप चाहें तो अपने लिए निजी वाहन बुक कर सकते हैं, जिससे आपको असुविधा ना हो। लेकिन यदि आप चाहें तो यहां मौजूद बस की सुविधा भी ले सकते है। वहीं यदि आप ट्रेन से यहां जाना चाहते हैं, तो गुवाहाटी रेलवे स्टेशन यहां का सबसे नजदीकी स्टेशन है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..