वैसे तो भारत में लोकतांत्रिक राज्य है, लेकिन इसके बाद भी देश की आजादी के इतने साल बाद भारत में कुछ जगह ऐसी है, जहां भारतीयों का ही प्रवेश वर्जित है। इन जगहों के बारे में सुनकर आपको ऐसा लगेगा जैसे कोई आपको आपके ही घर में घुसने से मना कर रहा है। आज हम आपको भारत की कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताएंगे, जहां पासपोर्ट दिखाकर सिर्फ विदेशी ही रह सकते हैं, भारतीय नहीं।

फ्री कसोल कैफे: फ्री कसोल कैफे के नाम पर मत जाइए, यह कैफे अपने आप में बिल्कुल अलग है। कसोल जहां लोग शांत वातावरण का मजा लेने जाते हैं, जहां जाकर आपकी महीनों की थकान मिनटों में दूर हो जाती है, यहां के इस ख़ास कैफे में भारतीयों के जाने की मनाही है। कसोल के रेस्टोरेंट के मालिक दीप्त व्यास का कहना है कि फ्री कसोल कैफे सिर्फ विदेशियों के लिए ही खुला रहता है और यहां भारतीय की एंट्री पर पाबंदी है। यहां अंदर जाने के लिए आपको पासपोर्ट दिखाना पड़ेगा।

उनो इन होटल: साल 2012 में स्थापित किए गए इस होटल की बात ही अलग है। निप्पॉन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा शहर में जापानी लोगों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर इस होटल की स्थापना की गई थी।दिलचस्प बात यह है कि इस होटल में काम करने वाले स्टाफ और मुख्य प्रबंधक भारतीय ही थे, जिन्होंने भारतीयों को इस होटल में आने से रोका था। साल 2014 में जब यह लोकप्रिय होटलों में से एक था, तब कुछ घटनाएं ऐसी हुई जिसकी वजह से भेदभाव और जातिवाद मामलों के चलते बेंगलुरु सिटी कॉरपोरेशन द्वारा इसे बंद कर दिया।

फॉरेनर्स ओनली: गोवा में रिज़ॉर्ट के मालिक ऐसे भी हैं जो भारतीयों को पसंद नहीं करते। यही वजह है कि गोवा का फॉरेनर्स ओनली ऐसा होटल है जहां सिर्फ फॉरेनर्स जा सकते हैं। वे इस बात को सही साबित करने का तर्क देते हैं कि विदेशी जो बीच में कम कपड़ों में आराम करना चाहते हैं, वह भारतीयों की कामुक नजरों से बचे रहते हैं। यह बात भारतीयों को विदेशियों से अलग करती है।

हाईलैंड: चेन्नई में कुछ लॉज आज भी है ऐसे हैं, जहां उन लोगों को अंदर जाने की अनुमति है जिनके पास विदेशी पासपोर्ट है। मतलब विदेश में रहने वाले ही इस लॉज का मजा उठा सकते हैं। यहां भारतीयों का प्रवेश वर्जित है और इस नियम का सख्ती से पालन किया जाता है। यदि किसी भारतीय के पास विदेशी पासपोर्ट है, तो वह इस लॉज में आ सकता है।

फॉरेनर्स ओनली: गोवा के बाद पांडिचेरी में भी एक ऐसी जगह है, जिसका नाम फॉरेनर्स ओनली है। जहां लोग समुद्री तट पर छुट्टियों का मजा लेने आते हैं। यहां के प्राचीन समुद्री तट जहां फ्रेंच और भारतीय वास्तुकला का मिश्रण दिखाई देता है भारतीय और विदेशी दोनों को ही लुभाते हैं। पर गोवा की तरह यहां पर भी कई ऐसे बीच है, जहां भारतीयों का जाना बिल्कुल वर्जित है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..