जय अलानी, देश भर में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर के तौर पर जाने जाते हैं। भूत या प्रेत या कहें अनजानी शक्ति, जिसे इंसान महसूस तो कर सकते हैं, लेकिन देख नहीं सकते। ऐसी शक्तियों या एनर्जीज़ के बारे में जय कुछ ख़ास लेकिन बिलकुल अलग विचार रखते हैं। जहां एक ओर भारत में बाबाओं और तांत्रिकों का राज चलता है और लोग आज भी ऐसे बेतुके अंधविश्वासों में घिरे रहते हैं, ऐसे में जय बगैर किसी सबूत के ऐसी दकियानूसी बातों पर विश्वास ना करने की सलाह देते हैं।

हालांकि जय का मानना है कि हमारी ही तरह रूहों की भी दुनिया हो सकती है, लेकिन उनसे डरने की कोई वजह नहीं है। जय ऐसी पांच जगहों का उल्लेख करते हैं, जहां उन्हें अलग और ना समझ में आने वाले अनुभव मिले। आइये जानते हैं भारत की इन हॉन्टेड कही जानेवाली जगहों के ये राज़।

कुलधरा, राजस्थान

कुलधरा गांव में 500 साल पहले तक 600 घर और 85 गांव के पालीवाल ब्राह्मण का साम्राज्य था

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क्या आपने राजस्थान के कुलधरा गांव के बारे में सुना है? कुलधरा राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित है यह एक शापित और रहस्मयी गांव है, जिसे भूतों का गांव भी कहा जाता है। हालांकि अभी राजस्थान सरकार ने इसे पर्यटन स्थल का दर्जा दे दिया है। इस कारण अब यहां रोज़ाना हज़ारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। कुलधरा गांव में 500 साल पहले तक 600 घर और 85 गांव के पालीवाल ब्राह्मण का साम्राज्य था। लेकिन एक रात अचानक यहां से गांव के सभी लोग गायब हो गए। इसके पीछे क्या राज़ था, ये आज तक कोई नहीं जान पाया। इसके बॉस से इस गांव को बसाने की चेष्टा बार-बार की जा चुकी है, लेकिन यहां मौजूद शक्तियां ऐसा करने नहीं देती।

जय अलानी को भी यहां ख़ास अनुभव मिले हैं। जय के अनुसार जब वह रात अंधेरे में कुलधरा में अपनी तकनीकी मशीनों की मदद से तहकीकात करने गए, तो उन्होंने अपनी गाड़ी कुछ मीटर की दूरी पर पार्क की। यह फोर व्हीलर लॉक थी और इसकी चाबी जय की जेब में। लेकिन अचानक यह गाड़ी अपने आप चालू हो गई। इसे देख कर जय और उनके साथी को वहां मौजूद एनर्जी के बारे में पता चला।

लम्बी देहर माइन्स, मसूरी

यहां 90 के दशक में चूना पत्थर तोड़ने गए 50 हज़ार मज़दूरों की थोड़े समय के अंतराल में मौत हो गई थी

मसूरी, जिसकी खूबसूरत वादियां आपका मन मोह लेती है, वहीं यहां की लंबी देहर माइन्स एक भूतहा जगहों में से एक मानी जाती है। इस माइन की कहानी ऐसी है कि यहां 90 के दशक में चूना पत्थर तोड़ने गए 50 हज़ार मज़दूरों की थोड़े समय के अंतराल में मौत हो गई थी। कहा जाता है कि इन मज़दूरों को एकाएक किसी बीमारी के चलते खून की उल्टियां होने लगी और वह मरने लगे। इसके बाद इन माइंस को बंद कर दिया गया, लेकिन इसके बाद लोगों को यहां अजीबो-गरीब आवाज़ें सुनाई देती थीं।

जय अपने एक साथी के साथ इस माइन की छानबीन करने गए थे और यहां उन्हें जो एहसास हुआ, वह अजीब था। जय बताते हैं कि माइन में कदम रखने के बाद हमारी नज़र दो मरे हुए कौओं पर पड़ी, जो एक आम सी बात है। लेकिन जब हम माइन का मुआयना करके वापस लौटे, तो वही कौएं एक क्षण में ही अचानक फड़फड़ाकर उड़ पड़े। ये समझना हमारे लिए बेहद मुश्किल था। कई ऐसे जानवर होते हैं, जो खतरा महसूस करने पर मरने का अभिनय करते हैं, लेकिन कौओं में ऐसी कोई आदत नहीं देखी जाती।

दाऊ हिल का कुर्सियांग जंगल, दार्जिलिंग

पश्चिम बंगाल का ये जंगल बेहद भयावना है, जिसके कई किस्सें लोगों ने सुने हैं

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आपको जान कर हैरानी होगी कि दार्जिलिंग के खूबसूरत दाऊ हिल में कुर्सियांग जंगल है, जहां लोग रात के अंधेरे में क्या, दिन के उजाले में जाने से कतराते हैं। पश्चिम बंगाल का ये जंगल बेहद भयावना है, जिसके कई किस्सें लोगों ने सुने हैं। इस जंगल के बारे में कहा जाता है कि यहां कई लोगों को लाकर उनकी हत्याएं कर दी गई थीं, जिसके बाद उनकी रूहें इस जंगल में घूमती हैं। यही वजह है कि लोग यहां जाने से कतराते हैं।

इस कहानी को सुन कर जब जय इसकी छानबीन करने गए, तो उन्हें अजीब सी अनुभूति हुई, लेकिन वे इसे समझ नहीं पाए। ये वक्त रात के करीब 1 बजे का था। लेकिन छानबीन के दौरान उन्हें ऐसा लगा कि कोई तेज़ी से दौड़ता हुआ उनके पीछे से गुज़र गया है। ये बारिश का समय था, तो गीली ज़मीन पर इंसानी पैरों की आवाज़ जय अच्छी तरह जानते थे। इसके कुछ देर बाद जंगलों में से अजीबो-गरीब आवाज़ें सुनाई दीं, जो ज़ाहिर सी बात है किसी जानवर की नहीं थी। जय बताते हैं कि जब आप ऐसी किसी जगह पर जाते हैं तो वहां के बारे में जानकारी रखते हैं, जैसे वहां कौन से जानवर हैं और वहां के हालात क्या हैं। इसलिए वे जानते थे कि ये इंसानी आवाज़ है।

जय का मानना है कि उन्हें ऐसे ही अनुभव शिमला के वर्ल्ड विल मेंशन और मसूरी के एक हॉन्टेड स्कूल में भी हुआ था। ज़ाहिर है ये अनुभव इस दुनिया के नहीं थे, लेकिन अपनी खोज के दौरान जय को जो महसूस हुआ, इससे साबित होता है कि इंसानों के अलावा एक और दुनिया है, जहां कुछ एनर्जीज़ का वास होता है।

क्या होता पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन?

पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन में हम उस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करते हैं, जो आम इंसान की समझ से परे होती है

छोटी सी उम्र से पैरानॉर्मल एक्टिविटी के बारे में पढ़ते हुए जय अलानी आज तक कई ऐसी जगहों पर गए हैं, जिसे लेकर लोगों के बीच चर्चाएं रही है। जय का मानना है कि पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन में हम उस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करते हैं, जो आम इंसान की समझ से परे होती है। ऐसी कोई भी घटना, जो अजीब हो और समझ न आए, उसे सुलझाने की प्रक्रिया को पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेशन कहा जाता है। पैरानॉर्मल एक्टिविटी सिर्फ भूत-प्रेतों से जुडी हुई नहीं होती, इसमें एलियन और यूएफओ जैसी चीज़ों का भी समावेश होता है। क्योंकि इसमें से कोई भी चीज़ इंसानी जीवन से जुड़ी हुई नहीं है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..