भारत की कुल जनसंख्या में से तीन चौथाई लोग घूमने जाने के लिए रेल यात्रा का सहारा लेते हैं। बेहद कम लोग ऐसे हैं जो अक्सर हवाई यात्रा करते रहते हैं। लेकिन हवाई यात्रा का फायदा यह है कि यह समय बचाता है। यदि आप भी हॉलीडे पर जा रहे हैं और समय बचाने के लिए आप प्लेन का सफर करेंगे, तो इसमें घबराने की कोई बात नहीं। अक्सर पहली बार प्लेन के सफर में लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि उन्हें क्या काम करना है। आज हम आपको कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप प्लेन के सफर में परेशान नहीं होंगे।

प्लेन में पहली बार सफर करने से पहले फोन या इंटरनेट से फ्लाइट का शेडूल चेक करें। ताकि कोई भी परिवर्तन हो तो आपको परेशानी ना उठानी पड़े। शेडयूल डिपार्चर से 2 घंटा पहले एयरपोर्ट पहुंच जाने में ही भलाई है।

फ्लाइट टिकट का प्रिंट आउट फोटो कॉपी या ईमेल हमेशा अपने साथ रखें। इस मामले में SMS वैलिड नहीं माना जाता। इसके साथ ही ओरिजिनल आइडेंटिटी कार्ड जैसे पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर ID अपने साथ रखें। यदि आपके साथ बच्चा है तो उसका बर्थ सर्टिफिकेट भी रखें।

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टिकट काउंटर पर विंडो सीट की डिमांड कर सकते हैं

बैगेज रूल्स के मुताबिक फ्लाइट में एक कैबिन बैग आपके साथ जा सकता है और दो बड़े बैग चेक इन काउंटर पर आपको देना पड़ता है। इसीलिए वज़न का ध्यान रखकर अपने बैग पैक करिए।

अपने साथ नुकीली चीजें, हथियार, लाइटर, ब्लेड, जहरीली चीजें, रेडियोएक्टिव या एक्सप्लोसिव आइटम्स न रखें।

एयरपोर्ट पर जाने के बाद आप देखेंगे कि एयरलाइंस के अलग-अलग काउंटर बने होते हैं। जिस एयरलाइन से आप की बुकिंग है, उसी काउंटर पर जाकर टिकट दिखाएं। स्टाफ मेंबर ID चेक करने के बाद आपको बोर्डिंग पास देंगे।

इसके बाद ही आप प्लेन में बैठने के लिए तैयार माने जाते हैं। आप चाहे तो टिकट काउंटर पर विंडो सीट की डिमांड कर सकते हैं।

इसके बाद सिक्योरिटी फोर्स मेंबर आप की चेकिंग करते हैं और बोर्डिंग पास पर स्टांप लगाकर आपको वापस देते हैं। इसके बाद ही आप फ्लाइट में जाकर बैठ सकते हैं।

टेकऑफ के आधे घंटे पहले टर्मिनल गेट खोला जाता है, जहां दोबारा आपको बोर्डिंग पास और हैंडबैग चेक करवाना होता है। कई बार प्लेन टर्मिनल गेट से दूर होता है, ऐसे में आपको चलकर जाना पड़ सकता है। इसीलिए यदि आपके साथ कोई बुज़ुर्ग व्यक्ति है, तो उसके लिए खास इंतज़ाम पहले से ही कर लीजिए।

आपकी प्लेन यात्रा समाप्त होने के बाद एयरपोर्ट पर लगे साइन बोर्ड को फॉलो करें और बैग्स काउंटर से अपने बैग्स ले।

याद रखिये एयरपोर्ट या फ्लाइट में कुछ परेशानी हो, तो घबराए नहीं। वहां आपकी मदद करने के लिए काफी लोग होंगे। यदि कोई भी तकलीफ आई तो आप एयर होस्टेस या ग्राउंड पर मौजूद स्टाफ की मदद ले सकते हैं।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..