यदि आपको कोई यह कहे कि आपको किसी नदी में सोना मिल सकता है, तो आप क्या कहेंगे? शायद आप कहेंगे कि यह नामुमकिन है। लेकिन आपको बता दें कि यह सच है। भारत में एक ऐसी नदी है, जहां आज भी लोग सोना इकठ्ठा करते हुए दिखाई देते हैं। यदि आप भी भारत की इस नदी की ओर रुख करते हैं, तो आपको सोना मिल सकता है। आइये जानते हैं इस ख़ास नदी के बारे में ख़ास बातें।

कहां है ये नदी?

नदियां कई चट्टानों से होकर गुज़रती है, जिसकी वजह से सोने के कण इसमें घुल जाते हैं

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का नाम तो सभी जानते हैं। रायपुर से करीब 250 किलोमीटर दूर कांकेर जिले के किनारे बहती है यह नदी, जिसके संगम के पास आज भी मिलते है सोने के कंकड़। दरअसल कांकेर के कोयलीबेड़ा ब्लॉक के पास है यह संगम का घाट, जहां आज भी लोग नदी से सोना निकालने का व्यवसाय करते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार नदियां कई चट्टानों से होकर गुज़रती है, जिसकी वजह से सोने के कण इसमें घुल जाते हैं।

क्या है क्वारी सोना?

नदी से जमा करने के बाद ये गांव वाले पिघलाकर इसे रूप देते हैं

यहां के लोग गोल लकड़ी की छन्नियों से संगम के मुहाने पर कंकड़ों को छाना जाता है, जिसके बाद उन्हें मिलता है सोना। इस सोने को क्वारी सोने का नाम दिया गया है। यह सोना शुद्ध रूप में होता है, जिसके दाम बाज़ार में बेहद ज़्यादा हैं। क्वारी सोना, सोने का एक शुद्ध रूप माना जाता है। जिसे नदी से जमा करने के बाद ये गांव वाले पिघलाकर इसे रूप देते हैं। ये सोना बगैर मिलावट का होता है, लेकिन यहां के लोगों को गहने बनाने की समझ ना होने के कारण आने-पौने दामों में ये सोना व्यवसाइयों के हाथों में चला जाता है।

सोना जमा करनेवाली जनजाति

कांकेर जिले की सोना जमा करने वाली जनजाति को सोनझरिया कहा जाता है। जो पुश्तों से ये काम एक व्यवसाय के रूप में किया करते हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि नदी के अलग-अलग हिस्सों से सोना जमा करने के लिए ये समुदाय घर से दूर कैम्प बनाकर रहते हैं।

यदि आप भी जाकर अपनी किस्मत आज़माना चाहते हैं, तो इस बार छुट्टियों में छत्तीसगढ़ की सैर ज़रूर कर लें।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..