जब भी हम हॉलिडे और ट्रेवेल करने की बात करते हैं, तो हमेशा अपने परिवाअतः 8पमर या दोस्तों के साथ समय बिताने की बात हम सोचते हैं। लेकिन हमारे मन में ये बात कभी नहीं आती कि हमें अपने साथ भी समय बिताना चाहिए। यही वजह है कि लोग अक्सर सोलो ट्रेवलिंग करने की सलाह देते हैं। सोलो ट्रेवल करने से आप खुद के साथ कुछ समय व्यतीत कर सकते हैं। इससे आपको खुद को जानने का मौका मिलता है। आइये जानते हैं अकेले हॉलिडे पर जाना आपके लिए किस तरह फायदेमंद हो सकता है।

फैसले लेने में मिलती है मदद

जब आप सोलो ट्रेवल करते हैं, तो अपने लिए आप आसानी से फैसले लेने लगते हैं

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दरअसल कई बार हमें खुद के लिए फैसले लेने में हिचक और परेशानी होती है। इसलिए जब आप सोलो ट्रेवल करते हैं, तो अपने लिए आप आसानी से फैसले लेने लगते हैं। छोटी-छोटी बातें, जैसे कहां रुकना है, कहां खाना है जैसी बातों से लेकर आपको किस पर भरोसा करना है, जैसी बातों तक, आप खुद निश्चित करते हैं। इससे आपको खुद के लिए फैसले लेने में मदद मिलती है।

खुद की आवाज़ सुने

अक्सर हम लोगों के बीच खुद को खो देते हैं। ऐसे में हम अपने साथ ना समय व्यतीत कर पाते हैं, बल्कि खुद के साथ बातें भी नहीं कर पाते। जब आप सोलो ट्रेवल करते हैं, तो आपको खुद से बातें करने का मौका मिलता है। आप अपने मन की हर मुराद पूरी कर सकते हैं। साथ ही आपको ट्रेकिंग, स्कीइंग, कैम्पिंग जैसी चीज़ें करने में होनेवाली हिचक दूर हो जाती है।

खुद पर बढ़ता है भरोसा

जब आपको लगता है कि आपकी मदद के लिए कोई नहीं है, तो दूसरों पर नहीं, बल्कि खुद पर आपकी निर्भरता बढ़ती है।

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जब आप अकेले होते हैं, तो आपके फैसले पर सहीं-गलत की मुहर लगानेवाला कोई नहीं होता। इसलिए आप सोच समझ कर अपने लिए वो फैसला लेते हैं, जिसमें आपको ख़ुशी मिलती है। ऐसे में आपको खुद पर विश्वास करना आ जाता है और आप मुश्किल घड़ी में भी खुद पर भरोसा करने लगते हैं। इसके अलावा जब आपको लगता है कि आपकी मदद के लिए कोई नहीं है, तो दूसरों पर नहीं, बल्कि खुद पर आपकी निर्भरता बढ़ती है।

अजनबियों से बातें

कहते हैं कि आपको खुद के विकास के लिए अजनबी लोगों से मिलना चाहिए। इससे आप हमेशा कुछ नया सीख पाते हैं। जब आप अकेले ट्रेवल करते हैं, तो आप अजनबियों के साथ समय बिता सकते हैं। इसके साथ-साथ आप कई दोस्त बनाते हैं और यही बात आपको ख़ुशी का अहसास करवाती हैं। साथ ही अकेले ट्रेवल करना आपको खुद के लिए थोड़ा मतलबी भी बनाती है, जिससे आप खुद का ख्याल रख पाते हैं।

इस तरह सोलो ट्रेवल हमेशा ही आपके लिए सहीं फैसला माना जाता है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..