24 अगस्त, शनिवार को पूरे देश में पूरे धूम-धाम से श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जायेगी। श्री कृष्ण, भगवान विष्णु के अवतार हैं और इनकी जीवन यात्रा इतनी रोचक रही है कि इससे जितना सीखने के मिले कम है। जहां एक ओर भगवद गीता में आपको समूचे संसार का ज्ञान प्राप्त होता है, वहीं देश भर में ऐसी कई जगहें भी हैं जहां जाकर आप खुद को कृष्ण भक्ति में सराबोर पायेंगे। आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम देश के कुछ ऐसे ही सबसे फेमस कृष्ण मंदिरों की जानकारी आपको देने वाले हैं, जहां आपको अपने जीवन काल में कम से कम एक बार तो ज़रूर जाना चाहिए। तो आइए शुरू करते हैं।

नाथद्वारा से बांके बिहारी तक ये हैं प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर

बांके बिहारी मंदिर, वृन्दावन

भगवान कृष्ण के सबसे प्रसिद्द मंदिरों में से एक है श्री बांके बिहारी मंदिर, वृन्दावन। मथुरा में स्थित इस मंदिर की देश भर में बड़ी मान्यता है और प्रतिवर्ष, लाखों-करोड़ों कृष्ण भक्त यहां खींचे चले आते हैं। इस मंदिर को लेकर अच्छी-खासी मान्यताएं भी हैं जैसे श्री बांके बिहारी मंदिर के नजदीक ही स्थित निधि वन में सूर्यास्त के बाद किसी भी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान कृष्ण स्वयं गोपियों के साथ महारास रचाते हैं और इस लीला को देखने वाले अपनी सुधबुध खो बैठते हैं।

कैसे पहुंचें : वृन्दावन, सड़क और रेल मार्ग से पूरे देश से भलीभांति जुड़ा हुआ है। सबसे नजदीकी हवाई अड्डा खेरिया (आगरा) है जो यहां से 53 किमी दूर है।

द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका

गुजरात के द्वारका में स्थित यह मंदिर देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक से भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह मंदिर देश के चार बड़े धामों में भी शुमार है। इस मंदिर का निर्माण शंकराचार्य द्वारा किया गया था और ऐसी मान्यता है कि यह मंदिर लगभग 2000 वर्ष से भी अधिक पहले का है।

कैसे पहुंचें : श्री द्वारिकाधीश मंदिर, सड़क और रेल मार्ग से पूरे देश से भलीभांति जुड़ा हुआ है। सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जामनगर है जो यहां से 45 किलोमीटर दूर है।

गोविन्द देव जी का मंदिर, जयपुर

श्री कृष्ण का यह मंदिर राजस्थान की राजधानी जयपुर के सिटी पैलेस में स्थित है। यह मंदिर श्री कृष्ण को समर्पित है और यहां भगवान को गोविंद देव जी या ठाकुर जी के नाम से पुकारा जाता है।

कैसे पहुंचें : गोविन्द देव जी का मंदिर, जयपुर, सड़क, रेल और हवाई मार्ग से पूरे देश से भलीभांति जुड़ा हुआ है।

कन्हैया की मूर्ति में जड़े हैं हीरे
कन्हैया की मूर्ति में जड़े हैं हीरे

नाथद्वारा, उदयपुर

राजस्थान के उदयपुर में स्थित श्री नाथ जी का मंदिर भक्तों के बीच एक अलग स्थान रखता है। यहां मौजूद कन्हैया की मूर्ति में उनकी ठोढ़ी पर जड़े हीरे को देखना अपने आप में एक अलौकिक अनुभव है।

कैसे पहुंचें: नाथद्वारा, उदयपुर, सड़क, रेल और हवाई मार्ग से पूरे देश से भलीभांति जुड़ा हुआ है। सबसे नजदीकी एअरपोर्ट उदयपुर है जो यहां से 41 किलोमीटर दूर है।

इस्कॉन मंदिर

अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ, इस्कॉन, की स्थापना आचार्य भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद द्वारा अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क में की गई थी। भारत के सभी बड़े शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद,हैदराबाद आदि में इस्कॉन मंदिर है। आप अपने शहर में भी बड़ी ही आसानी से इन्हें खोज सकते हैं और कृष्ण भक्ति का आनंद ले सकते हैं।

जुगल किशोर मंदिर, वृन्दावन

जुगल किशोर मंदिर, श्री कृष्ण का वृन्दावन में स्थित सबसे पुराना मंदिर है जिसे लाल पत्थर से निर्मित किया गया है। इस मंदिर को केशी घाट मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर वृन्दावन, मथुरा के कुछ सबसे चर्चित और प्रसिद्द मंदिरों में से एक है।

कैसे पहुंचें : वृन्दावन, सड़क और रेल मार्ग से पूरे देश से भलीभांति जुड़ा हुआ है। सबसे नजदीकी हवाई अड्डा खेरिया (आगरा) है जो यहां से 53 किमी दूर है।

HFT हिन्दी की एडिटर, मनमौजी, हठी लेकिन मेहनती..उड़ नही सकती लेकिन मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ने से कोई नहीं रोक सकता। अपने महिला होने पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है। लिखना मेरा शौक है। लिखने के अलावा बेटे के साथ गप्पे मारना और खेलना मुझे बेहद पसंद है।