भारत की खूबसूरती इसके खूबसूरत शहरों से है। कहीं खूबसूरत इमारतें, तो कहीं प्राकृतिक नज़ारे, तो कहीं मीलों तक फैले चाय के बागान। इसी खूबसरती से प्रेरित होकर हर साल हज़ारों सैलानी भारत में हॉलिडे मनाने आते हैं। जहां इसके हर राज्य की अपनी बोली अपनी खासियत है, वहीं दूसरी ओर यहां के कुछ ऐसे छोटे-छोटे शहर और गांव हैं, जो अपने नाम की वजह से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं। यदि आप चाहते हैं इनके बारे में जानना तो पढ़िए ये खबर।

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घबराइए मत, क्योंकि ये शहर का नाम है। ये देश का पहला ऐसा स्टेशन है, जिसका नाम इतना बड़ा है। ज़रा इसे बोल कर तो देखिये, क्या आप इस शहर का नाम ले सकते हैं या नहीं! ये आंध्र प्रदेश का एक छोटा सा शहर है, जहां आप इस नाम को रेलवे के पीले बोर्ड पर पढ़ सकते हैं। यदि आप कभी भारतीय रेलवे से आंध्र प्रदेश का सफर कर रहे हों, तो ये स्टेशन आपको ज़रूर दिखाई देगा।

बाढ़

बिहार भी बाढ़ की वजह से हर साल त्रस्त होता है

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जी बाढ़ यानी पानी से होनेवाली त्रासदी नहीं, बल्कि हम बात कर रहे हैं एक शहर की, जिसका नाम ही बाढ़ है। ये बिहार की राजधानी पटना का एक छोटा सा शहर है, जो अपने थर्मल पावर स्टेशन की वजह से जाना जाता है। वैसे बिहार भी बाढ़ की वजह से हर साल त्रस्त होता है, शायद इसलिए उन्होंने अपने शहर को इसका नाम दिया है।

पनौती

अरे भाई, हम किसी पनौती यानी विपत्ति की बात नहीं कर रहे। हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के ऐसे शहर की, जिसका नाम ही पनौती रख दिया गया है। चित्रकूट जिले के कार्वी क्षेत्र में पनौती गांव आता है। अब हमें ये तो नहीं मालूम कि इसका नाम पनौती क्यों रखा गया, लेकिन यदि आप यहां जाने का मन बनाएं, तो आपको कहना होगा कि आप पनौती में हैं।

भैंसा

यहां के लोग अपना परिचय कैसे देते होंगे, ‘नमस्ते हम भैंसा से हैं’!

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अब ये तो हद ही हो गई। कोई क्यों अपने शहर का नाम भैंसा रखेगा। वाह रे हमारा देश और यहां के दिलचस्प नागरिक। तेलंगाना के आदिलाबाद शहर के पास है भैंसा नगर, जिसका नाम आपको दो मिनट के लिए सोचने पर मजबूर कर देगा। ज़रा सोचिये, यहां के लोग अपना परिचय कैसे देते होंगे, ‘नमस्ते हम भैंसा से हैं’!

गधा

अब भैंसा तक तो ठीक था, पर गधा? अरे भाई बस भी करो। कोई अपने गांव का नाम गधा रखता है क्या! लेकिन उत्तर प्रदेश में साबरकांथा जिले में गांव है गधा, जहां के लोग इस नाम की वजह से लोगों के बीच चर्चित हैं। अब यहां रहनेवालों ने इसे ऐसा नाम क्यों दिया, ये तो नहीं जानते, लेकिन बाकी लोगों के लिए एक अच्छी खासी मसखरी की वजह बन गई है। बाकी लोग यहां के लोगों को कैसे बुलाते होंगे, ‘अरे ओ गधावासी’?

इसलिए भारत अपनी खूबसूरती के साथ-साथ अपने शहरों के दिलचस्प नामों की वजह से भी जाना जाता है।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणीप्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..