ट्रैक पर जाना किसे नहीं पसंद आता, आम तौर पर लोग अपना हॉलिडे एंजॉय करने के लिए ट्रेकिंग का रास्ता अपनाते हैं। खूबसूरत वादियों के बीच और कड़ी मेहनत करके अपने लक्ष्य की प्राप्ति करते हैं, इसके बाद उन्हें जो नज़ारा दिखाई देता है, वह किसी जन्नत से कम नहीं होता। जब बात हो हिमालयन ट्रेकिंग तो, कहने ही क्या। हिमालय की तलहटी में मौजूद चोटियां अपने आप में जन्नत के रास्ते से कम नहीं है। यदि आप इस हॉलिडे पर कुछ अलग हट कर प्लान कर रहे हैं, तो इस बार हिमाचल के पहाड़ों पर ट्रेकिंग करना आपके लिए बेहतरीन अनुभव होगा।

पिन पार्वती

इस ट्रैकिंग में जहां एक और और भरपूर जोखिम है, वहीं दूसरी ओर सुकून देने वाली शांति भी है

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पिन पार्वती ट्रैक एक ऐसा ट्रैक है, जो बेहद चैलेंजिंग माना जाता है। यह दर्रा अपने दुर्गम रास्तों के कारण जाना जाता है। इस ट्रैकिंग के रास्ते में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क भी पड़ता है, जिसके जंगली रास्ते और नदियों की तेज धार के बीच बिना किसी मदद के गुज़रना एक मुश्किल भरा काम है।साथ ही साथ ऊंचे पहाड़ी ग्लेशियरों का सामना भी यहां आपको करना पड़ता है। इस ट्रैकिंग में जहां एक और और भरपूर जोखिम है, वहीं दूसरी ओर सुकून देने वाली शांति भी है। यहां की शांति और सुंदरता आपके मन को सुकून से भर देती है, वहीं दूसरी ओर आपको ट्रेकिंग के दौरान एडवेंचर भी महसूस होता है। हिमालय के ये दो खूबसूरत रूप किसी भी ट्रैकर को यहां आसानी से दिखाई दे सकते हैं। इस दर्रे की ऊंचाई करीब 5319 मीटर है।

किन्नौर कैलाश पर्वत

इस पूरे ट्रैक में आपको कई गहरी घाटियां और पथरीले पहाड़ दिखाई देंगे

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किन्नौर कैलाश पर्वत यह हिमाचल प्रदेश के उत्तर-पूर्व हिस्से में मौजूद है।इस ट्रैकिंग के लिए आपको सबसे पहले शिमला से शुरुआत करके सांगला तक पहुंचना होगा। सांगला से थांगी जाकर आप ट्रैकिंग की शुरुआत कर सकते हैं। इस पूरे ट्रैक में आपको कई गहरी घाटियां और पथरीले पहाड़ दिखाई देंगे, जिसे बिना किसी सपोर्ट के पार करना आसान काम नहीं है।थांगी से छरंग ला पास तक पहुंच सकते हैं। इस ट्रैक के लिए आपको 7 दिन का समय लगता है। यहां भी आपको प्रकृति के खूबसूरत नजारे दिखाई देंगे, जिसे भूलना आसान नहीं है।

मनी महेश ट्रैक

हिमालय के पीर पंजाल रेंज के पास चंबा जिले में बसा है यह मनी महेश लेक

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मनी महेश एक ऐसा तालाब है, जिसे डक लेक के नाम से भी जाना जाता है। हिमालय के पीर पंजाल रेंज के पास चंबा जिले में बसा है यह मनी महेश लेक। यहां तक पहुंचने के लिए आपको ट्रैकिंग करनी होती है। इस ट्रैकिंग का रूट भानलौर-हड़सर से होकर जाता है, जिसके लिए 13 किलोमीटर लंबे रास्ते को तय करना पड़ता है। वहीं आप स्पीति या लाहौल से सी भी इस ट्रैकिंग को शुरू कर सकते हैं। इसलिए को इस ट्रैक को पूरा करने के लिए आपको 5 दिन का समय लगता है। यह लेक 4080 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है।

चन्द्रतल ट्रैक

यह लेक 2 किलोमीटर में फैला हुआ है

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चंद्रतल लेक ट्रेक अपने नाम की ही तरह चांद की ऊंचाइयों पर बसा है।चंद्रतल लेक की ऊंचाई 14,100 एक सौ मीटर की है, जिसे पूरा करने में चार दिनों का समय लगता है। यह स्पीति वैली के पास बसा हुआ है, जिसे पार करना चंद्रलोक की यात्रा करने की तरह है। प्रकृति की खूबसूरत वादियां और बींस के आकार का बना यह लेक 2 किलोमीटर में फैला हुआ है। यह पानी इतना साफ है कि इसमें नीले रंग की आभा को भी साफ़ देखा जा सकता है। यहां आप कैंप लगाकर खूबसूरत नजारों का आनंद भी ले सकते हैं। इस ट्रैक के लिए मई से अक्टूबर तक का टाइम बेहतर माना जाता है।

यदि आप प्रकृति और हिमालयी क्षेत्रों की खूबसूरती को निहारने को उत्सुक हों, तो आपको इन ट्रैक्स पर जाने का प्लान ज़रूर बनाना चाहिए।

मेरी आवाज़ ही पहचान है! संगीत मेरी कल्पना को पंख देता है.. किताबी कीड़ा, अडिग, जिद्दी, मां की दुलारी.. प्राणी प्रेम ऐसा कि लोग मुझे लगभग पागल समझते हैं! खाने के लिए जीनेवाली और हद दर्जे की बातूनी.. लेकिन मेरा लेखन आपको बोर नहीं करेगा..