गणेश चतुर्थी ‘विनायक चतुर्थी’ के नाम से भी जानी जाती है। ये गणेश उत्सव दस दिन का होता है। इस बार 13 सितंबर से शुरू होकर 22 सितंबर तक मनाया जायेगा। यह उत्सव महाराष्ट्र में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन अब दक्षिण भारत व उत्तर भारत में भी लोग बहुत ही धूमधाम से मानते है। लोग श्रद्धा से गणेश जी की मूर्ति की स्थापना अपने घर, गली, मोहल्ले में करते हैं और रोज उनकी पूजा, आरती व रंगारंग कार्यक्रमों से वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं। भारत में कुछ ऐसे शहर हैं जहां इस त्यौहार को बड़े ही शौक से मनाया जाता है और लोग दूर-दूर से यहां बप्पा के दर्शन करने आते हैं। आइए जानिए भारत के इन 5 शहरों के बारे में

स्वयंभू गणेश मंदिर

swayambhu ganesh mandir
गणपति का अर्थ होता है दिशाओं के पति, स्वामी। गणपति की अनुमति के बिना किसी भी देवता का कोई भी दिशा से आगमन नहीं हो सकता।

स्वयंभू गणेश मंदिर बहुत प्राचीन मंदिर में से एक है। ये मंदिर महाराष्ट्र में है। ये जो नाम है स्वयंभू जिसका मतलब होता है खुद से बना हुआ। यहां के लोगों को ऐसा मानना है कि यह मंदिर अपने आप ही बना है। यहां 5 दिनों तक गणेश चतुर्थी का त्यौहार बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया जाता है।

मुंबई

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मुंबई, ठाणे और आस-पास मौजूद कई गणपति मंदिर सौ या उससे भी अधिक प्राचीन हैं। भुलेश्वर और आस-पास मौजूद 157 के करीब मंदिरों मे सबसे अधिक मंदिर गणपति के ही हैं।

गणेश चतुर्थी मुंबई में मनाए जाने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। भारत में गणेश चतुर्थी हर जगह मनाई जाती है लेकिन मुंबई में गणेश चतुर्थी के मौके पर सबसे ज़्यादा चहल-पहल मुंबई में ही देखी जाती है। यहां लोग सिर्फ अपने घरों में ही गणेश जी की मूर्ति नहीं लाते बल्कि कई जगहों पर गणेश जी के बड़े-बड़े पंडाल लगे होते हैं। महाराष्ट्र का ये गणेश उत्सव का कार्यक्रम 10 दिनों तक चलता है। जिसमें लोग डेढ़ दिन, तीन , पांच, सात या दस दिन के बाद लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार मूर्ति का विसर्जन किया करते है। विसर्जन करने के पीछे मान्यता है कि जिस प्रकार मेहमान घर में आते हैं तो कुछ लेकर आते हैं इसी प्रकार भगवान को भी हम हर वर्ष अपने घर बुलाते हैं, वे घर में पधारते हैं तो ज़रूर सभी के लिए कुछ न कुछ लेकर आते हैं इस प्रकार घर में खुशहाली व सुख-समृद्धि कायम रहती है। गणेश विसर्जन के साथ ही इस त्योहार का अंत होता है। मुंबई के जाने माने पंडालों में मुंबई का लालबागचा राजा मंडल, मुम्बइचा राजा मंडल, खेतवाड़ी गनराज, जीएसबी सेवा गणेश मंडल और अधेंरिचा राजा सबसे ज़्यादा प्रसिद्ध है। इन बड़े -बड़े पंडालों को देखने के लिए लोग देश के अलग -अलग कोने से आते हैं।

पुणे

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मुंबई से पुणे सड़क मार्ग से जाने के लिए सिर्फ 3 घंटे लगते है

गणेश चतुर्थी को पूरे महाराष्ट्र में पूरे हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है और पुणे शहर भी इसमें पीछे नहीं है। पुणे में गणेशोत्सव का त्योहार पेशवाओं के समय से मनाया जा रहा है। कस्बा गणपति, तुलसी बाग गणपति, तोम्बडी जोगेश्वर गणपति और केसरीवाडा गणपति पुणे की मशहूर गणपति की मूर्तियां हैं। इसके अलावा दगडूशेठ हलवाई गणपति भी काफी फेमस है।

गणपति पूले

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गणेशजी के दो दांत हैं एक अखंड और दूसरा खंडित। अखंड दांत श्रद्धा का प्रतीक है और खंडित दांत है बुद्धि का प्रतीक

गणपति पूले महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में स्थित है जहां स्वयंभू गणपति मंदिर स्थित है। यहां का मंदिर इसलिए भी खास है क्योंकि यह देश के उन चुनिंदा गणपति मंदिरों में से एक है जहां मूर्ति का चेहरा पश्चिम की ओर है। 400 साल पुराना यह मंदिर यहां का प्रमुख आकर्षण केन्द्र भी है। इसके अलावा मंदिर के पीछे गणेश के आकार की पहाड़ी भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। यहां गणेश चतुर्थी पर खास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लोगों की ऐसा मान्यता है कि जो भी यहां इनके दर्शन करने आया गणपति बप्पा ने उसकी सभी मनोकामना पूरी की है।

दिवेआगर

diveagarदिवेआगर यह गांव महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित है। यह गांव उस समय चर्चा में आया जब एक 80 वर्षीय महिला को अपने खेतों में भगवान गणेश की सोने की मूर्ति मिली। तब से यहां भगवान गणेश का मंदिर मौजूद है। यहां हर साल गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इसके अलावा मंदिर के साथ में स्थित बीच भी पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है। हर साल कई टूरिस्ट यहां आते है गणेश उत्सव के दौरान और इन दिनों कुछ अलग ही रौनक देखने को मिलती है।

हैदराबाद

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मूर्ति बनाने में 150 कारीगर लगे हुए थे । मूर्ति बनाने का इन कारीगरों को 4 महीने लगे।

गणेश चतुर्थी का यह त्यौहार हैदराबाद में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। हैदराबाद के खैरताबाद उत्सव मंडल गणपति सबसे ज़्यादा लोकप्रिय है। यहां हर साल 57 फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रत‍िमा तैयार की जाती रही है। हैदराबाद में ये गणेश उत्सव 10 दिन का नहीं बल्कि पूरे 15 दिन का मनाया जाता है। पूरे 15 दिन बाद ही यहां भगवान का विसर्जन किया जाता है।

बेंगलुरु

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बेंगलुरु राज्य कर्नाटक की राजधानी है

बेंगलुरु वैसे तो बहुत ही शांत शहर में से एक है। य अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है लेकिन इस खूबसूरती में चार चांद और लग जाता है अब यहां शुरू हो जाता है गणेश चतुर्थी का उत्सव। इस उत्सव के मौके पर हर जगह रोशनी और चहल-पहल देखने को मिलती है। इस शहर में श्री जाम्बू गणपति मंदिर और अनंत नगर मंदिर बहुत फेमस हैं जहां गणेश उत्सव में भक्तों की भीड़ लगी रहती है लोग अलग -अलग शहर से आते हैं उनकी एक झलक देखने के लिए।

भारत के इन शहरों तक ही सिमित नहीं है गणेश पूजा अब महाराष्ट्र के अलावा केरल , आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा यहां तक की उत्तर प्रदेश, बिहार और कश्मीर में भी बहुत ही धूम धाम से बनता है ये गणेश उत्सव।इस गणेश उत्सव में सब भगत गणेश की पूजा अर्चना में मगन रहे और बप्पा भी सबके दुःख दर्द कम करें इसी सोच के साथ ‘गणपति बप्पा मोरया ‘ .

पहचान छोटी ही सही लेकिन अपनी खुद की होनी चाहिए। इसी सोच के साथ जीती हूँ।अपने सपनों को साकार करने की हिम्मत रखती हूं और ज़िन्दगी का स्वागत बड़े ही खुले दिल से करती हूँ। बाते और खाने की शौकीन हूँ । मेरी इस एनर्जी को चार्ज करती है, मेरे नन्ने बच्चे की खिलखिलाती मुस्कुराहट।